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आठ साल की बच्ची को अगवा करने की कोशिश, आरोपी धरा

Sun, 10 Mar 2019 11:30 PM IST
Prashant Singh Prashant Singh
Updated Sun, 10 Mar 2019 11:30 PM IST
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आठ साल की बच्ची को अगवा करने की कोशिश, आरोपी धरा
पीलीभीत। रिश्तेदार की शादी के बाद आयोजित की गई दावत में शामिल होने पहुंची आठ साल की बच्ची को भीड़ में शामिल हुए 60 वर्षीय वृद्ध ने अगवा करने की कोशिश की। वह बच्ची का मुंह दबाकर गोद में उठाकर चल दिया। करीब दो सौ मीटर की दूरी तक वह बच्ची को ले जाने में कामयाब भी हो गया, लेकिन अचानक घर की तरफ से आ रहे चाचा की नजर पड़ गई। जिसके बाद आरोपी को पकड़कर पुलिस के सुपुर्द कर दिया। घटना के चलते क्षेत्र में हड़कंप मचा रहा।
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बरखेड़ा कस्बे के एक मोहल्ले निवासी व्यक्ति ने बताया कि वह मजदूरी करते हैं। उनके भतीजे की दो दिन पहले शादी हुई है। इसको लेकर एक दावत शनिवार रात मोहल्ले के ही रिटायर्ड शिक्षक के खाली प्लाट पर आयोजित की गई थी। इसमें मेहमान खाना खा रहे थे। गाना-बजाना भी चल रहा था। पीड़ित की आठ वर्षीय पुत्री जनरेटर के पास रखी कुर्सी पर बैठी हुई थी। इस बीच एक 60 वर्षीय अज्ञात व्यक्ति आया और बालिका के पैरों के पास 500 का नोट गिरा दिया। आरोपी जब नोट उठाने लगा तो बालिका कुर्सी से उठ गई। बच्ची कुछ समझ पाती, इससे पहले ही आरोपी ने बच्ची का मुंह हाथ से दबा दिया और गोद में उठाकर चला गया। दावत स्थल से करीब दो सौ मीटर की दूरी पर पहुंचते ही घर से समारोह की ओर आ रहे युवक के छोटे भाई की नजर बच्ची पर पड़ी। इधर, बच्ची भी चाचा को देखकर चीखने-चिल्लाने लगी। जिसके बाद चाचा ने आरोपी को पकड़ लिया। शोर पर आसपास के काफी लोग जमा हो गए। आरोपी की पहले मौके पर ही पिटाई की गई। इसके बाद थाने ले जाकर पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने परिजनों से पूरे मामले की जानकारी की। काफी देर चली पूछताछ के बाद आरोपी ने अपना नाम बस्ती जिले के बिलगांव निवासी बताया है।
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आरोपी मानसिक मंदित या फिर कर रहा गुमराह
परिजनों द्वारा पुलिस के सुपुर्द किए गए आरोपी से घंटों चली पूछताछ के बाद भी पुलिस पूरी घटना को स्पष्ट करने में कामयाब नहीं हो सकी है। बच्ची को भीड़ के बीच से अगवा कर ले जाने के पीछे उसका मकसद क्या था? इसको लेकर सवाल बरकरार है। साथ ही उसकी हरकतों को देख पुलिस भी उलझ कर रह गई है। वह कभी खुद पर लगे आरोपों को नकार रहा है। कभी पूछने पर हंसने लगता है। ऐसे में सवाल ये उठ रहे हैं कि वह मानसिक मंदित है, या फिर नशेड़ी? कहीं ऐसा तो नहीं कि पकड़े जाने के बाद वह बचने के लिए पुलिस को गुमराह करने की कोशिश कर रहा हो।
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सही वक्त पर पहुंच गए चाचा, वरना हो जाती कोई अनहोनी
समारोह के बीच से आरोपी बड़ी आसानी से बच्ची को अगवा कर ले गया। भीड़ होने के बाद भी किसी की नजर उस पर नहीं पड़ी। बच्ची के साथ वह क्या करता, इसकी भले स्थिति स्पष्ट न हो सकी हो, लेकिन यह कहना गलत नहीं होगा कि अगर चाचा के आने में देरी हो जाती तो कोई अनहोनी हो सकती थी।

शनिवार रात करीब 11 बजे आरोपी को बच्ची के परिवार वाले पुलिस के हवाले कर गए थे। उनसे कार्रवाई के लिए तहरीर मांगी गई थी। इस पर रविवार दोपहर को बच्ची के पिता थाने आए थे, लेकिन उन्होंने तहरीर देने और कानूनी कार्रवाई से साफ इंकार कर दिया है। आरोपी पुलिस हिरासत में है और मानसिक मंदित प्रतीत हो रहा है। अब अग्रिम कार्रवाई के लिए अफसरों से बातचीत की जाएगी। - एसके उपाध्याय, इंस्पेक्टर बरखेड़ा
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