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बुजुर्ग के अपहरणकर्ता को तलाशने आई बनारस पुलिस, घंटों चली गुपचुप कार्रवाई

Sun, 10 Feb 2019 09:46 PM IST
Prashant Singh Prashant Singh
Updated Sun, 10 Feb 2019 09:46 PM IST
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बुजुर्ग के अपहरणकर्ता को तलाशने आई बनारस पुलिस, घंटों चली गुपचुप कार्रवाई
पीलीभीत। 75 वर्षीय बुजुर्ग को अगवा करने के मामले में आरोपी की धरपकड़ करने के लिए बनारस जिले की चौक थाने की पुलिस ने शहर में छापामारी की। कथित आरोपी के परिवार वालों हिरासत में लेकर सुनगढ़ी थाने में घंटों पूछताछ की गई। हालांकि न तो आरोपी मिल सका, न ही बुजुर्ग के बारे में कोई सुराग। इसके बाद पुलिस हिरासत में लिए गए लोगों को चेतावनी देकर छोड़ वापस लौट गई। गैरजनपद से आई पुलिस टीम की छापामारी से हड़कंप मचा रहा। कोई सीबीआई का छापा, तो कोई एसटीएफ की छापामारी बताता रहा।
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एसएसआई सुनगढ़ी पुष्कर सिंह ने बताया कि बनारस के चौक थाने में 30 जनवरी को विश्वनाथ गली के निवासी पीड़ित राहुल पांडे अपहरण की एक रिपोर्ट दर्ज की गई है। इसके अनुसार राहुल पांडे मुंबई में रहकर प्राइवेट नौकरी करते हैं। उनके 75 वर्षीय बुजुर्ग पिता मदमाकर पांडे परिवार समेत बनारस में रहते हैं। पीलीभीत के रहने वाले एक व्यक्ति ने मनीष नाम से अपनी फेसबुक आईडी बना रखी है। उससे पदमाकर पांडे की फेसबुक पर दोस्ती हो गई। बातचीत के दौरान दोनों में मधुर संबंध हो गए। इसपर आरोपी का घर आना-जाना हो गया। 20 जनवरी को आरोपी बनारस आया और तीन दिन तक पिता के पास रूका। यहां उसने पिता पदमाकर पांडे की बीमारी का इलाज कराने की बात कही। 25 जनवरी को आरोपी बुजुर्ग पदमाकर पांडे को लखनऊ में इलाज कराने ले जाने की बात कहकर घर से साथ ले गया। उनकी फोन पर आरोपी और पिता दोनों से बातचीत होती रही। 30 जनवरी को एक अंजान नंबर से कॉल आई, जिसमें राहुल पांडे को बताया गया कि उनके पिता हरदोई के एक अस्पताल में भर्ती हैं। उनकी तबीयत काफी ज्यादा बिगड़ गई है। बताए पते के अनुसार वह हरदोई के एक अस्पताल में पहुंचे, वहां पर कोई नहीं था। इसके बाद कोई संपर्क न होने पर उन्होंने रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। अब सर्विलांस के जरिए फेसबुक एकाउंट की पड़ताल की गई तो आरोपी पीलीभीत का निकला। इसको लेकर शनिवार को बनारस के चौक थाने की पुलिस एसआई राकेश सिंह के नेतृत्व में आई और छापामारी की गई। फेसबुक पर लिखा आरोपी का नाम मनीष भी गलत निकला है। उसका असली नाम बस्ती राम राइस मिल कॉलोनी निवासी सुनील शर्मा है। उसके फोटो देखने के बाद पहचान भी हो गई है। बनारस पुलिस ने आरोपी के परिवार से पूछताछ की है। आरोपी नहीं मिल सका है, न ही बुजुर्ग की लोकेशन मिली है। पूछताछ के बाद बनारस पुलिस वापस चली गई है। वह यहां से किसी को हिरासत में लेकर नहीं गई है।
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