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तराई के रास्ते पर दिन में तीन घंटे नहीं होगा आवागमन
Updated Wed, 29 Nov 2017 07:48 PM IST
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वन विभाग ने बाघ की बढ़ी चहलकदमी को देख लगाया बैरियर
पूरनपुर/गुलाबटांडा। बराही जंगल से निकले रास्ते से लोग अब दिन में 11 बजे से दो बजे और शाम को छह बजे से सुबह छह बजे नहीं निकल सकेंगे। वजह वन विभाग ने रास्ते पर बैरियर लगा दिया है। बैरियर लगाने की वजह वन विभाग के अफसर रास्ते पर बाघ की चहल-कदमी बढ़ना बता रहे हैं।
पूरनपुर से गांव मुझा होते हुए बराही जंगल रास्ते से तराई के लिए रास्ता है। गांव मुझा के बाद कच्चे रास्ते से तराई क्षेत्र के गांव मैनीगुलड़िया, सिमरा, राजपुर, मझारा, धुरिया पलिया, वीरखेड़ा, चूका बाजार को रास्ता गया है। रास्ते से उक्त गांव के लोगों का तहसील मुख्यालय आवागमन होता है। कई गांव तक आवागमन को सीधा रास्ता होने से खासी भीड़ रहती है। इसी रास्ते पर बराही जंगल में 23 नवंबर को बाघ ने बाइक सवार गांव पताबोझी निवासी भगवानदीन और लालजीत पर छलांग लगा दी थी। इससे बाइक सवार घायल हो गए थे। बाघ की रास्ते पर पिछले कई दिनों से हो रही चहलकदमी पर वन विभाग ने रास्ते पर आवागमन कम करने को बैरियर लगा दिए हैं। अब इस रास्ते से शाम छह बजे से सुबह छह बजे और अपराह्न 11 बजे से दो बजे तक आवागमन नहीं हो सकेगा। रास्ते से आवागमन रोकने को लेकर क्षेत्र के लोगों में रोष है।
बराही जंगल होते हुए निकलने वाले इस रास्ते पर पिछले कई दिनों से बाघ की चहल-कदमी की लोकेशन मिल रही है। पिछले दिनों बाघ के रास्ते पर छलांग लगाने से बाइक सवार दो लोग घायल भी हुए थे। बाघ और मानव की सुरक्षा को लेकर रास्ते पर बैरियर लगाए गए हैं। अब रास्ते पर शाम को छह बजे से सुबह छह बजे और दोपहर में 11 बजे से दो बजे तक आवागमन बंद किया गया है।
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- अनिल शाह, रेंजर बराही
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पूरनपुर/गुलाबटांडा। बराही जंगल से निकले रास्ते से लोग अब दिन में 11 बजे से दो बजे और शाम को छह बजे से सुबह छह बजे नहीं निकल सकेंगे। वजह वन विभाग ने रास्ते पर बैरियर लगा दिया है। बैरियर लगाने की वजह वन विभाग के अफसर रास्ते पर बाघ की चहल-कदमी बढ़ना बता रहे हैं।
पूरनपुर से गांव मुझा होते हुए बराही जंगल रास्ते से तराई के लिए रास्ता है। गांव मुझा के बाद कच्चे रास्ते से तराई क्षेत्र के गांव मैनीगुलड़िया, सिमरा, राजपुर, मझारा, धुरिया पलिया, वीरखेड़ा, चूका बाजार को रास्ता गया है। रास्ते से उक्त गांव के लोगों का तहसील मुख्यालय आवागमन होता है। कई गांव तक आवागमन को सीधा रास्ता होने से खासी भीड़ रहती है। इसी रास्ते पर बराही जंगल में 23 नवंबर को बाघ ने बाइक सवार गांव पताबोझी निवासी भगवानदीन और लालजीत पर छलांग लगा दी थी। इससे बाइक सवार घायल हो गए थे। बाघ की रास्ते पर पिछले कई दिनों से हो रही चहलकदमी पर वन विभाग ने रास्ते पर आवागमन कम करने को बैरियर लगा दिए हैं। अब इस रास्ते से शाम छह बजे से सुबह छह बजे और अपराह्न 11 बजे से दो बजे तक आवागमन नहीं हो सकेगा। रास्ते से आवागमन रोकने को लेकर क्षेत्र के लोगों में रोष है।
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बराही जंगल होते हुए निकलने वाले इस रास्ते पर पिछले कई दिनों से बाघ की चहल-कदमी की लोकेशन मिल रही है। पिछले दिनों बाघ के रास्ते पर छलांग लगाने से बाइक सवार दो लोग घायल भी हुए थे। बाघ और मानव की सुरक्षा को लेकर रास्ते पर बैरियर लगाए गए हैं। अब रास्ते पर शाम को छह बजे से सुबह छह बजे और दोपहर में 11 बजे से दो बजे तक आवागमन बंद किया गया है।
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- अनिल शाह, रेंजर बराही