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वन विभाग के गेटमैन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत
Updated Mon, 06 Nov 2017 06:55 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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माधोटांडा/ जमुनिया। वन विभाग के मथना जब्ती बैरियर पर तैनात गेटमैन 45 वर्षीय ओमप्रकाश की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। उनका शव बैरियर से सौ मीटर की दूरी पर लहूलुहान हालत में पड़ा मिला। पुलिस सड़क हादसे में मरने की बात कह रही है, जबकि परिवार वाले हत्या की आशंका जाहिर कर रहे हैं।
न्यूरिया थाना क्षेत्र के सैजनी बनकटी निवासी ओमप्रकाश पुत्र नैनसुख वन विभाग के मथना जब्ती बैरियर पर गेटमैन थे। सोमवार सुबह उसका शव बैरियर के सौ मीटर की दूरी पर लहूलुहान हालत में पड़ा मिला। मृतक के सिर पर चोट लगी हुई थी, कुछ ही दूर पर मृतक की लाल टॉर्च पड़ी थी। ग्रामीणों से शव की सूचना मिलने पर एसएचओ इंद्र सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। मौका मुआयना कर मामले की जानकारी जुटाई। उधर परिवार वाले भी आ गए। शव देख परिवार वालों ने हत्या की आशंका जाहिर की है, जबकि पुलिस गेटमैन की मौत को एक सिरे से सड़क हादसा करार देने में जुटी रही। बाद में परिवार को आश्वासन देकर हादसे की तहरीर ली गई। एसएचओ इंद्र सिंह ने बताया कि मौका मुआयना करने के दौरान मामला सड़क हादसा प्रतीत हो रहा है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिवार वालों से मिली तहरीर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है।
एक घंटा परिवार को समझाने में लगे रहे पुलिस, वन अफसर
पीलीभीत। दो साल से दैनिक वेतन भोगी के तौर पर वन विभाग में गेटमैन पद पर काम कर रहे ओमप्रकाश की मौत के बाद परिवार वालों की ओर से हत्या की आशंका जताई जाने लगी। मौजूदा लोग भी शव देख इसी ओर इशारा करते रहे। जबकि पुलिस शुरूआत से ही वारदात को हादसा करार देने में जुटी थी।
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शव के सिर के अलावा किसी भी जगह पर कोई चोट या खरोंच न होने, कपड़े सही सलामत होने, घास के आसपास किसी वाहन के टायर के निशान न मिलने आदि कई सवालों को लेकर हत्या की आशंका जाहिर की जा रही थी। मौके पर पहुंची मृतक की पत्नी ओमश्री सहित अन्य परिवार के लोग भी घटना को हादसा मानने को तैयार नहीं थे। ऐसे में उनको हादसे को लेकर मनाने का क्रम शुरू हो गया। एसएचओ इंद्र सिंह ही नहीं मौके पर पहुंचे वन विभाग के डीएफओ कैलाश प्रकाश ने भी पूरे मामले को हादसा बताया। हत्या की बात कह कार्रवाई की मांग कर रहे परिवार वालों को शांत कराने की कोशिश की जाती रही। एक घंटे की मशक्कत के बाद हर पहलू पर निष्पक्ष जांच करने और हरसंभव मदद का आश्वासन देकर गमगीन परिवार को शांत कराने में वन अफसर और पुलिस सफल हो गई। हालांकि मौका ए वारदात को लेकर उठाए गए किसी सवाल का जवाब कोई नहीं दे सका।
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न्यूरिया थाना क्षेत्र के सैजनी बनकटी निवासी ओमप्रकाश पुत्र नैनसुख वन विभाग के मथना जब्ती बैरियर पर गेटमैन थे। सोमवार सुबह उसका शव बैरियर के सौ मीटर की दूरी पर लहूलुहान हालत में पड़ा मिला। मृतक के सिर पर चोट लगी हुई थी, कुछ ही दूर पर मृतक की लाल टॉर्च पड़ी थी। ग्रामीणों से शव की सूचना मिलने पर एसएचओ इंद्र सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। मौका मुआयना कर मामले की जानकारी जुटाई। उधर परिवार वाले भी आ गए। शव देख परिवार वालों ने हत्या की आशंका जाहिर की है, जबकि पुलिस गेटमैन की मौत को एक सिरे से सड़क हादसा करार देने में जुटी रही। बाद में परिवार को आश्वासन देकर हादसे की तहरीर ली गई। एसएचओ इंद्र सिंह ने बताया कि मौका मुआयना करने के दौरान मामला सड़क हादसा प्रतीत हो रहा है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिवार वालों से मिली तहरीर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है।
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एक घंटा परिवार को समझाने में लगे रहे पुलिस, वन अफसर
पीलीभीत। दो साल से दैनिक वेतन भोगी के तौर पर वन विभाग में गेटमैन पद पर काम कर रहे ओमप्रकाश की मौत के बाद परिवार वालों की ओर से हत्या की आशंका जताई जाने लगी। मौजूदा लोग भी शव देख इसी ओर इशारा करते रहे। जबकि पुलिस शुरूआत से ही वारदात को हादसा करार देने में जुटी थी।
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शव के सिर के अलावा किसी भी जगह पर कोई चोट या खरोंच न होने, कपड़े सही सलामत होने, घास के आसपास किसी वाहन के टायर के निशान न मिलने आदि कई सवालों को लेकर हत्या की आशंका जाहिर की जा रही थी। मौके पर पहुंची मृतक की पत्नी ओमश्री सहित अन्य परिवार के लोग भी घटना को हादसा मानने को तैयार नहीं थे। ऐसे में उनको हादसे को लेकर मनाने का क्रम शुरू हो गया। एसएचओ इंद्र सिंह ही नहीं मौके पर पहुंचे वन विभाग के डीएफओ कैलाश प्रकाश ने भी पूरे मामले को हादसा बताया। हत्या की बात कह कार्रवाई की मांग कर रहे परिवार वालों को शांत कराने की कोशिश की जाती रही। एक घंटे की मशक्कत के बाद हर पहलू पर निष्पक्ष जांच करने और हरसंभव मदद का आश्वासन देकर गमगीन परिवार को शांत कराने में वन अफसर और पुलिस सफल हो गई। हालांकि मौका ए वारदात को लेकर उठाए गए किसी सवाल का जवाब कोई नहीं दे सका।