{"_id":"5b61feac4f1c1ba13e8b491a","slug":"51533148844-pilibhit-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बैंककर्मियों की मिलीभगत से की लाखों की ठगी, तीन गिरफ्तार","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
बैंककर्मियों की मिलीभगत से की लाखों की ठगी, तीन गिरफ्तार
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,पीलीभीत
Updated Thu, 02 Aug 2018 12:39 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बैंक कर्मियों की मिलीभगत से लाखों रुपये की ठगी करने वाले अंतर जनपदीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन जालसाजों को गिरफ्तार किया गया है। तलाश में इनके पास से फर्जी आधार कार्ड, माइक्रो एटीएम मशीन भी मिली है। पूछताछ के बाद पकड़े आरोपियों को जेल भेज दिया गया। इस मामले में पुलिस ने जालसाजों से साठगांठ रखने वाले बैंक कर्मचारियों का भी पता लगाया जा रहा है।
बुधवार को पुलिस लाइन सभागार में एसपी बालेंदु भूषण सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस कर घटना का खुलासा करते हुए बताया कि सीओ सिटी धर्म सिंह मार्छाल के नेतृत्व में सुनगढ़ी पुलिस व स्वॉट टीम को सूचना मिली थी कि विभिन्न जिलों के ग्रामीण बैंक ऑफ बड़ौदा के कर्मचारियों से सांठगांठ कर उपभोक्ताओं को लाखों रुपये का चूना लगाने वाला एक गिरोह पिछले कई दिनों से सक्रिय है। जानकारी के बाद पुलिस पड़ताल में जुट गई। मंगलवार शाम मुखबिर से मिली सूचना पर सुनगढ़ी एसओ मोहम्मद कासिम, स्वाट टीम प्रभारी नरेंद्र यादव ने पुलिस फोर्स के ईदगाह चौराहे से गिरोह के तीन सदस्यों को पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपियों में बरेली के रिठौरा का निवासी मोहम्मद रिजवान, नवाबगंज के क्योलड़िया थाना क्षेत्र के युनूस व सुनगढी थाना क्षेत्र का मोहम्मद अकील है। पूछताछ में पता चला है कि इनके एक दर्जन साथियों का गिरोह बरेली, पीलीभीत व बदायूं में सक्रिय है। अब पुलिस अन्य सदस्यों की धरपकड़ की योजना बना रही है।
बैंक कर्मचारियों से मिलकर करते थे धोखाधड़ी
पूरे मामले की पड़ताल में पुलिस के सामने चौंकाने वाले तथ्य भी सामने आए है। पकड़े आरोपियों ने बताया कि वह ग्रामीण बैंक ऑफ बड़ौदा के कर्मचारियों से साठगांठ कर उन लोगों की लिस्ट निकलवाते थे, जिनका खाता आधार से लिंक नहीं होता था। इसके बाद गिरोह के सदस्य बैंक उपभोक्ता के नाम का फर्जी आधार कार्ड बनाकर अपने आधार नंबर से खाते को लिंक कराने के बाद माइक्रो मशीन पर अंगूठा लगाकर उपभोक्ता के खाते से रकम निकाल लेते थे।
विज्ञापन
रिजवान के पास थी ग्रामीण बड़ौदा बैंक की फ्रेंचाइजी
पकड़े आरोपी रिजवान ने ग्राहक सेवा केंद्र के माध्यम से आईडीएफसी बैंक नोएडा व ग्रामीण बड़ौदा बैंक की फ्रेंचाइजी ले रखी थी। इसके चलते बैंक द्वारा रिजवान को माइक्रो एटीएम मशीन उपलब्ध कराई गई। सुनगढ़ी एसओ मोहम्मद कासिम ने बताया कि खाता आधार से लिंक होने के बाद माइक्रो एटीएम मशीन पर अंगूठा लगाकर एक बार एक उपभोक्ता के खाते से दस हजार रुपये निकल लिए जाते थे। पता लगा है कि यह लोग अब तक करीब चार लाख रुपये का ट्रांजेक्शन माइक्रो एटीएम मशीन से कर चुके हैं।
गिरफ्तार करने वाली टीम
सुनगढ़ी एसओ मोहम्मद कासिम, स्वॉट टीम प्रभारी नरेंद्र यादव, एसएसआई सुनगढ़ी सुधीर कुमार सिंह, संजय कुमार यादव, सिपाही कपिल कुमार, सुनील कुमार राजेश कुमार, धर्मेंद्र सिंह आदि को एसपी ने दस हजार से पुरस्कृत किया है।
विज्ञापन
बुधवार को पुलिस लाइन सभागार में एसपी बालेंदु भूषण सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस कर घटना का खुलासा करते हुए बताया कि सीओ सिटी धर्म सिंह मार्छाल के नेतृत्व में सुनगढ़ी पुलिस व स्वॉट टीम को सूचना मिली थी कि विभिन्न जिलों के ग्रामीण बैंक ऑफ बड़ौदा के कर्मचारियों से सांठगांठ कर उपभोक्ताओं को लाखों रुपये का चूना लगाने वाला एक गिरोह पिछले कई दिनों से सक्रिय है। जानकारी के बाद पुलिस पड़ताल में जुट गई। मंगलवार शाम मुखबिर से मिली सूचना पर सुनगढ़ी एसओ मोहम्मद कासिम, स्वाट टीम प्रभारी नरेंद्र यादव ने पुलिस फोर्स के ईदगाह चौराहे से गिरोह के तीन सदस्यों को पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपियों में बरेली के रिठौरा का निवासी मोहम्मद रिजवान, नवाबगंज के क्योलड़िया थाना क्षेत्र के युनूस व सुनगढी थाना क्षेत्र का मोहम्मद अकील है। पूछताछ में पता चला है कि इनके एक दर्जन साथियों का गिरोह बरेली, पीलीभीत व बदायूं में सक्रिय है। अब पुलिस अन्य सदस्यों की धरपकड़ की योजना बना रही है।
विज्ञापन
बैंक कर्मचारियों से मिलकर करते थे धोखाधड़ी
पूरे मामले की पड़ताल में पुलिस के सामने चौंकाने वाले तथ्य भी सामने आए है। पकड़े आरोपियों ने बताया कि वह ग्रामीण बैंक ऑफ बड़ौदा के कर्मचारियों से साठगांठ कर उन लोगों की लिस्ट निकलवाते थे, जिनका खाता आधार से लिंक नहीं होता था। इसके बाद गिरोह के सदस्य बैंक उपभोक्ता के नाम का फर्जी आधार कार्ड बनाकर अपने आधार नंबर से खाते को लिंक कराने के बाद माइक्रो मशीन पर अंगूठा लगाकर उपभोक्ता के खाते से रकम निकाल लेते थे।
विज्ञापन
रिजवान के पास थी ग्रामीण बड़ौदा बैंक की फ्रेंचाइजी
पकड़े आरोपी रिजवान ने ग्राहक सेवा केंद्र के माध्यम से आईडीएफसी बैंक नोएडा व ग्रामीण बड़ौदा बैंक की फ्रेंचाइजी ले रखी थी। इसके चलते बैंक द्वारा रिजवान को माइक्रो एटीएम मशीन उपलब्ध कराई गई। सुनगढ़ी एसओ मोहम्मद कासिम ने बताया कि खाता आधार से लिंक होने के बाद माइक्रो एटीएम मशीन पर अंगूठा लगाकर एक बार एक उपभोक्ता के खाते से दस हजार रुपये निकल लिए जाते थे। पता लगा है कि यह लोग अब तक करीब चार लाख रुपये का ट्रांजेक्शन माइक्रो एटीएम मशीन से कर चुके हैं।
गिरफ्तार करने वाली टीम
सुनगढ़ी एसओ मोहम्मद कासिम, स्वॉट टीम प्रभारी नरेंद्र यादव, एसएसआई सुनगढ़ी सुधीर कुमार सिंह, संजय कुमार यादव, सिपाही कपिल कुमार, सुनील कुमार राजेश कुमार, धर्मेंद्र सिंह आदि को एसपी ने दस हजार से पुरस्कृत किया है।