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जांच के नाम पर मातहतों की लापरवाही टाल रहे अफसर!
Updated Fri, 04 Aug 2017 05:24 PM IST
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पीलीभीत। आठ साल के बच्चे की गर्दन पर चाकू रखकर धार्मिक नारा बुलवाने की अफवाह फैलाने के मामले में पुलिस अधिकारी संजीदा नहीं हो सके है। तीन दिन बाद भी प्रकरण को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की जा सकी है। महिला सिपाही, डायल 100 और खकरा चौकी पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठने के बावजूद अब तक कोई जांच नहीं कराई जा सकी है।
महिला सिपाही हिना अब्बास ने मंगलवार रात शहर के एक बारात घर के बाहर आकर लोगों को बताया था कि उसे सूचना दी गई है कि कुछ लोग एक आठ साल के बच्चे की गर्दन पर चाकू रखकर धार्मिक नारा बुलवाने की कोशिश कर रहे है। मौके पर पहुंची खकरा चौकी और यूपी 100 पुलिस पर भी महिला सिपाही ने औपचारिकता निभाकर लौटने का आरोप लगाया। उधर महिला सिपाही पर भी अफवाह फैलाने का आरोप लगा। क्षेत्र के लोगों की सूझबूझ से माहौल सामान्य हो सका था। पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद भी अफसर इसको लेकर अनभिज्ञता जाहिर करते रहे। इसके बाद मामला संज्ञान में आने पर साख बचाने के लिए जांच कर कार्रवाई करने की बात कही गई, लेकिन तीन दिन बीतने के बाद भी पुलिस अधिकारी इसको लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं कर सके है। अफवाह फैलाने और लापरवाही के आरोप में घिरे पुलिस कर्मियों को अभयदान दे दिया गया। सूचना देने वाली महिला सिपाही खुद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर चुकी है। इसके बावजूद अधिकारी पूरे प्रकरण को नजर अंदाज करने में जुटे हैं। आखिर उस दिन की हकीकत का पता लगाने की जहमत नहीं उठाई गई। महिला सिपाही को मिली सूचना में धार्मिक नारा लगवाए जाने की बात का जिक्र नहीं है। फिर बाद में लोगों को धार्मिक नारा लगवाए जाने की बात क्यों कही गई? आखिर बारात घर के बाहर क्या विवाद हुआ था? इन सवालों जवाब अभी तक अधिकारी नहीं तलाश सके है।
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महिला सिपाही हिना अब्बास ने मंगलवार रात शहर के एक बारात घर के बाहर आकर लोगों को बताया था कि उसे सूचना दी गई है कि कुछ लोग एक आठ साल के बच्चे की गर्दन पर चाकू रखकर धार्मिक नारा बुलवाने की कोशिश कर रहे है। मौके पर पहुंची खकरा चौकी और यूपी 100 पुलिस पर भी महिला सिपाही ने औपचारिकता निभाकर लौटने का आरोप लगाया। उधर महिला सिपाही पर भी अफवाह फैलाने का आरोप लगा। क्षेत्र के लोगों की सूझबूझ से माहौल सामान्य हो सका था। पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद भी अफसर इसको लेकर अनभिज्ञता जाहिर करते रहे। इसके बाद मामला संज्ञान में आने पर साख बचाने के लिए जांच कर कार्रवाई करने की बात कही गई, लेकिन तीन दिन बीतने के बाद भी पुलिस अधिकारी इसको लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं कर सके है। अफवाह फैलाने और लापरवाही के आरोप में घिरे पुलिस कर्मियों को अभयदान दे दिया गया। सूचना देने वाली महिला सिपाही खुद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर चुकी है। इसके बावजूद अधिकारी पूरे प्रकरण को नजर अंदाज करने में जुटे हैं। आखिर उस दिन की हकीकत का पता लगाने की जहमत नहीं उठाई गई। महिला सिपाही को मिली सूचना में धार्मिक नारा लगवाए जाने की बात का जिक्र नहीं है। फिर बाद में लोगों को धार्मिक नारा लगवाए जाने की बात क्यों कही गई? आखिर बारात घर के बाहर क्या विवाद हुआ था? इन सवालों जवाब अभी तक अधिकारी नहीं तलाश सके है।
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