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दामाद की हत्या के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज
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पीलीभीत। दामाद की जहर देकर हत्या करने के आरोपी ससुर की जमानत अर्जी जिला एवं सत्र न्यायाधीश बीएस पटेल ने शुक्रवार को सुनवाई के बाद खारिज कर दी।
पूरनपुर कोतवाली में 14 अक्टूबर 2018 को पूरन सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार पूरन सिंह के पुत्र मुकेश सिंह का विवाह करीब छह साल पहले गांव मुझाकलां निवासी लल्लू सिंह की पुत्री सीमा देवी से हुआ था। मुकेश के एक पुत्र है। सीमा करीब ढाई साल से अपने मायके में रह रही थी। आरोप है कि सीमा और उसकी मां दुलारी देवी के अन्य लोगों से नजदीकी संबंधों थे। इसी कारण सीमा ससुराल नहीं आना चाहती थी। 11 अक्तूबर 2018 को मुकेश सिंह पत्नी सीमा को लेने अपनी ससुराल गया था। वहां उसे सीमा और उसके माता-पिता ने जहर खिला दिया। 13 अक्तूबर 2018 को इलाज के दौरान मुकेश की मौत हो गई। पुलिस ने विवेचना के बाद सीमा और उसके माता-पिता के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। लल्लू सिंह की ओर से जमानत अर्जी दाखिल की गई, जिस पर बचाव पक्ष ने कहा कि मुकेश सिंह की मौत अत्यधिक जहरीली शराब पीने से हुई है। राज्य सरकार की ओर से शासकीय अधिवक्ता धीरेंद्र मिश्र ने तर्क दिया कि पोस्टमार्टम के दौरान विसरा सुरक्षित किया गया था। विसरा की रासायनिक जांच में विधि विज्ञान प्रयोगशाला की आख्या के अनुसार जहर पाया गया है। मामला गंभीर प्रकृति का है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश बीएस पटेल ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामला गंभीर पाकर लल्लू सिंह की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
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पूरनपुर कोतवाली में 14 अक्टूबर 2018 को पूरन सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार पूरन सिंह के पुत्र मुकेश सिंह का विवाह करीब छह साल पहले गांव मुझाकलां निवासी लल्लू सिंह की पुत्री सीमा देवी से हुआ था। मुकेश के एक पुत्र है। सीमा करीब ढाई साल से अपने मायके में रह रही थी। आरोप है कि सीमा और उसकी मां दुलारी देवी के अन्य लोगों से नजदीकी संबंधों थे। इसी कारण सीमा ससुराल नहीं आना चाहती थी। 11 अक्तूबर 2018 को मुकेश सिंह पत्नी सीमा को लेने अपनी ससुराल गया था। वहां उसे सीमा और उसके माता-पिता ने जहर खिला दिया। 13 अक्तूबर 2018 को इलाज के दौरान मुकेश की मौत हो गई। पुलिस ने विवेचना के बाद सीमा और उसके माता-पिता के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। लल्लू सिंह की ओर से जमानत अर्जी दाखिल की गई, जिस पर बचाव पक्ष ने कहा कि मुकेश सिंह की मौत अत्यधिक जहरीली शराब पीने से हुई है। राज्य सरकार की ओर से शासकीय अधिवक्ता धीरेंद्र मिश्र ने तर्क दिया कि पोस्टमार्टम के दौरान विसरा सुरक्षित किया गया था। विसरा की रासायनिक जांच में विधि विज्ञान प्रयोगशाला की आख्या के अनुसार जहर पाया गया है। मामला गंभीर प्रकृति का है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश बीएस पटेल ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामला गंभीर पाकर लल्लू सिंह की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।