अमरिया (पीलीभीत)। एक शराब युवक ने अमरिया के धार्मिक स्थल में घुसकर मूर्तियां क्षतिग्रस्त की थीं। थाना पुलिस ने सर्विलांस टीम की मदद से आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद घटना का खुलासा कर दिया। आरोपी धार्मिक स्थल से महज सौ मीटर की दूरी पर रहता है, जिसे मंगलवार को जेल भेज दिया गया। पुलिस के मुताबिक युवक ने वारदात को अंजाम केवल इसलिए दिया कि उसके आवाज देने पर पुजारी ने दरवाजा नहीं खोला था। रविवार रात अमरिया कस्बे में साप्ताहिक बाजार के पास स्थित धार्मिक स्थल की मूर्तियां क्षतिग्रस्त कर खाली प्लाट में फेंक दी थीं। सोमवार सुबह पुजारी छेदालाल मूर्तियां टूटी देखकर लोगों को बताया, जिसके बाद काफी हंगामा हुआ था। सूचना मिलने पर पहुंचे एसपी, एएसपी ने किसी तरह लोगों को समझाकर शांत किया था। पुजारी की ओर से अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। अमरिया पुलिस ने सर्विलांस की मदद से छानबीन शुरू की तो धार्मिक स्थल से करीब सौ मीटर की दूरी पर रहने वाले रमेश गुप्ता का नाम सामने आया। सबूत जुटाने के बाद मंगलवार सुबह साढ़े छह बजे पुलिस ने आरोपी रमेश को गिरफ्तार कर लिया। अमरिया इंस्पेक्टर मनीराम सिंह ने बताया कि रमेश शराब पीता है। बड़े भाई की मौत के बाद वह अपनी भाभी संग रहता था। पिछले कुछ दिनों से उन दोनों के बीच अनबन रहती है। घर में झगड़ा होने पर रमेश अक्सर धार्मिक स्थल परिसर में पुजारी छेदालाल के पास रुक जाता था। इसी को लेकर करीब डेढ़ माह पूर्व उसका पुजारी से विवाद हो गया था। रविवार को रमेश शादी समारोह में पीलीभीत गया था, जहां देर रात लौटा। वह पहले अपने घर गया, उसकी भाभी ने दरवाजा नहीं खोला। इसके बाद वह सोने में सोने लिए गया। रमेश काफी देर आवाज लगाता रहा, लेकिन पुजारी ने कमरे का दरवाजा नहीं खोला। गुस्से में आकर वह कुछ देर वहीं बैठा रहा। फिर भी गुस्सा शांत नहीं हुआ तो उसने ईंट से मूर्तियां क्षतिग्रस्त कर दीं। सुबह जब शोर मचा तो वह घबराकर बरेली चला गया। मंगलवार सुबह को लौटा तो पुलिस ने दबोच लिया। पूछताछ के बाद उसे कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।