{"_id":"59e21b684f1c1b74698b5b04","slug":"21507990376-pilibhit-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"साढ़े तीन लाख के लेनदेन में की गई सुरेश की हत्या","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
साढ़े तीन लाख के लेनदेन में की गई सुरेश की हत्या
पीलीभीत
Updated Sat, 14 Oct 2017 11:50 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीलीभीत/न्यूरिया।सितारगंज (उत्तराखंड) के प्रापर्टी डीलर सुरेश हीरा की हत्या समूह के साढ़े तीन लाख रुपये के लेनदेन को लेकर उसके ही पार्टनरों ने गोली मारकर की थी। पिता की ओर से की गई नामजदगी के आधार पर हिरासत में लिए गए तीन आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने घटना का खुलासा कर तीनों का चालान कर दिया। मुख्य आरोपी अभी फरार है, उसकी धरपकड़ के प्रयास किए जा रहे हैं।
सितारगंज के अरविंद नगर वार्ड नंबर दो निवासी प्रापर्टी डीलर सुरेश हीरा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उसका शव बृहस्पतिवार को न्यूरिया क्षेत्र में एडवारा गांव के पास पड़ा मिला था। पुलिस ने पिता सुमंत हीरा की तहरीर पर बिजनेस पार्टनर भरतपुर न्यूरिया निवासी विष्णु वैद्य, नगरिया माधोटांडा निवासी पंकज सरकार, अमरिया निवासी संजीव नस्कर और न्यूरिया कस्बे के चितरंजन के खिलाफ हत्या का नामजद मुकदमा दर्ज किया था। चितरंजन पुलिस की पकड़ में नहीं आ सका, अन्य तीन को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। आरोपी खुद को निर्दोष बताते रहे और सिर्फ घर से बुलाकर लाने और घटना की रात पोलीगंज के पास छोड़कर चले जाने की बात कहते रहे। तीसरे दिन पुलिस ने घटना का खुलासा कर नामजद आरोपियों का चालान कर दिया। एसएचओ जसपाल सिंह ग्वाल ने बताया कि मृतक और चारों आरोपी एक समूह चलाते थे। इसमें साढ़े तीन लाख रुपये के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी की बातचीत के दौरान जब चारों के रुपये देने से इंकार करने पर सुरेश ने विरोध किया तो आरोपी चितरंजन ने उसको गोली मार दी। पकड़े गए तीन आरोपी भी हत्या में शामिल रहे।
----
इंसेट...
आरोपी और परिवार वालों ने उठाए सवाल
पुलिस अभी मुख्य आरोपी को न तो गिरफ्तार कर सकी है, न ही हत्याकांड में इस्तेमाल किए गए तमंचे को बरामद किया जा सका है। वहीं पकड़े गए तीन नामजद आरोपी खुद को खुलासे के बाद भी बेगुनाह बता रहे हैं। उनका कहना है कि वे घटना में शामिल नहीं रहे, न ही उस रात चितरंजन उनके पास आया था। वे तीनों ही मृतक से बातचीत कर चले गए थे। उधर परिवार वाले भी पुलिस की कहानी को पूरी तरह से हजम नहीं कर पा रहे है। फिलहाल पुलिस खुलासे को सही बता पीठ थपथपाने में जुटी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सितारगंज के अरविंद नगर वार्ड नंबर दो निवासी प्रापर्टी डीलर सुरेश हीरा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उसका शव बृहस्पतिवार को न्यूरिया क्षेत्र में एडवारा गांव के पास पड़ा मिला था। पुलिस ने पिता सुमंत हीरा की तहरीर पर बिजनेस पार्टनर भरतपुर न्यूरिया निवासी विष्णु वैद्य, नगरिया माधोटांडा निवासी पंकज सरकार, अमरिया निवासी संजीव नस्कर और न्यूरिया कस्बे के चितरंजन के खिलाफ हत्या का नामजद मुकदमा दर्ज किया था। चितरंजन पुलिस की पकड़ में नहीं आ सका, अन्य तीन को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। आरोपी खुद को निर्दोष बताते रहे और सिर्फ घर से बुलाकर लाने और घटना की रात पोलीगंज के पास छोड़कर चले जाने की बात कहते रहे। तीसरे दिन पुलिस ने घटना का खुलासा कर नामजद आरोपियों का चालान कर दिया। एसएचओ जसपाल सिंह ग्वाल ने बताया कि मृतक और चारों आरोपी एक समूह चलाते थे। इसमें साढ़े तीन लाख रुपये के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी की बातचीत के दौरान जब चारों के रुपये देने से इंकार करने पर सुरेश ने विरोध किया तो आरोपी चितरंजन ने उसको गोली मार दी। पकड़े गए तीन आरोपी भी हत्या में शामिल रहे।
विज्ञापन
----
इंसेट...
आरोपी और परिवार वालों ने उठाए सवाल
पुलिस अभी मुख्य आरोपी को न तो गिरफ्तार कर सकी है, न ही हत्याकांड में इस्तेमाल किए गए तमंचे को बरामद किया जा सका है। वहीं पकड़े गए तीन नामजद आरोपी खुद को खुलासे के बाद भी बेगुनाह बता रहे हैं। उनका कहना है कि वे घटना में शामिल नहीं रहे, न ही उस रात चितरंजन उनके पास आया था। वे तीनों ही मृतक से बातचीत कर चले गए थे। उधर परिवार वाले भी पुलिस की कहानी को पूरी तरह से हजम नहीं कर पा रहे है। फिलहाल पुलिस खुलासे को सही बता पीठ थपथपाने में जुटी है।
विज्ञापन