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पारिवारिक विवाद में रची गई थी अपहरण की झूठी कहानी
Updated Sun, 27 Aug 2017 05:40 PM IST
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पीलीभीत। पारिवारिक विवाद को लेकर प्राइवेट अस्पताल के कंपाउंडर ने अपने अपहरण की झूठी कहानी रची थी। भाईयों और पिता के बीच हुई कहासुनी से आहत होकर उसने परिवार के लोगों का व्यवहार सुधारने को कदम उठाया। देर रात चली पूछताछ के बाद स्थिति स्पष्ट होने पर पुलिस ने बरामद युवक को परिवारीजनों के सुपुर्द कर दिया है।
माधोटांडा थाना क्षेत्र के ग्राम गुलाबटांडा निवासी प्राइवेट अस्पताल के कंपाउंडर समीन शाह पुत्र शौकीन शाह के अपहरण और 50 लाख रुपये की फिरौती मांगने की शिकायत पुलिस को मिली थी। पिता ने बताया था कि अगवा होने के बाद युवक ने उनको फोन कर बताया कि नौ लोगों ने उसको एक कमरे में बंधक बना लिया है। सूचना मिलने पर सीओ अनुराग दर्शन ने माधोटांडा एसएचओ इंद्र सिंह, क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर शक्ति सिंह और सर्विलांस प्रभारी रेहान खां को टीम बनाकर कार्रवाई में लगाया। जिसके बाद लगातार बदलती लोकेशन को देखते ही पुलिस मामले की संदिग्धता को समझ गई और देर शाम अगवा बताए जा रहे युवक को छतरी चौराहा से बरामद कर लिया। कहानी पूरी तरह से फर्जी साबित हो गई। पुलिस के शिकंजे में आने के बाद भी युवक देर रात घुमाने की कोशिश करता रहा। बार बार अपहरण की कहानी को सही बताया और नौ लोगों द्वारा एक कमरे में बंद कर रखने की बात कही। हालांकि छूटकर निकलने और कमरे की लोकेशन को लेकर कुछ नहीं बोल सका। बाद में पुलिस ने सख्ती से पूछता तो ज्यादा देर तक नहीं टिक सका। एसएचओ इंद्र सिंह ने बताया कि पूछताछ में सामने आया कि घरपर पिता और भाईयों के बीच हुए विवाद से आहत होकर वह निकल गया था। ताकि घर वाले आपस में झगड़ा न करे। पूरा मामला खुलने के बाद युवक को परिवारीजनों के सुपुर्द कर दिया है।
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माधोटांडा थाना क्षेत्र के ग्राम गुलाबटांडा निवासी प्राइवेट अस्पताल के कंपाउंडर समीन शाह पुत्र शौकीन शाह के अपहरण और 50 लाख रुपये की फिरौती मांगने की शिकायत पुलिस को मिली थी। पिता ने बताया था कि अगवा होने के बाद युवक ने उनको फोन कर बताया कि नौ लोगों ने उसको एक कमरे में बंधक बना लिया है। सूचना मिलने पर सीओ अनुराग दर्शन ने माधोटांडा एसएचओ इंद्र सिंह, क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर शक्ति सिंह और सर्विलांस प्रभारी रेहान खां को टीम बनाकर कार्रवाई में लगाया। जिसके बाद लगातार बदलती लोकेशन को देखते ही पुलिस मामले की संदिग्धता को समझ गई और देर शाम अगवा बताए जा रहे युवक को छतरी चौराहा से बरामद कर लिया। कहानी पूरी तरह से फर्जी साबित हो गई। पुलिस के शिकंजे में आने के बाद भी युवक देर रात घुमाने की कोशिश करता रहा। बार बार अपहरण की कहानी को सही बताया और नौ लोगों द्वारा एक कमरे में बंद कर रखने की बात कही। हालांकि छूटकर निकलने और कमरे की लोकेशन को लेकर कुछ नहीं बोल सका। बाद में पुलिस ने सख्ती से पूछता तो ज्यादा देर तक नहीं टिक सका। एसएचओ इंद्र सिंह ने बताया कि पूछताछ में सामने आया कि घरपर पिता और भाईयों के बीच हुए विवाद से आहत होकर वह निकल गया था। ताकि घर वाले आपस में झगड़ा न करे। पूरा मामला खुलने के बाद युवक को परिवारीजनों के सुपुर्द कर दिया है।
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