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अज्ञात कारणों के चलते मजदूर फांसी ने लगा दी जान
Updated Sat, 09 Sep 2017 04:47 PM IST
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पीलीभीत। रंपुरा गांव निवासी 40 वर्षीय मजदूर दयाशंकर ने अज्ञात कारणों के चलते फांसी लगाकर जान दे दी। परिवार वालों की सूचना मिलने पर पहुंची न्यूरिया पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
न्यूरिया थाना क्षेत्र के रंपुरा गांव निवासी दयाशंकर पुत्र जवाहर मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करते थे। शुक्रवार की देर शाम मजदूरी कर घर पहुंचने के बाद परिवार वालों के साथ खाना खाया। कुछ देर बातचीत करने के बाद अपने कमरे में जाकर भीतर से कुंडी लगा ली। इसके बाद अज्ञात कारणों के चलते रस्सी का फंदा बनाकर कमरे में ही फांसी लगाकर जान दे दी। देर रात परिवार के लोगों ने फंदे पर लटकता देखा तो चीख पुकार मच गई। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण भी आ गए। किसी तरह से कमरा खोलकर दयाशंकर को नीचे उतारकर अस्पताल ले गए। जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। शनिवार को परिवार के लोगों से सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। दयाशंकर गरीब परिवार से ताल्लुक रखता था। उसके आठ अविवाहित बच्चे राकेश, जसवंत, महेश, संजय, प्रभाकर, नीलम, माया, पूजा है। जिनके भरण पोषण की जिम्मेदारी पत्नी मीना देवी के कंधों पर आ गई है। पूरा परिवार एक कच्चे मकान में रहता है। हाल ही में उसका इंदिरा आवास की सूची में नाम आ गया था। हालांकि आवास अभी मिल नहीं सका है। अचानक आत्महत्या किए जाने से परिवार में कोहराम मचा है।
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न्यूरिया थाना क्षेत्र के रंपुरा गांव निवासी दयाशंकर पुत्र जवाहर मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करते थे। शुक्रवार की देर शाम मजदूरी कर घर पहुंचने के बाद परिवार वालों के साथ खाना खाया। कुछ देर बातचीत करने के बाद अपने कमरे में जाकर भीतर से कुंडी लगा ली। इसके बाद अज्ञात कारणों के चलते रस्सी का फंदा बनाकर कमरे में ही फांसी लगाकर जान दे दी। देर रात परिवार के लोगों ने फंदे पर लटकता देखा तो चीख पुकार मच गई। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण भी आ गए। किसी तरह से कमरा खोलकर दयाशंकर को नीचे उतारकर अस्पताल ले गए। जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। शनिवार को परिवार के लोगों से सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। दयाशंकर गरीब परिवार से ताल्लुक रखता था। उसके आठ अविवाहित बच्चे राकेश, जसवंत, महेश, संजय, प्रभाकर, नीलम, माया, पूजा है। जिनके भरण पोषण की जिम्मेदारी पत्नी मीना देवी के कंधों पर आ गई है। पूरा परिवार एक कच्चे मकान में रहता है। हाल ही में उसका इंदिरा आवास की सूची में नाम आ गया था। हालांकि आवास अभी मिल नहीं सका है। अचानक आत्महत्या किए जाने से परिवार में कोहराम मचा है।
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