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किशोरी ने फंदा लगाकर दी जान, परिवार में कोहराम
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बरखेड़ा (पीलीभीत)। अज्ञात कारणों के चलते 17 वर्षीय किशोरी ने फंदा लगाकर जान दे दी। वह एक दिन पहले ही अपनी ननिहाल से वापस आई थी। परिजनों से सूचना मिलने पर पहुंची बरखेड़ा पुलिस ने मौका मुआयना कर जानकारी जुटाई। जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
बरखेड़ा थाना क्षेत्र के गांव डंडिया भगत निवासी धर्मपाल राठौर खेती करते हैं। उनके तीन बेटी और एक बेटा है। बड़ी बेटी 17 वर्षीय ऊषा देवी कई दिन ननिहाल बरेली जिले के क्योलड़िया थाना क्षेत्र के पेहना गांव में रहने के बाद बृहस्पतिवार को ही घर आई थी। दूसरे दिन शुक्रवार रात को सभी ने खाना खाया। इसके बाद किशोरी नीचे बने कमरे में सोने चली गई, जबकि अन्य सदस्य पहली मंजिल पर थे। देर रात अज्ञात कारणों के चलते ऊषा ने रस्सी का फंदा बनाकर अपने कमरे में लिंटर में लगी बल्ली के सहारे लटक गई। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। दूसरे दिन शनिवार सुबह करीब छह बजे परिवार वाले किशोरी को जगाने के लिए गए। कई बार आवाज देने के बाद भी किशोरी के कमरे का दरवाजा न खोलने और जवाब न देने पर उनको अनहोनी का अंदेशा हुआ। घर में शोर मच गया। परिवारीजन और आसपास के लोग जमा हो गए। जिसके बाद दरवाजे को किसी तरह खोलकर भीतर गए, जहां फंदे पर ऊषा का शव लटका मिला। परिजनों ने शव को फंदे से उतार लिया। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। कुछ ही देर में दरोगा मोहम्मद उस्मान पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। मौका मुआयना कर मामले की जानकारी जुटाई। हालांकि परिवार वाले खुदकुशी के पीछे कोई वजह नहीं बता सके। इंस्पेक्टर एसके उपाध्याय ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले में कोई तहरीर नहीं दी गई है।
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बरखेड़ा थाना क्षेत्र के गांव डंडिया भगत निवासी धर्मपाल राठौर खेती करते हैं। उनके तीन बेटी और एक बेटा है। बड़ी बेटी 17 वर्षीय ऊषा देवी कई दिन ननिहाल बरेली जिले के क्योलड़िया थाना क्षेत्र के पेहना गांव में रहने के बाद बृहस्पतिवार को ही घर आई थी। दूसरे दिन शुक्रवार रात को सभी ने खाना खाया। इसके बाद किशोरी नीचे बने कमरे में सोने चली गई, जबकि अन्य सदस्य पहली मंजिल पर थे। देर रात अज्ञात कारणों के चलते ऊषा ने रस्सी का फंदा बनाकर अपने कमरे में लिंटर में लगी बल्ली के सहारे लटक गई। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। दूसरे दिन शनिवार सुबह करीब छह बजे परिवार वाले किशोरी को जगाने के लिए गए। कई बार आवाज देने के बाद भी किशोरी के कमरे का दरवाजा न खोलने और जवाब न देने पर उनको अनहोनी का अंदेशा हुआ। घर में शोर मच गया। परिवारीजन और आसपास के लोग जमा हो गए। जिसके बाद दरवाजे को किसी तरह खोलकर भीतर गए, जहां फंदे पर ऊषा का शव लटका मिला। परिजनों ने शव को फंदे से उतार लिया। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। कुछ ही देर में दरोगा मोहम्मद उस्मान पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। मौका मुआयना कर मामले की जानकारी जुटाई। हालांकि परिवार वाले खुदकुशी के पीछे कोई वजह नहीं बता सके। इंस्पेक्टर एसके उपाध्याय ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले में कोई तहरीर नहीं दी गई है।
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