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शादी का झांसा देकर दुष्कर्म वाले की जमानत अर्जी खारिज
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पीलीभीत। प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजीव शुक्ला ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के आरोपी थाना हजारा के गांव टिल्ला नंबर चार निवासी बलविंदर सिंह बग्गी की जमानत अर्जी सुनवाई के बाद मामला गंभीर पाते हुए खारिज कर दी।
थाना हजारा पर 19 दिसंबर, 2018 को रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इसके अनुसार आरोपी बलविंदर सिंह ने शादी का झांसा देकर पांच सालों से युवती का शारीरिक शोषण किया। शिकायत आरोपी के परिवारी जनों से करने पर उन्होंने आश्वस्त किया कि दोनों का विवाह करा दिया जाएगा। बाद में आरोपी व उसके घर वाले युवती से कहने लगे तेरे साथ शादी नहीं होगी। इस बाबत नौ नवंबर 2018 को पंचायत भी हुई। पंचायत में तय हुआ कि आरोपी बलविंदर सिंह दो दिसंबर, 2018 को पीड़ित युवती से शादी करेगा। उसके बाद भी शादी नहीं की गई। जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से शासकीय अधिवक्ता धीरेंद्र मिश्र ने तर्क दिया कि शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने के दौरान युवती नाबालिग थी। पंचायत के बाद भी शादी नहीं की गई। इसलिए जमानत नहीं दी जा सकती। मामले की सुनवाई के बाद प्रभारी सत्र न्यायाधीश संजीव शुक्ला ने मामला गंभीर पाकर आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
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थाना हजारा पर 19 दिसंबर, 2018 को रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इसके अनुसार आरोपी बलविंदर सिंह ने शादी का झांसा देकर पांच सालों से युवती का शारीरिक शोषण किया। शिकायत आरोपी के परिवारी जनों से करने पर उन्होंने आश्वस्त किया कि दोनों का विवाह करा दिया जाएगा। बाद में आरोपी व उसके घर वाले युवती से कहने लगे तेरे साथ शादी नहीं होगी। इस बाबत नौ नवंबर 2018 को पंचायत भी हुई। पंचायत में तय हुआ कि आरोपी बलविंदर सिंह दो दिसंबर, 2018 को पीड़ित युवती से शादी करेगा। उसके बाद भी शादी नहीं की गई। जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से शासकीय अधिवक्ता धीरेंद्र मिश्र ने तर्क दिया कि शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने के दौरान युवती नाबालिग थी। पंचायत के बाद भी शादी नहीं की गई। इसलिए जमानत नहीं दी जा सकती। मामले की सुनवाई के बाद प्रभारी सत्र न्यायाधीश संजीव शुक्ला ने मामला गंभीर पाकर आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
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