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एक को घायल, दूसरे मवेशी को तेंदुए ने बनाया निवाला
Mon, 17 Dec 2018 06:11 PM IST
zaidi saba
अमर उजाला ब्यूरो माधोटांडा/पीलीभीत।
अमर उजाला ब्यूरो माधोटांडा/पीलीभीत।
Published by: zaidi saba
Updated Mon, 17 Dec 2018 06:11 PM IST
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सीमावर्ती गांव में कम नहीं हो रही तेंदुए की दस्तक, ग्रामीणों में दहशत
सीमावर्ती क्षेत्र में तेंदुए का आतंक रुकने का नाम नहीं ले रहा है। दो नर तेंदुए पिंजरे की कैद में पहले ही आ चुके हैं। अब मादा तेंदुए की दस्तक से क्षेत्र में दहशत फैल गई है। रविवार रात जंगल से बाहर निकले तेंदुए ने पहले नौजल्हा गांव की आबादी में विरेंद्र के घर में बंधे बछड़े पर हमलाकर घायल कर दिया। आहट पर उठे परिवारीजनों के शोरशराबा करने पर तेंदुआ वहां से आगे की ओर निकल गया। इसके बाद तेंदुए ने बार्डर से सटे गांव कुतियाकबर में नारायण मंडल के घर में घुसकर आंगन में बंधी बछिया को भी निवाला बना लिया। सूचना के बाद वनकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर तेंदुए के पगचिह्न ट्रेस किए।
बराही रेंज के सीमावर्ती क्षेत्र में चार माह पूर्व से आतंक का पर्याय बने तेंदुए की चहलकदमी कम होने का नाम नहीं ले रही है। टाइगर रिजर्व प्रशासन ने पूर्व में दो नर तेंदुए को पिंजरे में कैद कर उन्हें जंगल के दूसरे हिस्से में छोड़ दिया, लेकिन इसके बाद भी ग्रामीणों को तेंदुए के आतंक से निजात नहीं मिल सकी। ग्रामीणों की आशंका के बाद मादा तेंदुए ने आबादी क्षेत्र में दस्तक देकर मवेशियों पर हमले करना शुरू कर दिए। रविवार रात जंगल से बाहर निकला तेंदुआ नौजल्हा गांव की आबादी में पहुंच गया। यहां गांव निवासी विरेंद्र के घर के आंगन में मौजूद बछड़े को हमलाकर घायल कर दिया। इससे पहले तेंदुआ बछड़े को उठा ले जाता, आहट पर उठे परिवारीजनों के शोर शराबा करने पर तेंदुआ बछड़े को छोड़कर आगे की ओर निकल गया। इसके बाद रात करीब दो बजे बार्डर से सटे कुतियाकबर गांव में दस्तक देकर तेंदुए ने गांव निवासी नारायण मंडल के घर में बंधी बछिया पर हमला कर दिया। यहीं नहीं तेंदुआ बछिया को जबड़े में दबाकर जंगल की ओर उठा ले गया। ग्रामीणों की सूचना के बाद नौजल्हा वन चौकी के वनकर्मियों ने मौका मुआयना कर तेंदुए के पगचिह्न ट्रेस किए। डिप्टी रेंजर गिरीश कुमार ने बताया कि तेंदुए की चहलकदमी को देखते हुए निगरानी बढ़ाई गई है। इसकी रिपोर्ट अधिकारियों को दी जा रही है।
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सीमावर्ती क्षेत्र में तेंदुए का आतंक रुकने का नाम नहीं ले रहा है। दो नर तेंदुए पिंजरे की कैद में पहले ही आ चुके हैं। अब मादा तेंदुए की दस्तक से क्षेत्र में दहशत फैल गई है। रविवार रात जंगल से बाहर निकले तेंदुए ने पहले नौजल्हा गांव की आबादी में विरेंद्र के घर में बंधे बछड़े पर हमलाकर घायल कर दिया। आहट पर उठे परिवारीजनों के शोरशराबा करने पर तेंदुआ वहां से आगे की ओर निकल गया। इसके बाद तेंदुए ने बार्डर से सटे गांव कुतियाकबर में नारायण मंडल के घर में घुसकर आंगन में बंधी बछिया को भी निवाला बना लिया। सूचना के बाद वनकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर तेंदुए के पगचिह्न ट्रेस किए।
बराही रेंज के सीमावर्ती क्षेत्र में चार माह पूर्व से आतंक का पर्याय बने तेंदुए की चहलकदमी कम होने का नाम नहीं ले रही है। टाइगर रिजर्व प्रशासन ने पूर्व में दो नर तेंदुए को पिंजरे में कैद कर उन्हें जंगल के दूसरे हिस्से में छोड़ दिया, लेकिन इसके बाद भी ग्रामीणों को तेंदुए के आतंक से निजात नहीं मिल सकी। ग्रामीणों की आशंका के बाद मादा तेंदुए ने आबादी क्षेत्र में दस्तक देकर मवेशियों पर हमले करना शुरू कर दिए। रविवार रात जंगल से बाहर निकला तेंदुआ नौजल्हा गांव की आबादी में पहुंच गया। यहां गांव निवासी विरेंद्र के घर के आंगन में मौजूद बछड़े को हमलाकर घायल कर दिया। इससे पहले तेंदुआ बछड़े को उठा ले जाता, आहट पर उठे परिवारीजनों के शोर शराबा करने पर तेंदुआ बछड़े को छोड़कर आगे की ओर निकल गया। इसके बाद रात करीब दो बजे बार्डर से सटे कुतियाकबर गांव में दस्तक देकर तेंदुए ने गांव निवासी नारायण मंडल के घर में बंधी बछिया पर हमला कर दिया। यहीं नहीं तेंदुआ बछिया को जबड़े में दबाकर जंगल की ओर उठा ले गया। ग्रामीणों की सूचना के बाद नौजल्हा वन चौकी के वनकर्मियों ने मौका मुआयना कर तेंदुए के पगचिह्न ट्रेस किए। डिप्टी रेंजर गिरीश कुमार ने बताया कि तेंदुए की चहलकदमी को देखते हुए निगरानी बढ़ाई गई है। इसकी रिपोर्ट अधिकारियों को दी जा रही है।
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