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वनविभाग ने शिकार के 11 आरोपियों को भेजा जेल
Updated Tue, 23 Jan 2018 10:01 AM IST
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शिकार के 11 आरोपी भेजे गए जेल
अमरिया में बनाया था कुडका (फंदा)
22 पीबीटीपी 32
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। अमरिया क्षेत्र में शिकार की फिराक में घूमते पकड़े गए सभी 11 आरोपियों को वन विभाग ने सोमवार को एसीजेएम प्रथम के कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। आरोपियों से पूछताछ में एसटीएफ को कुछ मोबाइल नंबर एवं लोकेशन की जानकारी लगी है। इससे माना जा रहा है ही कि इनका इनके नेटवर्क काफी लंबा हो सकता है। फिलहाल एसटीएफ जांच में जुटी है।
अमरिया क्षेत्र में गश्त के दौरान सामाजिक वानिकी और डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की टीम ने भरा पचपेड़ा के निकट तंबू बनाकर रह रहे चार संदिग्धों को पकड़ा था जिनके पास से फिशिंग कैट (जंगली बिल्ली) का शव चार कुडके (फंदे), मोबाइल एवं दो कारें मिली थीं। इनके पूछताछ के बाद एसटीएफ को सात अन्य साथियों की जानकारी मिली जिन्हें शनिवार देर रात पकड़ लिया गया था। पकड़े गए सभी आरोपियों से बरेली और लखनऊ की एसटीएफ ने सीओ पीके मिश्रा के नेतृत्व में पूछताछ की। दो दिन चली पूछताछ में किसी भी आरोपी से कुछ विशेष जानकारी हासिल नहीं हो सकी। कुछ फोन नंबरों के आधार पर एसटीएफ इनके बड़े नेटवर्क को तलाशने में जुटी है। सोमवार को सभी 11 आरोपियों को वनविभाग ने एसीजेएम प्रथम की अदालत में पेश किया। यहां से सभी को जेल भेज दिया गया। महोफ रेंजर वीके गुप्ता ने बताया कि पूछताछ में कुछ तथ्य मिले हैं जिनकी जांच की जाएगी। उधर आरोपियों के जेल जाने के बाद बरेली और लखनऊ एसटीएफ की टीम लौट गई।
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अमरिया से बनवाए थे कुडके
पकडे़ गए आरोपियों से वनविभाग की टीम ने अन्य सामग्री के साथ वन्यजीवों को पकड़ने में प्रयोग होने वाले चार कुडके (फंदे) मिले थे। इनमें दो का प्रयोग हो चुका था जबकि दो नए थे। पूछताछ में आरोपियों ने यह कुडके अमरिया से ही बनाए थे।
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अमरिया में बनाया था कुडका (फंदा)
22 पीबीटीपी 32
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। अमरिया क्षेत्र में शिकार की फिराक में घूमते पकड़े गए सभी 11 आरोपियों को वन विभाग ने सोमवार को एसीजेएम प्रथम के कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। आरोपियों से पूछताछ में एसटीएफ को कुछ मोबाइल नंबर एवं लोकेशन की जानकारी लगी है। इससे माना जा रहा है ही कि इनका इनके नेटवर्क काफी लंबा हो सकता है। फिलहाल एसटीएफ जांच में जुटी है।
अमरिया क्षेत्र में गश्त के दौरान सामाजिक वानिकी और डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की टीम ने भरा पचपेड़ा के निकट तंबू बनाकर रह रहे चार संदिग्धों को पकड़ा था जिनके पास से फिशिंग कैट (जंगली बिल्ली) का शव चार कुडके (फंदे), मोबाइल एवं दो कारें मिली थीं। इनके पूछताछ के बाद एसटीएफ को सात अन्य साथियों की जानकारी मिली जिन्हें शनिवार देर रात पकड़ लिया गया था। पकड़े गए सभी आरोपियों से बरेली और लखनऊ की एसटीएफ ने सीओ पीके मिश्रा के नेतृत्व में पूछताछ की। दो दिन चली पूछताछ में किसी भी आरोपी से कुछ विशेष जानकारी हासिल नहीं हो सकी। कुछ फोन नंबरों के आधार पर एसटीएफ इनके बड़े नेटवर्क को तलाशने में जुटी है। सोमवार को सभी 11 आरोपियों को वनविभाग ने एसीजेएम प्रथम की अदालत में पेश किया। यहां से सभी को जेल भेज दिया गया। महोफ रेंजर वीके गुप्ता ने बताया कि पूछताछ में कुछ तथ्य मिले हैं जिनकी जांच की जाएगी। उधर आरोपियों के जेल जाने के बाद बरेली और लखनऊ एसटीएफ की टीम लौट गई।
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अमरिया से बनवाए थे कुडके
पकडे़ गए आरोपियों से वनविभाग की टीम ने अन्य सामग्री के साथ वन्यजीवों को पकड़ने में प्रयोग होने वाले चार कुडके (फंदे) मिले थे। इनमें दो का प्रयोग हो चुका था जबकि दो नए थे। पूछताछ में आरोपियों ने यह कुडके अमरिया से ही बनाए थे।
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