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पुलिस की टीमें दे रहीं दबिश, नहीं मिल रहे ‘पहुंच वाले’

Sun, 14 Jul 2019 02:22 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 14 Jul 2019 02:22 AM IST
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पुलिस की टीमें लगातार दे रहीं दबिश, फिर भी नहीं मिल रहे रसूखदार
पीलीभीत। सिटी डाकघर की जमीन पर पहुंच वालों के अवैध कब्जा करने की कोशिश करने के मामले में सख्ती से शुरू हुई कार्रवाई समय के साथ धीमी पड़ती जा रही है। चार आरोपियों को जेल भेजने के बाद अन्य रसूखदार आरोपियों तक पहुंचना पुलिस के लिए चुनौती बना है। तीन टीमें बनाकर दबिश देने का दावा किया जा रहा है, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली है।
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कोतवाली क्षेत्र के बरेली गेट के पास सालों से खाली पड़ी सिटी डाकघर की करीब साढ़े छह सौ गज जमीन पर अवैध कब्जा करने की नीयत से मंगलवार रात रसूखदारों ने बाउंड्री तोड़कर उस पर काबिज होने का प्रयास किया था। बुधवार सुबह डाकघर के अफसरों ने जब शिकायत की तो पुलिस हरकत में आई थी। पूर्व में जिले में तैनात रहे एक बड़े अफसर के भांजे बताए जाने वाले लखनऊ निवासी पारसमणि पांडेय, जहानाबाद चेयरमैन ममता गुप्ता के पुत्र शिवा गुप्ता समेत 13 के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई थी। चार आरोपी भिठौराखुर्द गजरौला निवासी उमेश सिंह, शेष कुमार, आशीष और नई बस्ती सुनगढ़ी निवासी बृजेश को बृहस्पतिवार को जेल भेज दिया गया था। इस मामले में जितनी तेजी से कार्रवाई शुरू की गई, उतनी संजीदगी अब नहीं दिखाई दे रही है। अन्य आरोपी रसूखदारों की गिरफ्तारी अब तक नहीं हो सकी है। जिससे कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस का दावा है कि लगातार दबिश दी जा रही हैं। आरोपी फरार हो गए हैं।
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कागजात की भी नहीं शुरू हो सकी जांच
इस प्रकरण में रसूखदारों द्वारा जमीन से जुड़े कागजों में हेराफे री करने का भी अंदेशा है। चूंकि डाकघर की जमीन के गाटा संख्या पर आरोपी पक्ष वही गाटा संख्या दिखाकर अपना हक जमा रहे हैं। मुकदमा दर्ज हुए कई दिन बीत गए लेकिन राजस्व विभाग की ओर से जांच शुरू नहीं हो सकी है।
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कहीं राजनीतिक दबाव तो नहीं
कार्रवाई का समय बढ़ने के साथ ही ठंडा पडना राजनीतिक दबाव की ओर भी इशारा कर रहा है। एक आरोपी जहां खुद को एक बड़े अफसर का भांजा बताता है तो दूसरा चेयरमैन पुत्र सत्ताधारी है। सवाल यह है कि कार्रवाई की धीमी गति के पीछे कहीं यही वजह तो नहीं है।


डाकघर प्रकरण में फरार चल रहे आरोपियों की धरपकड़ के लिए टीमें लगातार दबिश दे रहीं है। शनिवार रात को भी कई स्थानों पर दबिश दी गई, लेकिन कोई नहीं मिला। कागजात की जांच राजस्व विभाग करेगा। अभी उनके स्तक से इसको लेकर कार्रवाई नहीं हुई है।
- अजब सिंह, शहर कोतवाल
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