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सोनू हत्याकांड: घटना में नहीं निकली मां की संलिप्तता, हटेगा नाम
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पीलीभीत। आठ साल के मासूम सोनू की गला दबाकर हत्या करने के आरोप में घिरी मां राजेश्वरी देवी को पुलिस की जांच के बाद राहत मिली है। घटना में उसकी किसी तरह का हाथ नहीं निकला है। इसके बाद अधिकारियों ने दर्ज रिपोर्ट से उसका नाम हटाने का फैसला कर लिया है।
पूरनपुर कोतवाली क्षेत्र के महादिया गांव निवासी आठ साल के मासूम सोनू की पांच मई की रात गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। वह अपनी मां और बहनों के साथ मौसेेरे भाई राजकुमार पुत्र द्वारिका प्रसाद की शादी में शामिल होने के लिए सुनगढ़ी थाना क्षेत्र के सिकलापुर गांव गया था। उसका शव मौसा के घर से कुछ दूरी पर एक तालाब में छह मई की सुबह पड़ा मिला था। बाबा बाबूराम ने मां राजेश्वरी देवी और मौसा नवदिया गांव निवासी महेश के खिलाफ सुनगढ़ी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दोनों के बीच चल रहे अवैध संबंध में मासूम की हत्या का आरोप लगाया था। पुलिस ने पड़ताल की और नामजद मौसा महेश को जेल भेज दिया था। मां की घटना में संलिप्तता को लेकर जांच की जा रही थी। सर्विलांस और स्वाट टीम की मदद से पुलिस ने मां को लेकर पड़ताल कराई। घटना से पहले और बाद तक मां की गोपनीय तरीके से निगरानी की गई। एसपी मनोज कुमार सोनकर ने बताया कि जांच लगभग पूरी हो गई है। इसमें मां की कोई संलिप्तता नहीं पाई गई है। उसकी नामजदगी गलत है, इसलिए दर्ज रिपोर्ट से उसका नाम निकाल दिया जाएगा। इंस्पेक्टर सुनगढ़ी सत्यप्रकाश सिंह को इसको लेकर निर्देशित कर दिया गया है।
पूरनपुर कोतवाली क्षेत्र के महादिया गांव निवासी आठ साल के मासूम सोनू की पांच मई की रात गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। वह अपनी मां और बहनों के साथ मौसेेरे भाई राजकुमार पुत्र द्वारिका प्रसाद की शादी में शामिल होने के लिए सुनगढ़ी थाना क्षेत्र के सिकलापुर गांव गया था। उसका शव मौसा के घर से कुछ दूरी पर एक तालाब में छह मई की सुबह पड़ा मिला था। बाबा बाबूराम ने मां राजेश्वरी देवी और मौसा नवदिया गांव निवासी महेश के खिलाफ सुनगढ़ी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दोनों के बीच चल रहे अवैध संबंध में मासूम की हत्या का आरोप लगाया था। पुलिस ने पड़ताल की और नामजद मौसा महेश को जेल भेज दिया था। मां की घटना में संलिप्तता को लेकर जांच की जा रही थी। सर्विलांस और स्वाट टीम की मदद से पुलिस ने मां को लेकर पड़ताल कराई। घटना से पहले और बाद तक मां की गोपनीय तरीके से निगरानी की गई। एसपी मनोज कुमार सोनकर ने बताया कि जांच लगभग पूरी हो गई है। इसमें मां की कोई संलिप्तता नहीं पाई गई है। उसकी नामजदगी गलत है, इसलिए दर्ज रिपोर्ट से उसका नाम निकाल दिया जाएगा। इंस्पेक्टर सुनगढ़ी सत्यप्रकाश सिंह को इसको लेकर निर्देशित कर दिया गया है।
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