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एमबीबीएस में प्रवेश दिलाने के नाम पर 15 लाख ठगे
पीलीभीत।
Updated Thu, 19 Nov 2015 10:54 PM IST
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पूरनपुर तहसील के कस्बा घुंघचाई के स्थाई और दिल्ली के हाल निवासी डॉ. महेश चंद्र मिश्रा से रुहेलखंड मेडिकल कॉलेज बरेली में उनकी पुत्री को एमबीबीएस में प्रवेश दिलाने के नाम पर एक जालसाज ने 15 लाख रुपये ठग लिए।
डॉ. महेश मिश्रा ने बताया कि वह चार नवंबर को अपनी पुत्री वसुंधरा को रुहेलखंड मेडिकल कॉलेज बरेली में एमबीबीएस में प्रवेश दिलाने के लिए गए थे। वहां उन्हें एक जालसाज मिल गया।
जालसाज ने स्वयं को कॉलेज का जिम्मेदार अधिकारी बताकर प्रवेश दिलाने के नाम पर उनसे 15 लाख रुपये ले लिए और प्रवेश संबंधी फर्जी कागजात बनाकर दे दिए।
उस जालसाज ने अपना नाम विकास तोमर बताया था। उस जालसाज ने 16 नवंबर से वसुंधरा को कॉलेज भेजने को कहा था। महेश मिश्रा 16 नवंबर को जब अपनी पुत्री को कॉलेज में पहुंचाने गए, तब स्पष्ट हुआ कि प्रवेश संबंधी कागजात फर्जी हैं। खोजबीन करने पर पता चला कि विकास तोमर नाम का कोई भी अधिकारी कॉलेज में नहीं है।
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महेश मिश्रा ने 16 नवंबर को बारादरी थाने में मामले की तहरीर दे दी। तहरीर के साथ उन्होंने जालसाज द्वारा दिया गया प्रवेश संबंधी फर्जी अधिकार पत्र और रुपयों की रसीद भी संलग्न की है। बारादरी पुलिस ने अभी तक रिपोर्ट दर्ज नहीं की है।
बारादरी थाने के कार्य वाहक प्रभारी निरीक्षक धीरज कुमार शुक्ला ने बताया कि ऐसा कोई मामला उनके संज्ञान में नहीं है, अगर तहरीर दी गई होती तो कार्रवाई जरूर होती।
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डॉ. महेश मिश्रा ने बताया कि वह चार नवंबर को अपनी पुत्री वसुंधरा को रुहेलखंड मेडिकल कॉलेज बरेली में एमबीबीएस में प्रवेश दिलाने के लिए गए थे। वहां उन्हें एक जालसाज मिल गया।
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जालसाज ने स्वयं को कॉलेज का जिम्मेदार अधिकारी बताकर प्रवेश दिलाने के नाम पर उनसे 15 लाख रुपये ले लिए और प्रवेश संबंधी फर्जी कागजात बनाकर दे दिए।
उस जालसाज ने अपना नाम विकास तोमर बताया था। उस जालसाज ने 16 नवंबर से वसुंधरा को कॉलेज भेजने को कहा था। महेश मिश्रा 16 नवंबर को जब अपनी पुत्री को कॉलेज में पहुंचाने गए, तब स्पष्ट हुआ कि प्रवेश संबंधी कागजात फर्जी हैं। खोजबीन करने पर पता चला कि विकास तोमर नाम का कोई भी अधिकारी कॉलेज में नहीं है।
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महेश मिश्रा ने 16 नवंबर को बारादरी थाने में मामले की तहरीर दे दी। तहरीर के साथ उन्होंने जालसाज द्वारा दिया गया प्रवेश संबंधी फर्जी अधिकार पत्र और रुपयों की रसीद भी संलग्न की है। बारादरी पुलिस ने अभी तक रिपोर्ट दर्ज नहीं की है।
बारादरी थाने के कार्य वाहक प्रभारी निरीक्षक धीरज कुमार शुक्ला ने बताया कि ऐसा कोई मामला उनके संज्ञान में नहीं है, अगर तहरीर दी गई होती तो कार्रवाई जरूर होती।