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अब बढ़ेंगी सचिव की मुश्किलें, कसेगा शिकंजा
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पीलीभीत। धोखाधड़ी कर ग्राम निधि खाते से धनराशि निकाले जाने के मामले में सचिव पर अब प्रशासनिक शिकंजा कसेगा। सिटी मजिस्ट्रेट की जांच में दोषी पाए जाने के बाद अब अफसर एक्शन में आ गए हैं। इसमें कई अन्य की गर्दन भी फंसना तय है।
मामला ललौरीखेड़ा ब्लाक की ग्रापं सैजना का है। तत्कालीन सचिव रमावीर ने दूसरे गांव मगरासा की प्रधान सूरजादेवी से चेक पर हस्ताक्षर कराकर सैजना ग्राम पंचायत की ग्राम निधि के खाते से 1.88 लाख रुपये निकाले थे। सैजना के प्रधान संतोष को इसकी भनक तक नहीं लग सकी थी। जांच में फर्जीवाड़ा सामने आने पर डीपीआरओ ने आरोपी सचिव रमावीर को बचाते हुए प्रधान संतोष को दोषी मानते हुए पावर सीज कर दी। वहीं इस मामले में प्रधान संतोष की तहरीर पर जहानाबाद थाने में सचिव रमावीर, मगरसा की प्रधान सूरजादेवी, ललौरीखेड़ा ब्लॉक स्थित इलाहबाद बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक रोहित मिश्रा, कैशियर आलोक के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई। साथ ही विभागीय जांच सिटी मजिस्ट्रेट डॉ. अर्चना द्विवेदी को सौंपी गई। सिटी मजिस्ट्रेट की जांच में सचिव रमावीर दोषी पाया गया। जिसके बाद इस मामले की जांच रिपोर्ट डीएम को भेज दी गई है।
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मामला ललौरीखेड़ा ब्लाक की ग्रापं सैजना का है। तत्कालीन सचिव रमावीर ने दूसरे गांव मगरासा की प्रधान सूरजादेवी से चेक पर हस्ताक्षर कराकर सैजना ग्राम पंचायत की ग्राम निधि के खाते से 1.88 लाख रुपये निकाले थे। सैजना के प्रधान संतोष को इसकी भनक तक नहीं लग सकी थी। जांच में फर्जीवाड़ा सामने आने पर डीपीआरओ ने आरोपी सचिव रमावीर को बचाते हुए प्रधान संतोष को दोषी मानते हुए पावर सीज कर दी। वहीं इस मामले में प्रधान संतोष की तहरीर पर जहानाबाद थाने में सचिव रमावीर, मगरसा की प्रधान सूरजादेवी, ललौरीखेड़ा ब्लॉक स्थित इलाहबाद बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक रोहित मिश्रा, कैशियर आलोक के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई। साथ ही विभागीय जांच सिटी मजिस्ट्रेट डॉ. अर्चना द्विवेदी को सौंपी गई। सिटी मजिस्ट्रेट की जांच में सचिव रमावीर दोषी पाया गया। जिसके बाद इस मामले की जांच रिपोर्ट डीएम को भेज दी गई है।
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