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पिता और भाई ने की थी रामकिशोर की हत्या
Updated Wed, 20 Sep 2017 04:23 PM IST
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पीलीभीत। कटकवारा गांव निवासी रामकिशोर उर्फ शेरा की हत्या उसके पिता और भाई ने की थी। आए दिन रुपये मांगने और झगड़ा करने की आदत से परेशान होकर परिवार वालों ने उसकी गला दबाकर पहले हत्या की, इसके बाद शव को गांव के बाहर फेंक दिया। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर बरखेड़ा पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा किया। एसपी ने पुलिस के गुडवर्क की सराहना करते हुए टीम को दो हजार इनाम की घोषणा की है।
बरखेड़ा थाना क्षेत्र के कटकवारा गांव निवासी रामकिशोर उर्फ शेरा की गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। उसका शव सात सितंबर को गांव के बाहर पड़ा मिला था। परिवार वालों ने किसी तरह की रंजिश से इनकार करते हुए अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। उधर पुलिस मामले की जांच में जुट गई। गांव के लोगों से पारिवारिक कलह की जानकारी मिलने पर पुलिस ने जांच की दिशा बदली। जिसके बाद परिवारीजनों से बातचीत की गई और आखिरकार पुलिस हत्याकांड के खुलासे तक पहुंच गई। रामकिशोर की हत्या का आरोपी कोई और नहीं बल्कि उसका पिता लालाराम और बड़ा भाई रमेश निकला। दोनों के गुनाह कबूल करने पर पुलिस ने बुधवार को पुलिस लाइन में खुलासा किया।
एसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि मृतक रामकिशोर नशा और जुआ की आदत से ग्रस्त था। इसको लेकर वह आए दिन घर वालों से रुपये की मांग करता था। बारह में से छह बीघा जमीन भी इसी में बिकवा दी। अब दोबारा रुपये को लेकर झगड़ा फसाद कर रहा था। इसी से तंग आकर पिता लालाराम ने उसकी अपने बड़े बेटे महेश की मदद से रस्सी से गला दबाकर हत्या कर दी। लाठी से भी गला दबाया गया। इसके बाद दोनों शव गांव के बाहर फेंक आए और हत्या में इस्तेमाल की गई रस्सी को पिता ने जला दिया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों का चालान कर दिया है। खुलासा करने वाली टीम के एसएचओ बरखेड़ा राजेश कुमार मौर्य, एसएसआई वीके पटेल, एचसीपी राजनाथ सिंह, कांस्टेबल संतोष और अरविंद को दो हजार नकद पुरस्कार की घोषणा की है।
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बरखेड़ा थाना क्षेत्र के कटकवारा गांव निवासी रामकिशोर उर्फ शेरा की गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। उसका शव सात सितंबर को गांव के बाहर पड़ा मिला था। परिवार वालों ने किसी तरह की रंजिश से इनकार करते हुए अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। उधर पुलिस मामले की जांच में जुट गई। गांव के लोगों से पारिवारिक कलह की जानकारी मिलने पर पुलिस ने जांच की दिशा बदली। जिसके बाद परिवारीजनों से बातचीत की गई और आखिरकार पुलिस हत्याकांड के खुलासे तक पहुंच गई। रामकिशोर की हत्या का आरोपी कोई और नहीं बल्कि उसका पिता लालाराम और बड़ा भाई रमेश निकला। दोनों के गुनाह कबूल करने पर पुलिस ने बुधवार को पुलिस लाइन में खुलासा किया।
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एसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि मृतक रामकिशोर नशा और जुआ की आदत से ग्रस्त था। इसको लेकर वह आए दिन घर वालों से रुपये की मांग करता था। बारह में से छह बीघा जमीन भी इसी में बिकवा दी। अब दोबारा रुपये को लेकर झगड़ा फसाद कर रहा था। इसी से तंग आकर पिता लालाराम ने उसकी अपने बड़े बेटे महेश की मदद से रस्सी से गला दबाकर हत्या कर दी। लाठी से भी गला दबाया गया। इसके बाद दोनों शव गांव के बाहर फेंक आए और हत्या में इस्तेमाल की गई रस्सी को पिता ने जला दिया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों का चालान कर दिया है। खुलासा करने वाली टीम के एसएचओ बरखेड़ा राजेश कुमार मौर्य, एसएसआई वीके पटेल, एचसीपी राजनाथ सिंह, कांस्टेबल संतोष और अरविंद को दो हजार नकद पुरस्कार की घोषणा की है।
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