{"_id":"5ab11ea94f1c1b3d1a8b46a6","slug":"101521557161-pilibhit-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"विवाहिता की मौत में पति व सास को दस वर्ष कैद, जुर्माना","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
विवाहिता की मौत में पति व सास को दस वर्ष कैद, जुर्माना
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,पीलीभीत
Updated Tue, 20 Mar 2018 08:36 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार सिंह ने विवाहिता की मौत के मामले में पति और सास को दोषी पाकर दस वर्ष कैद और प्रत्येक को 15 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
बीसलपुर के गांव भडरिया निवासी बांधूराम ने रिपोर्ट दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि उसकी पुत्री सत्यवती का विवाह साल 2013 में अमरा करोड के सर्वेश के साथ हुआ था। आरोप है कि दहेज में कार व दो लाख की मांग को लेकर पति, सास विमला देवी विवाहिता का उत्पीड़न करती थीं। छह अक्तूबर 2014 को सत्यवती की मौत हो गई। उसका शव फांसी के फंदे पर लटका मिला था। इसकी सूचना मिलने पर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। मामले में दहेज की मांग पूरी न करने पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई। विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल हुआ। इस मामले में शासकीय अधिवक्ता अमित पाठक ने कई गवाह पेश किए। सुनवाई के बाद सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार सिंह ने आरोपी पति व सास को दोषी पाकर दस वर्ष कैद व प्रत्येक को 15 हजार जुर्माना सुनाया है। ब्यूरो
विज्ञापन
बीसलपुर के गांव भडरिया निवासी बांधूराम ने रिपोर्ट दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि उसकी पुत्री सत्यवती का विवाह साल 2013 में अमरा करोड के सर्वेश के साथ हुआ था। आरोप है कि दहेज में कार व दो लाख की मांग को लेकर पति, सास विमला देवी विवाहिता का उत्पीड़न करती थीं। छह अक्तूबर 2014 को सत्यवती की मौत हो गई। उसका शव फांसी के फंदे पर लटका मिला था। इसकी सूचना मिलने पर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। मामले में दहेज की मांग पूरी न करने पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई। विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल हुआ। इस मामले में शासकीय अधिवक्ता अमित पाठक ने कई गवाह पेश किए। सुनवाई के बाद सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार सिंह ने आरोपी पति व सास को दोषी पाकर दस वर्ष कैद व प्रत्येक को 15 हजार जुर्माना सुनाया है। ब्यूरो
विज्ञापन