Pilibhit News: पुलिसिया कार्रवाई नहीं होने से घायल कुत्ते का नहीं हो सका आपरेशन, रेंजर ने मारी थी गोली
चार दिन पहले रेंजर ने कुत्ते को गोली मार दी थी। गोली कुत्ते के शरीर के पार निकल गई थी। किसान ने रेंजर के खिलाफ तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। जिसके कारण घायल कुत्ते का ऑपरेशन नहीं हो सका।
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पीलीभीत में कुत्ते को गोली लगने के मामले में पुलिसिया कार्रवाई न होना किसी को भारी पड़ा हो या न पड़ा हो लेकिन कुत्ते को जरूर भारी पड़ गया। आईवीआरआई के डॉक्टरों ने कुत्ते का ऑपरेशन करने से महज इसलिए इनकार कर दिया क्योंकि इस मामले में कोई पुलिसिया कार्रवाई नहीं हुई थी, न ही इस संबंध मेमो भेजा गया था। ऐसे में किसान सिर्फ कुत्ते का एक्स-रे कराकर लौट आया।
माला जंगल से सटे रायपुर गांव के पास चार दिन पहले रेंजर ने कुत्ते को गोली मार दी थी। गोली कुत्ते के शरीर के पार निकल गई। घटना के बाद किसानों ने रेंजर के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए भैरा वन चौकी का घेराव किया था। कार्रवाई को लेकर रेंजर और ग्रामीणों में ठन गई थी। वन विभाग ने घटना जंगल के अंदर की होने की बताकर कुत्ता मालिक किसान को ही दोषी साबित कर दिया।
किसान की तहरीर पर नहीं हुई कार्रवाई
वन विभाग का कहना था कि किसान का पालतू कुत्ता जंगल में जाकर चीतलों का शिकार कर रहा था। वन विभाग के अफसरों ने उल्टा किसान के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी थी। इधर कुत्ता मालिक किसान रजवंत सिंह ने पुलिस को रेंजर के खिलाफ तहरीर दी लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
पशु चिकित्सक ने बरेली किया था रेफर
इसी क्रम में वन विभाग के पशु चिकित्सक डॉ. दक्ष गंगवार ने गांव पहुंचकर कुत्ते का प्राथमिक उपचार कर उसे आईवीआरआई के लिए रेफर कर दिया। किसान रजवंत सिंह कुत्ते को लेकर आईवीआरआई गया, वहां राजवंत से इस संबंध में पुलिसिया कार्रवाई के कागजात मांगे गए। इस मामले में क्योंकि पुलिस ने कार्रवाई नहीं की थी, न ही मेमो भेजा था, इस कारण डॉक्टर ने आपरेशन करने से इन्कार कर दिया।
राजवंत ने बताया कि डॉक्टर का कहना था क्योंकि कुत्ते को गोली मारी गई है, इसलिए बगैर कागज इलाज नहीं हो सकता। ऐसे में राजवंत एक्सरे कराकर कुत्ते को वापस ले आया।