{"_id":"62e43589f075f448c92de2e1","slug":"crime-pilibhit-news-bly4929178147","type":"story","status":"publish","title_hn":"भड़के पंचायत सचिव, विकास भवन पर बेमियादी धरना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भड़के पंचायत सचिव, विकास भवन पर बेमियादी धरना
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पीलीभीत/अमरिया। ग्राम पंचायत अधिकारी रूपेश कुमार सिंह की पिटाई का मामला शुक्रवार को तूल पकड़ गया। फुलैया की ग्राम प्रधान के बेटे राजेंद्र कुमार समेत छह के खिलाफ पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है। ग्राम पंचायतों के सचिवों ने पुलिस पर ढिलाई का आरोप लगाते हुए सीडीओ दफ्तर के बाहर बेमियादी धरना शुरू कर दिया है। प्रतिनिधिमंडल पुलिस अधीक्षक से मिला। पुलिस अधीक्षक ने क्षेत्राधिकारी को कार्रवाई के आदेश दिए। विधायक विवेक वर्मा, उनके पिता पूर्व मंत्री रामसरन वर्मा पहुंचे। दोनों नेताओं ने कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया। मुख्य विकास अधिकारी से कार्रवाई के लिए कहा।
धरना-प्रदर्शन के लिए ग्राम पंचायत अधिकारी और ग्राम पंचायत सचिव की समन्वय समिति ने आह्वान किया है। इसके तहत 84 सचिवों में से 56 सचिव शाम चार बजे तक विकास भवन स्थित मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय पर पहुंच गए। ग्राम पंचायत और ग्राम विकास अधिकारियों ने कहा कि फुलैया की प्रधान के बेटे और उसके साथियों ने ग्राम विकास अधिकारी पर जानलेवा हमला किया गया। सरकारी अभिलेख से भरा उनका बैग छीना गया। फिर भी आरोपी प्रधानपुत्र राजेंद्र कुमार और उसके साथियों को पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया। केवल आकाश को नामजद किया गया है। शेष अज्ञात बताए गए हैं। आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। ऐसे में काम करना मुश्किल हो रहा है। इसलिए धरना-प्रदर्शन शुरू किया गया है। एसपी दिनेश कुमार पी. का कहना है कि सीओ को निर्देश दिए गए हैं। कार्रवाई होगी। सीडीओ धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायत और ग्राम विकास अधिकारियों से बातचीत की है। उन्हें कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
‘विकास खंड कार्यालय से बैठक के बाद पीलीभीत जा रहा था। मुझे रास्ते में रोककर पीटा गया। बैग छीना गया। पुलिस को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया गया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।’
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- रूपेश कुमार सिंह, पीड़ित ग्राम विकास अधिकारी
‘ग्राम प्रधान के पुत्र और छह साथियों ने मिलकर ग्राम विकास अधिकारी पर जानलेवा हमला किया। गिरफ्तारी न होने की वजह से आंदोलन करना पड़ा। पूरे जिले के ग्राम विकास और ग्राम पंचायत अधिकारी आंदोलन में शामिल हैं। जिले में 84 अधिकारी समिति के सदस्य हैं, पहले दिन 56 सदस्यों ने भाग लिया। पूरे जिले में ग्राम पंचायतों से जुड़ा सामान्य कामकाज बाधित हो गया है।’
- पवन पटेल, अध्यक्ष, ग्राम विकास एवं ग्राम पंचायत अधिकारी समन्वय समिति
‘ग्राम प्रधान के पुत्र ने हमला किया। इस मामले को पुलिस गंभीरता से ले। आरोपियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।’
- विवेक वर्मा, विधायक
केयर टेकर महिलाओं ने भी धरने में दिया साथ
पीलीभीत। ग्राम पंचायत सचिव और ग्राम विकास अधिकारी संगठन के आंदोलन में अमरिया ब्लॉक के सामुदायिक शौचालयों की केयर टेकर महिलाएं भी शामिल हुईं। आरोप है कि इनका मानदेय रोकने के लिए प्रधान ने जोर दिया था, जिसे ग्राम पंचायत अधिकारी ने नहीं माना और इसी को लेकर बात बढ़ी तो ग्राम विकास अधिकारी पर हमला किया गया।
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धरना-प्रदर्शन के लिए ग्राम पंचायत अधिकारी और ग्राम पंचायत सचिव की समन्वय समिति ने आह्वान किया है। इसके तहत 84 सचिवों में से 56 सचिव शाम चार बजे तक विकास भवन स्थित मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय पर पहुंच गए। ग्राम पंचायत और ग्राम विकास अधिकारियों ने कहा कि फुलैया की प्रधान के बेटे और उसके साथियों ने ग्राम विकास अधिकारी पर जानलेवा हमला किया गया। सरकारी अभिलेख से भरा उनका बैग छीना गया। फिर भी आरोपी प्रधानपुत्र राजेंद्र कुमार और उसके साथियों को पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया। केवल आकाश को नामजद किया गया है। शेष अज्ञात बताए गए हैं। आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। ऐसे में काम करना मुश्किल हो रहा है। इसलिए धरना-प्रदर्शन शुरू किया गया है। एसपी दिनेश कुमार पी. का कहना है कि सीओ को निर्देश दिए गए हैं। कार्रवाई होगी। सीडीओ धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायत और ग्राम विकास अधिकारियों से बातचीत की है। उन्हें कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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‘विकास खंड कार्यालय से बैठक के बाद पीलीभीत जा रहा था। मुझे रास्ते में रोककर पीटा गया। बैग छीना गया। पुलिस को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया गया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।’
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- रूपेश कुमार सिंह, पीड़ित ग्राम विकास अधिकारी
‘ग्राम प्रधान के पुत्र और छह साथियों ने मिलकर ग्राम विकास अधिकारी पर जानलेवा हमला किया। गिरफ्तारी न होने की वजह से आंदोलन करना पड़ा। पूरे जिले के ग्राम विकास और ग्राम पंचायत अधिकारी आंदोलन में शामिल हैं। जिले में 84 अधिकारी समिति के सदस्य हैं, पहले दिन 56 सदस्यों ने भाग लिया। पूरे जिले में ग्राम पंचायतों से जुड़ा सामान्य कामकाज बाधित हो गया है।’
- पवन पटेल, अध्यक्ष, ग्राम विकास एवं ग्राम पंचायत अधिकारी समन्वय समिति
‘ग्राम प्रधान के पुत्र ने हमला किया। इस मामले को पुलिस गंभीरता से ले। आरोपियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।’
- विवेक वर्मा, विधायक
केयर टेकर महिलाओं ने भी धरने में दिया साथ
पीलीभीत। ग्राम पंचायत सचिव और ग्राम विकास अधिकारी संगठन के आंदोलन में अमरिया ब्लॉक के सामुदायिक शौचालयों की केयर टेकर महिलाएं भी शामिल हुईं। आरोप है कि इनका मानदेय रोकने के लिए प्रधान ने जोर दिया था, जिसे ग्राम पंचायत अधिकारी ने नहीं माना और इसी को लेकर बात बढ़ी तो ग्राम विकास अधिकारी पर हमला किया गया।