{"_id":"6192af04498d1231ef3b8868","slug":"crime-pilibhit-news-bly466251631","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिटिया के अंतिम संस्कार में आमन- सामने हुए भाजपा-सपा के पदाधिकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिटिया के अंतिम संस्कार में आमन- सामने हुए भाजपा-सपा के पदाधिकारी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीलीभीत। राजनीति चमकाने में कोई नेता पीछे नहीं रहता। ऐसा ही बिटिया के अंतिम संस्कार में दिखाई दिया। बिटिया का सोमवार को सुबह पौने नौ बजे अंतिम संस्कार होने थे तो, पुलिस की जल्दबाजी से आठ बजे ही श्मशान घाट शव पहुंच गया था। इसी बात को गुस्साएं सपा के पूर्व मंत्री ने कहा कि प्रशासन ने पीड़ित परिवार को गुमराह किया है। इसीलिए जल्दबाजी कर रहा है। जबकि सत्तादल के जिला उपाध्यक्ष का तर्क था कि सपा बिटिया के चिता पर रोटी सेंक रही है।
दरिंदों की हैवानियत की शिकार बिटियां का सोमवार को सुबह नौ बजे अंतिम संस्कार होना था। तमाम अधिकारी और नेता भोर होते ही गांव पहुंच गए थे। पुलिस ने अंतिम संस्कार सुबह होते ही पूरी तैयारियां कर ली थीं। शव को आठ बजे के आप पास श्मशान घाट लेकर परिवार वाले पहुंच गए। इसी दौरान सपा के पूर्व राज्यमंत्री हेमराज वर्मा पहुंच गए। अंतिम संस्कार होते देख पूर्व राज्यमंत्री विफर पड़े। बोले इतनी जल्दी प्रशासन क्यों कर रहा है। जबकि अंतिम संस्कार प्रशासन पीड़ित परिवार को गुमराह कर राजनीति करा रहा है। बेटियों को मारों फूंकों बस यही काम बचा है। पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि इंस्पेक्टर और सीओ रेप कराओ। परिवार को आर्थिक मुआवजा अभी तक नहीं दिया, इंस्पेक्टर और चौकी इंचार्ज को अभी तक सस्पेंड नहीं किया गया।
इस पर सत्ता दल पाटी भाजपा के जिला उपाध्यक्ष कमलेश गंगवार ने सपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि सपा के लोग बिटिया की चिता पर राजनीति की रोटियां सेंकना चाहते हैं। इसी लिए अंतिम संस्कार रोकने की बात कह रहे है। जबकि पीड़ित परिवार अंतिम संस्कार करना चाहता था। इसी दौरान परिवार वालों ने अंतिम संस्कार कर दिया। इसके बाद मामला शांत हो गया।
विज्ञापन
दोषी पुलिस कर्मी मिले, तो दिलाया जाएगा दंड
बरखेड़ा विधायक किशनलाल राजपूत ने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए प्रमुख सचिव गृह से वार्ता हो गई है। परिवार को जो मांगे हैं, वह पूरी कराई जाएगी। सरकार की विवेकाधीन कोष से जो आर्थिक मदद मिलती है। उसको भी तत्काल दिलाया जाएगा। पुलिस खुलासे में जुटी है। जल्द ही घटना का खुलासा कराया लाएगा। जरूरत पड़ी तो मुख्यमंत्री से मिलकर परिवार को इंसाफ दिलाने की बात करेंगे। अगर घटना में किसी भी पुलिस कर्मी की लापरवाही मिलती है, तो उस पर कार्रवाई कराई जाएगी। पीड़ित परिवार ने किसी के दबाव में नहीं बल्कि खुद बिटिया का अंतिम संस्कार किया है।
विज्ञापन
दरिंदों की हैवानियत की शिकार बिटियां का सोमवार को सुबह नौ बजे अंतिम संस्कार होना था। तमाम अधिकारी और नेता भोर होते ही गांव पहुंच गए थे। पुलिस ने अंतिम संस्कार सुबह होते ही पूरी तैयारियां कर ली थीं। शव को आठ बजे के आप पास श्मशान घाट लेकर परिवार वाले पहुंच गए। इसी दौरान सपा के पूर्व राज्यमंत्री हेमराज वर्मा पहुंच गए। अंतिम संस्कार होते देख पूर्व राज्यमंत्री विफर पड़े। बोले इतनी जल्दी प्रशासन क्यों कर रहा है। जबकि अंतिम संस्कार प्रशासन पीड़ित परिवार को गुमराह कर राजनीति करा रहा है। बेटियों को मारों फूंकों बस यही काम बचा है। पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि इंस्पेक्टर और सीओ रेप कराओ। परिवार को आर्थिक मुआवजा अभी तक नहीं दिया, इंस्पेक्टर और चौकी इंचार्ज को अभी तक सस्पेंड नहीं किया गया।
विज्ञापन
इस पर सत्ता दल पाटी भाजपा के जिला उपाध्यक्ष कमलेश गंगवार ने सपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि सपा के लोग बिटिया की चिता पर राजनीति की रोटियां सेंकना चाहते हैं। इसी लिए अंतिम संस्कार रोकने की बात कह रहे है। जबकि पीड़ित परिवार अंतिम संस्कार करना चाहता था। इसी दौरान परिवार वालों ने अंतिम संस्कार कर दिया। इसके बाद मामला शांत हो गया।
विज्ञापन
दोषी पुलिस कर्मी मिले, तो दिलाया जाएगा दंड
बरखेड़ा विधायक किशनलाल राजपूत ने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए प्रमुख सचिव गृह से वार्ता हो गई है। परिवार को जो मांगे हैं, वह पूरी कराई जाएगी। सरकार की विवेकाधीन कोष से जो आर्थिक मदद मिलती है। उसको भी तत्काल दिलाया जाएगा। पुलिस खुलासे में जुटी है। जल्द ही घटना का खुलासा कराया लाएगा। जरूरत पड़ी तो मुख्यमंत्री से मिलकर परिवार को इंसाफ दिलाने की बात करेंगे। अगर घटना में किसी भी पुलिस कर्मी की लापरवाही मिलती है, तो उस पर कार्रवाई कराई जाएगी। पीड़ित परिवार ने किसी के दबाव में नहीं बल्कि खुद बिटिया का अंतिम संस्कार किया है।