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देसी शराब की दुकान खुलने पर महिलाओं ने झाड़ू लेकर किया प्रदर्शन
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पीलीभीत। गांव गभिया सहराई में देसी शराब की दुकान खोले जाने के विरोध में शनिवार को महिलाओं ने झाड़ू लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान महिलाओं की पुलिस से भी नोकझोंक भी हुई। महिलाओं ने कहा कि शराब की दुकान खुलने से समाज को काफी दिक्कत होगी। पुलिस के आश्वासन के बाद महिलाओं ने प्रदर्शन खत्म किया।
इंडो-नेपाल बॉर्डर से सटा बंगाली बाहुल्य क्षेत्र में गांव महाराजपुर, गभिया सहराई में कभी शराब की दुकान नहीं थी। मगर अब देसी शराब की दुकान खुल गई है। इसका विरोध करते हुए शनिवार को महिलाओं ने झाड़ू लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी महिलाओं का आरोप था कि सरकारी अस्पताल में डॉक्टर नहीं है, इंटर कॉलेज में शिक्षक नहीं है। प्रशासन की ओर से शिक्षकों और डॉक्टरों की नियुक्ति कराने के बजाय गांव में देसी शराब की दुकान को खोल दिया गया है। जिसको कभी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसी भी सूरत में गांव में दुकान नहीं खुलने देंगे। दुकान खुलने से हमारा समाज और गड्ढे में चला जाएगा। प्रदर्शन की सूचना पर पहुंची 112 पुलिस ने महिलाओं को समझा-बुझाकर शांत कराने की कोशिश की, मगर महिलाएं मानने को तैयार नहीं हुईं। महिलाओं का कहना था कि शराब की दुकान को हटावाया जाए। बाद में पुलिस ने दुकान को हटवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद महिलाओं का गुस्सा शांत हुआ और प्रदर्शन खत्म किया। इस मौके पर तमाम महिलाएं शामिल रहीं।
दुकान खोलने को लेकर आवेदन किया गया था। इसी को लेकर प्रक्रिया चल रही थी। मौके पर सर्वे कराया गया, जो मानक के अनुरूप दुकान नहीं खोली जा सकती है। इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गईं है। - योगेश कुमार गौड़, एसडीएम कलीनगर
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इंडो-नेपाल बॉर्डर से सटा बंगाली बाहुल्य क्षेत्र में गांव महाराजपुर, गभिया सहराई में कभी शराब की दुकान नहीं थी। मगर अब देसी शराब की दुकान खुल गई है। इसका विरोध करते हुए शनिवार को महिलाओं ने झाड़ू लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी महिलाओं का आरोप था कि सरकारी अस्पताल में डॉक्टर नहीं है, इंटर कॉलेज में शिक्षक नहीं है। प्रशासन की ओर से शिक्षकों और डॉक्टरों की नियुक्ति कराने के बजाय गांव में देसी शराब की दुकान को खोल दिया गया है। जिसको कभी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसी भी सूरत में गांव में दुकान नहीं खुलने देंगे। दुकान खुलने से हमारा समाज और गड्ढे में चला जाएगा। प्रदर्शन की सूचना पर पहुंची 112 पुलिस ने महिलाओं को समझा-बुझाकर शांत कराने की कोशिश की, मगर महिलाएं मानने को तैयार नहीं हुईं। महिलाओं का कहना था कि शराब की दुकान को हटावाया जाए। बाद में पुलिस ने दुकान को हटवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद महिलाओं का गुस्सा शांत हुआ और प्रदर्शन खत्म किया। इस मौके पर तमाम महिलाएं शामिल रहीं।
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दुकान खोलने को लेकर आवेदन किया गया था। इसी को लेकर प्रक्रिया चल रही थी। मौके पर सर्वे कराया गया, जो मानक के अनुरूप दुकान नहीं खोली जा सकती है। इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गईं है। - योगेश कुमार गौड़, एसडीएम कलीनगर
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