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महिला की हत्या का मामलाः दो परिवारों के बीच बदले की आग ने एक और हत्या को अंजाम दे डाला

Wed, 07 Apr 2021 10:39 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 07 Apr 2021 10:39 PM IST
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crime
पीलीभीत। महिला की धारदार हथियार से हत्या की घटना के पीछे पुरानी रंजिश वजह बनी है। दोनों परिवारों के बीच जमीन का विवाद पहले से था। मगर पिछले साल हुई हत्या ने इसे और गहरा दिया था। मृतका के पति और तीन बेटे हत्या के आरोप में जेल भी गए थे। तीन महीने पहले जब से जमानत पर आए थे, तभी से विवाद की आशंका बनी हुई थी। नतीजतन दो परिवारों के बीच सुलग रही बदले की आग ने एक और हत्या को अंजाम दे डाला।
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बता दें कि बरुआ कुठारा गांव निवासी मृतका के पति शंकरलाल और दूसरे पक्ष रामभरोसे (नामजद किए हरीशचंद्र के पिता) का खेत पड़ोस में है। उनके बीच खेत को लेकर विवाद चलता था। रामभरोसे के खेत में आम का पेड़ लगा था। उसकी डाल शंकरलाल के खेत की तरफ झुकी हुई थी। पिछले साल 22 जून की शाम को रामभरोसे खेत पर आम तोड़ रहा था तो दोनों पक्षों के बीच झगड़ा हो गया था। दोनों में लाठी डंडे चले थे और रामभरोसे की जान चली गई थी। उस मामले में मृतका के पति शंकरलाल, तीन बेटे पप्पू, विनोद और हरनाम गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर जेल भेजे गए थे। हाईकोर्ट से जमानत होने पर जनवरी माह में वह जेल से छूटे थे। इसके बाद शंकरलाल अपनी पत्नी रामप्यारी के साथ बरुआ कुुठारा गांव में बनी झोंपड़ी में रहने लगे। यहां रहकर वह खेत की रखवाली करते थे। कुछ जानवर पाल रखे थे। बेटे हरनाम ने बताया कि पिता और भाइयों के जमानत पर छूटने के बाद ही उन्हें जान से मारने की धमकियां मिलने लगी थीं। कोई विवाद न हो, इस वजह से वह अन्य भाइयों के साथ भगवंतापुर स्थित मकान में रहने लगे थे। माता-पिता से फोन पर बात कर लिया करते थे। होली के दूसरे दिन राशन पहुंचाने गए थे तो मुलाकात भी हुई थी। मंगलवार रात अचानक हमले का पता लगा तो वह आनन-फानन में भाइयों के साथ पहुंचे, वहां मां मृत मिलीं।
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बेटा बोला- अगर पिता नहीं भागते तो उनकी भी चली जाती जान
पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद मृतका के बेटे विनोद ने बताया कि हमलावर पहले से ही जान लेने का मन बना चुके थे। आए दिन धमकी दी जाती थी। यह बात किसी सेे छिपी नहीं है। मंगलवार रात को अचानक हमला कर दिया गया और मां रामप्यारी की हत्या कर दी। अगर पिता किसी तरह बचकर नहीं भागते तो उनकी भी जान आरोपी ले लेते। बताया कि पिता भागते हुए गांव में ही रहने वाले रिश्तेदार पप्पू के घर पहुंचे थे तो बेसुध थे। वह बोल नहीं पा रहे थे। उन्हें आग तपाई गई और फिर पानी पिलाकर पूछा गया। तब करीब दस मिनट बाद उन्होंने पूरी बात बताई। फिर रिश्तेदार ने कॉल कर उन्हें बताया।
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एसपी, एएसपी समेत कई अफसर पहुंचे, छानबीन को लगाई टीमें
महिला की हत्या के बाद पुलिस विभाग में खलबली मची रही। एसपी किरीट कुमार, एएसपी डॉ. पवित्र मोहन त्रिपाठी, सीओ पूरनपुर लल्लन सिंह पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे। आसपास के लोगों से घटना की जानकारी जुटाई। फील्ड यूनिट और सर्विलांस टीम भी लगी रही। एसओजी प्रभारी नरेश कश्यप भी टीम के साथ ग्रामीणों से घटनाक्रम को लेकर जानकारी हासिल करते रहे। घटनास्थल से एक कुल्हाड़ी, बांका भी बरामद किया गया। उसे पुलिस ने कब्जे में ले लिया है।
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