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नौकरी के नाम पर सात ग्रामीणों से 12.30 लाख की ठगी, रिपोर्ट दर्ज
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पीलीभीत। कृषि विभाग में नौकरी लगवाने के नाम पर जालसाज ने सात ग्रामीणों से 12.30 लाख रुपये ठग लिए। कई महीनों तक उन्हें जल्द नियुक्ति पत्र मिलने की बात कहकर टरकाता रहा। बाद में रुपये लौटाने से इनकार कर धमकी देकर भगा दिया। एसपी के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज की है।
बरखेड़ा थाना क्षेत्र के गांव गंगापुरी निवासी मोहनलाल ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि जनवरी 2020 में उनकी जान पहचान आवास विकास कॉलोनी निवासी हरिबाबू पुत्र सुम्मेरलाल से हुई थी। उसने कृषि विभाग में नौकरी लगवाने का झांसा दिया। कई बड़े अफसरों को करीबी बताया था। इसके एवज में डेढ़ लाख रुपये की मांग की गई। झांसे में आकर 19 फरवरी 2020 को 75 हजार रुपये नकद दे दिए। 15 दिन बाद फिर आरोपी ने चयन होने की जानकारी दी और फिर बाकी रुपये मांगे। इसके बाद दोबारा आरोपी के घर जाकर वह 75 हजार रुपये दे आए। इस दौरान कहा कि 15 दिन बाद डाक से घर पर नियुक्ति पत्र पहुंचेगा। कई दिन बीतने के बाद भी जब नियुक्ति पत्र नहीं पहुंचा तो पीड़ित ने आरोपी को फोन किया, मगर उसका नंबर स्विच ऑफ बताता रहा। इसके कृषि विभाग जाकर जानकारी गई तो जालसाजी का पता लगा। कई बार दिए गए रुपये वापस लेने आरोपी के घर गए, मगर टालमटोल की जाती रही। एक माह पूर्व रुपये लौटाने से इनकार कर धमकी देकर भगा दिया। पीड़ित ने बताया कि उसके अलावा भी छह अन्य युवकों से करीब 10.80 लाख की ठगी आरोपी ने की है। इसमें पिपराभगु गांव निवासी डालचंद, गंगापुरी गांव निवासी हेतराम, रूपपुर कमालु के निवासी अरविंद, हिम्मतनगर गांव निवासी नरेश, मंगतपुर गांव निवासी उमाशंकर, नवदिया दहगला के लालबहादुर, सुनील कुमार है। सभी से इसी तरह से नौकरी के नाम पर रुपये ठगे थे। कोतवाल अतर सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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बरखेड़ा थाना क्षेत्र के गांव गंगापुरी निवासी मोहनलाल ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि जनवरी 2020 में उनकी जान पहचान आवास विकास कॉलोनी निवासी हरिबाबू पुत्र सुम्मेरलाल से हुई थी। उसने कृषि विभाग में नौकरी लगवाने का झांसा दिया। कई बड़े अफसरों को करीबी बताया था। इसके एवज में डेढ़ लाख रुपये की मांग की गई। झांसे में आकर 19 फरवरी 2020 को 75 हजार रुपये नकद दे दिए। 15 दिन बाद फिर आरोपी ने चयन होने की जानकारी दी और फिर बाकी रुपये मांगे। इसके बाद दोबारा आरोपी के घर जाकर वह 75 हजार रुपये दे आए। इस दौरान कहा कि 15 दिन बाद डाक से घर पर नियुक्ति पत्र पहुंचेगा। कई दिन बीतने के बाद भी जब नियुक्ति पत्र नहीं पहुंचा तो पीड़ित ने आरोपी को फोन किया, मगर उसका नंबर स्विच ऑफ बताता रहा। इसके कृषि विभाग जाकर जानकारी गई तो जालसाजी का पता लगा। कई बार दिए गए रुपये वापस लेने आरोपी के घर गए, मगर टालमटोल की जाती रही। एक माह पूर्व रुपये लौटाने से इनकार कर धमकी देकर भगा दिया। पीड़ित ने बताया कि उसके अलावा भी छह अन्य युवकों से करीब 10.80 लाख की ठगी आरोपी ने की है। इसमें पिपराभगु गांव निवासी डालचंद, गंगापुरी गांव निवासी हेतराम, रूपपुर कमालु के निवासी अरविंद, हिम्मतनगर गांव निवासी नरेश, मंगतपुर गांव निवासी उमाशंकर, नवदिया दहगला के लालबहादुर, सुनील कुमार है। सभी से इसी तरह से नौकरी के नाम पर रुपये ठगे थे। कोतवाल अतर सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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