{"_id":"6016f46c8ebc3e2c5359e3d4","slug":"crime-pilibhit-news-bly4356446127","type":"story","status":"publish","title_hn":"चिह्नित की बजाय बनवा दिया पिता के नाम दर्ज जमीन पर विद्यालय, अब फंसे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चिह्नित की बजाय बनवा दिया पिता के नाम दर्ज जमीन पर विद्यालय, अब फंसे
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीलीभीत। विधायक निधि से विद्यालय निर्माण को मिली धनराशि से चिह्नित जमीन की बजाय अपने पिता के नाम पर दर्ज जमीन पर विद्यालय बनवाने पर स्कूल प्रबंधक की मुश्किल बढ़ गई है। डीएम ने मामला संज्ञान में आने पर प्रबंधक पर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं परियोजना निदेशक और सहायक अभियंता ग्राम्य विकास को प्रतिकूल प्रविष्टि देते हुए अग्रिम आदेशों तक वेतन रोका गया है। डीएम की ओर से की गई कार्रवाई से खलबली मची रही।
बीते साल एक शिकायत डीएम को मिली थी। इसमें बताया गया था कि ललौरीखेड़ा ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम जिरौनिया में एसजी पब्लिक स्कूल के प्रबंधक प्रेमशंकर को विद्यालय निर्माण के लिए विधायक निधि से कई किश्तों में 25 लाख रुपये मिले थे। विद्यालय निर्माण के लिए जमीन का चिन्हीकरण भी हो चुका था। यह विद्यालय समिति के नाम पर दर्ज गाटा संख्या 349 पर कराया जाना था। मगर प्रबंधक ने जालसाजी करते हुए विद्यालय का निर्माण अपने पिता के नाम पर दर्ज गाटा संख्या 350 पर करा दिया था। विधायक निधि से मिली धनराशि का दुरुपयोग करने के आरोप लगाए गए थे। इस मामले में डीडीओ योगेंद्र कुमार पाठक को जांच दी गई। डीडीओ ने शिकायत में लगाए गए आरोपों को देखते हुए सभी बिंदुओं पर जांच की। इसमें आरोप सही पाए गए। जांच कर पत्रावली डीएम को भेज दी गई थी। डीएम ने अब इस मामले में सख्ती की है। डीएम पुलकित खरे ने बताया कि प्रबंधक पर एफआईआर दर्ज कराने और रिकवरी के आदेश किए गए हैं। इसके अलावा परियोजना निदेशक और सहायक अभियंता ग्राम्य विकास को प्रतिकूल प्रविष्टि देते हुए अग्रिम आदेशों तक वेतन रोका गया है।
विज्ञापन
बीते साल एक शिकायत डीएम को मिली थी। इसमें बताया गया था कि ललौरीखेड़ा ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम जिरौनिया में एसजी पब्लिक स्कूल के प्रबंधक प्रेमशंकर को विद्यालय निर्माण के लिए विधायक निधि से कई किश्तों में 25 लाख रुपये मिले थे। विद्यालय निर्माण के लिए जमीन का चिन्हीकरण भी हो चुका था। यह विद्यालय समिति के नाम पर दर्ज गाटा संख्या 349 पर कराया जाना था। मगर प्रबंधक ने जालसाजी करते हुए विद्यालय का निर्माण अपने पिता के नाम पर दर्ज गाटा संख्या 350 पर करा दिया था। विधायक निधि से मिली धनराशि का दुरुपयोग करने के आरोप लगाए गए थे। इस मामले में डीडीओ योगेंद्र कुमार पाठक को जांच दी गई। डीडीओ ने शिकायत में लगाए गए आरोपों को देखते हुए सभी बिंदुओं पर जांच की। इसमें आरोप सही पाए गए। जांच कर पत्रावली डीएम को भेज दी गई थी। डीएम ने अब इस मामले में सख्ती की है। डीएम पुलकित खरे ने बताया कि प्रबंधक पर एफआईआर दर्ज कराने और रिकवरी के आदेश किए गए हैं। इसके अलावा परियोजना निदेशक और सहायक अभियंता ग्राम्य विकास को प्रतिकूल प्रविष्टि देते हुए अग्रिम आदेशों तक वेतन रोका गया है।
विज्ञापन