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गुड्डी हत्याकांड में दंपती को आजीवन कारावास, जुर्माना
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पीलीभीत। जिला जज ने बिलसंडा के बमरौली गांव में महिला गुड्डी की साढ़े पांच साल पहले हुई हत्या के मामले में उसकी चचेरी नंद और नंदोई को दोषी साबित होने पर आजीवन कारावास और 10-10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।
गांव बमरौली निवासी कुन्नूलाल ने 30 सितंबर 2014 को थाना बिलसंडा में घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि उनकी पहली पत्नी पुष्पा देवी की विवाह के छह साल बाद दीवार गिरने से मौत हो गई थी। पुष्पा देवी से तीन बच्चे हैं। दूसरी पत्नी से उनका तलाक हो गया था। मृतका गुड्डी उसकी तीसरी पत्नी थी। संजू देवी उसकी चचेरी बहन और मनोज कुमार बहनोई है। मृतका के पति की चचेरी बहन संजू देवी पिता की मौत के बाद पति मनोज के साथ अपने मायके बमरौली गांव में ही रहती थी। उसका आरोप था कि बहन और बहनोई तीसरी पत्नी गुड्डी देवी को आए दिन परेशान करते थे। उससे मारपीट भी करते थे। पुलिस से शिकायत की तो ग्रामीणों ने सुलह करा दी थी। फिर उसे दोबारा प्रताड़ित किया जाने लगा। 29 सितंबर 2014 को गुड्डी देवी की आग से जलकर मौत हो गई। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर शव का अंतिम परीक्षण कराया। विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। न्यायालय में साक्ष्य के दौरान पीड़ित ने बताया कि मृत्यु पूर्व गुड्डी देवी ने उससे कहा कि चचेरी ननद और बहनोई ने उसे जलाया है। मामले की सुनवाई के बाद सत्र न्यायाधीश मेहताब अहमद ने दोनों आरोपियों को दोषी पाकर आजीवन कारावास और प्रत्येक को दस रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। आरोपियों को सजा भुगतने के लिए जिला जेल भेज दिया है।
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गांव बमरौली निवासी कुन्नूलाल ने 30 सितंबर 2014 को थाना बिलसंडा में घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि उनकी पहली पत्नी पुष्पा देवी की विवाह के छह साल बाद दीवार गिरने से मौत हो गई थी। पुष्पा देवी से तीन बच्चे हैं। दूसरी पत्नी से उनका तलाक हो गया था। मृतका गुड्डी उसकी तीसरी पत्नी थी। संजू देवी उसकी चचेरी बहन और मनोज कुमार बहनोई है। मृतका के पति की चचेरी बहन संजू देवी पिता की मौत के बाद पति मनोज के साथ अपने मायके बमरौली गांव में ही रहती थी। उसका आरोप था कि बहन और बहनोई तीसरी पत्नी गुड्डी देवी को आए दिन परेशान करते थे। उससे मारपीट भी करते थे। पुलिस से शिकायत की तो ग्रामीणों ने सुलह करा दी थी। फिर उसे दोबारा प्रताड़ित किया जाने लगा। 29 सितंबर 2014 को गुड्डी देवी की आग से जलकर मौत हो गई। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर शव का अंतिम परीक्षण कराया। विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। न्यायालय में साक्ष्य के दौरान पीड़ित ने बताया कि मृत्यु पूर्व गुड्डी देवी ने उससे कहा कि चचेरी ननद और बहनोई ने उसे जलाया है। मामले की सुनवाई के बाद सत्र न्यायाधीश मेहताब अहमद ने दोनों आरोपियों को दोषी पाकर आजीवन कारावास और प्रत्येक को दस रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। आरोपियों को सजा भुगतने के लिए जिला जेल भेज दिया है।
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