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50 हजार का ईनामी सलीम उर्फ बक्शे एसटीएफ ने दबोचा
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पीलीभीत। सात साल से फरार चल रहे 50 हजार के इनामी शातिर डकैत खमरिया बरखेड़ा निवासी सलीम उर्फ बख्शे उर्फ नवाब बख्श बंजारा पुत्र इमामी को एसटीएफ ने मंगलवार को एटा जिले के मलाबन थाना क्षेत्र के पुरा गांव से गिरफ्तार कर लिया। सलीम को देर शाम एसटीएम सुनगढ़ी थाना लाई और दाखिल करा दिया।
एसटीएफ के इंस्पेक्टर अजयपाल ने बताया कि आरोपी सलीम उर्फ बख्शे ने चिडिय़ादाह सुनगढ़ी के निवासी नवाब अहमद के घर 27 मार्च 2012 को डकैती की थी। इसी मामले में तत्कालीन आईजी डीके ठाकुर ने 15 सितंबर 2018 को उस पर 50 हजार का इनाम घोषित किया था। इसके अलावा वह शाहजहांपुर के निगोही थाना क्षेत्र में भी 1997 में डकैती और रेप कर चुका है। यह डकैती गैंग का मास्टर माइंड है। इस पर करीब 28 मुकदमे हैं। यह सात साल से फरार था। पुलिस से बचने को यह राजस्थान और हरियाणा में चूड़ी बेचा करता था। इसके अलावा जम्मू कश्मीर के अनंतनाग में भी रहा। वहां से चरस लाने के बाद उसकी भी बिक्री करता था। एसटीएफ करीब डेढ़ साल से इसके पीछे लगी थी। एक साल पहले इसके भाई को पकड़ लिया गया, लेकिन यह चकमा देकर निकल गया था। इसके बाद से इसने मोबाइल रखना भी बंद कर दिया। तीन माह पूर्व भी ये अपने घर बरखेड़ा आया और चुपचाप निकल गया था। अभी चार तीन पहले इसके अपनी बहन के घर एटा आने की जानकारी हुई, जिस पर दबिश देकर उसको धर दबोचा। पकड़ने के बाद महिलाओं ने एसटीएफ को घेरने की भी कोशिश की थी। यह बेहद शातिर किस्म का अपराधी है। एक बार 2008 में यह खटीमा पुलिस की कस्टडी से भी फरार हुआ था।
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एसटीएफ के इंस्पेक्टर अजयपाल ने बताया कि आरोपी सलीम उर्फ बख्शे ने चिडिय़ादाह सुनगढ़ी के निवासी नवाब अहमद के घर 27 मार्च 2012 को डकैती की थी। इसी मामले में तत्कालीन आईजी डीके ठाकुर ने 15 सितंबर 2018 को उस पर 50 हजार का इनाम घोषित किया था। इसके अलावा वह शाहजहांपुर के निगोही थाना क्षेत्र में भी 1997 में डकैती और रेप कर चुका है। यह डकैती गैंग का मास्टर माइंड है। इस पर करीब 28 मुकदमे हैं। यह सात साल से फरार था। पुलिस से बचने को यह राजस्थान और हरियाणा में चूड़ी बेचा करता था। इसके अलावा जम्मू कश्मीर के अनंतनाग में भी रहा। वहां से चरस लाने के बाद उसकी भी बिक्री करता था। एसटीएफ करीब डेढ़ साल से इसके पीछे लगी थी। एक साल पहले इसके भाई को पकड़ लिया गया, लेकिन यह चकमा देकर निकल गया था। इसके बाद से इसने मोबाइल रखना भी बंद कर दिया। तीन माह पूर्व भी ये अपने घर बरखेड़ा आया और चुपचाप निकल गया था। अभी चार तीन पहले इसके अपनी बहन के घर एटा आने की जानकारी हुई, जिस पर दबिश देकर उसको धर दबोचा। पकड़ने के बाद महिलाओं ने एसटीएफ को घेरने की भी कोशिश की थी। यह बेहद शातिर किस्म का अपराधी है। एक बार 2008 में यह खटीमा पुलिस की कस्टडी से भी फरार हुआ था।
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