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चोरों ने मकान के ताले तोड़कर लाखों का माल उड़ाया
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पीलीभीत। शहर में चोरी की वारदात थमने का नाम नहीं ले रही हैं। मोहल्ला आसफजान में गुरुवार रात बंद मकान के ताले तोड़कर चोरों ने आठ हजार नकदी समेत तीन लाख का सामान समेट ले गए। सीओ सिटी ने पुलिस बल के साथ मौका मुआयना कर पीड़ितों से जानकारी ली।
मोहल्ला आसफजान निवासी राधेश्याम शुक्ला के मकान में किराए पर रहने वाले रामसेवक मिश्र ने बताया की वह पेस्टीसाइड की दुकान पर काम करते हैं। बृहस्पतिवार शाम को वह परिवार के साथ मकान को ताला लगाकर एक रिश्तेदार की शादी में बीसलपुर गए थे। देर रात चोरों ने बंद मकान को निशाने पर लिया। मेनगेट पर लगा ताला तोड़कर चोर भीतर घुसे। इसके बाद दो कमरों को खंगाल दिया। यहां से चोर आठ हजार रुपये, जेवरात समेत तीन लाख का सामान समेट ले गए। शुक्रवार सुबह पड़ोसी शोभी गुप्ता ने मकान के दरवाजे खुले देखे तो उनको कुछ शक हुआ। कई बार आवाज देने के बाद भी जब कोई बाहर नहीं निकला तो उन्होंने फोन कर रामसेवक मिश्र के परिवार वालों को जानकारी दी। कुछ ही देर में परिवार वाले वापस आ गए। चोरी की सूचना पुलिस को दी गई। सीओ सिटी धर्म सिंह मार्छाल, कोतवाल श्रीकांत द्विवेदी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। मौका मुआयना कर जानकारी जुटाई और पीड़ित को जल्द खुलासे का आश्वाशन दिया। अब पुलिस चोरों तक पहुंचने के लिए आसपास की गलियों में सीसीटीवी कैमरे का पता लगाने में जुटी है।
पहले पीड़ित को ही कठघरे में खड़ी करने लगी पुलिस
सीओ और कोतवाल से पहले कुछ पुलिसकर्मी मौके पर आ गए थे। खुद को बचाने के लिए पीड़ित को ही कठघरे में खड़ा करना शुरू कर दिया। कहने लगे कि बरात में पूरा परिवार क्यों गया? किसी को घर छोड़कर जाना चाहिए था। इसी तरह के बेतुके सवाल किए जाते रहे। इसके बाद जब लोगों ने ऐतराज जताया तो बचाव पर उतर आए। मोहल्ले के लोगों ने गश्त न होने की बात पर भी पुलिस को घेरा।
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फील्ड यूनिट और डॉग स्क्वॉड भी खाली हाथ
पुलिस को सुराग के नाम पर कुछ हाथ नहीं लग सका है। पहले से चहलकदमी होने पर सर्च डॉग काम नहीं कर सका। फील्ड यूनिट के एक्सपर्ट को भी पौन घंटे की पड़ताल में क्लू नहीं मिल सका। ऐसे में अब पुलिस के सामने वर्कआउट के लिए सर्विलांस ही एकमात्र सहारा बचा है।
दरोगा-सिपाही स्तर पर लापरवाही से बढ़ रहीं घटनाएं
लगातार हो रही चोरी की घटनाओं के बाद अफसर भले ही अलर्ट हो। थानाध्यक्ष रात्रि गश्त के लिए प्लानिंग कर ड्यूटी लगा रहे हैं, लेकिन दरोगा-सिपाही स्तर पर संजीदगी अब भी नहीं आ सकी है। बीट पर सिपाही की पकड़ खत्म होती जा रही है। दरोगा क्षेत्र में निकलते ही नहीं। अफसर हर वारदात के बाद सख्ती के दावे तो करते हैं, लेकिन घटनाओं का शोर थमते ही भुला दिया जाता है। नतीजतन न तो लापरवाह कर्मियों पर एक्शन लिया जाता है। वहीं कार्रवाई रिपोर्ट दर्ज करने और फिर फाइनल रिपोर्ट लगाने तक सीमित है।
चोरी की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंच जानकारी की गई है। पीड़ित से तहरीर लेकर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। स्वाट टीम को भी सुरागरसी को लगाया है, जल्द वर्कआउट किया जाएगा। - धर्म सिंह मार्छाल, सीओ सिटी
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मोहल्ला आसफजान निवासी राधेश्याम शुक्ला के मकान में किराए पर रहने वाले रामसेवक मिश्र ने बताया की वह पेस्टीसाइड की दुकान पर काम करते हैं। बृहस्पतिवार शाम को वह परिवार के साथ मकान को ताला लगाकर एक रिश्तेदार की शादी में बीसलपुर गए थे। देर रात चोरों ने बंद मकान को निशाने पर लिया। मेनगेट पर लगा ताला तोड़कर चोर भीतर घुसे। इसके बाद दो कमरों को खंगाल दिया। यहां से चोर आठ हजार रुपये, जेवरात समेत तीन लाख का सामान समेट ले गए। शुक्रवार सुबह पड़ोसी शोभी गुप्ता ने मकान के दरवाजे खुले देखे तो उनको कुछ शक हुआ। कई बार आवाज देने के बाद भी जब कोई बाहर नहीं निकला तो उन्होंने फोन कर रामसेवक मिश्र के परिवार वालों को जानकारी दी। कुछ ही देर में परिवार वाले वापस आ गए। चोरी की सूचना पुलिस को दी गई। सीओ सिटी धर्म सिंह मार्छाल, कोतवाल श्रीकांत द्विवेदी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। मौका मुआयना कर जानकारी जुटाई और पीड़ित को जल्द खुलासे का आश्वाशन दिया। अब पुलिस चोरों तक पहुंचने के लिए आसपास की गलियों में सीसीटीवी कैमरे का पता लगाने में जुटी है।
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पहले पीड़ित को ही कठघरे में खड़ी करने लगी पुलिस
सीओ और कोतवाल से पहले कुछ पुलिसकर्मी मौके पर आ गए थे। खुद को बचाने के लिए पीड़ित को ही कठघरे में खड़ा करना शुरू कर दिया। कहने लगे कि बरात में पूरा परिवार क्यों गया? किसी को घर छोड़कर जाना चाहिए था। इसी तरह के बेतुके सवाल किए जाते रहे। इसके बाद जब लोगों ने ऐतराज जताया तो बचाव पर उतर आए। मोहल्ले के लोगों ने गश्त न होने की बात पर भी पुलिस को घेरा।
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फील्ड यूनिट और डॉग स्क्वॉड भी खाली हाथ
पुलिस को सुराग के नाम पर कुछ हाथ नहीं लग सका है। पहले से चहलकदमी होने पर सर्च डॉग काम नहीं कर सका। फील्ड यूनिट के एक्सपर्ट को भी पौन घंटे की पड़ताल में क्लू नहीं मिल सका। ऐसे में अब पुलिस के सामने वर्कआउट के लिए सर्विलांस ही एकमात्र सहारा बचा है।
दरोगा-सिपाही स्तर पर लापरवाही से बढ़ रहीं घटनाएं
लगातार हो रही चोरी की घटनाओं के बाद अफसर भले ही अलर्ट हो। थानाध्यक्ष रात्रि गश्त के लिए प्लानिंग कर ड्यूटी लगा रहे हैं, लेकिन दरोगा-सिपाही स्तर पर संजीदगी अब भी नहीं आ सकी है। बीट पर सिपाही की पकड़ खत्म होती जा रही है। दरोगा क्षेत्र में निकलते ही नहीं। अफसर हर वारदात के बाद सख्ती के दावे तो करते हैं, लेकिन घटनाओं का शोर थमते ही भुला दिया जाता है। नतीजतन न तो लापरवाह कर्मियों पर एक्शन लिया जाता है। वहीं कार्रवाई रिपोर्ट दर्ज करने और फिर फाइनल रिपोर्ट लगाने तक सीमित है।
चोरी की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंच जानकारी की गई है। पीड़ित से तहरीर लेकर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। स्वाट टीम को भी सुरागरसी को लगाया है, जल्द वर्कआउट किया जाएगा। - धर्म सिंह मार्छाल, सीओ सिटी