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गन्ने के खेत में गोवंश की हत्या, अवशेष मिलने पर हड़कंप

Sat, 25 Jan 2020 06:39 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 25 Jan 2020 06:39 PM IST
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crime in barkhera pilibhit
बरखेड़ा (पीलीभीत)। शासन-प्रशासन की सख्ती के बाद भी गोहत्या नहीं थम रही है। एक बार फिर गन्ने के खेत में गोमांस तस्करों ने दो गोवंशीय पशुओं की हत्या कर दी। खेत में गोवंशीय पशुओं के अवशेष मिलने पर घटना का पता लगा। पुलिस ने परीक्षण के बाद अवशेष दफन कराए। अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस छानबीन में जुटी है।
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बरखेड़ा थाना क्षेत्र के दियूरा गांव निवासी उमाशंकर दीक्षित खेती करते हैं। उनका गन्ने का खेत मूसेपुरकलां गांव जाने वाले रास्ते पर है। शुक्रवार रात गोमांस तस्कर इलाके में सक्रिय हुए। दो गोवंशीय पशुओं को गन्ने के खेत में ले जाकर हत्या कर दी गई। तस्कर मांस लेकर चले गए। शनिवार सुबह करीब आठ बजे ग्रामीण खेत की तरफ से गुजरे। रास्ते पर काफी खून पड़ा था। खून के निशान देखते हुए ग्रामीण खेत में पहुंचे तो गोवंशीय पशु के अवशेष पड़े मिले। कुछ ही देर में गोहत्या का शोर मच गया। इसकी सूचना पुलिस को दी गई।
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इंस्पेक्टर उमेश सिंह सोलंकी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पशु चिकित्सक को बुलाकर अवशेषों का परीक्षण कराया गया। इसमें अवशेष गोवंशीय पशु के होने की पुष्टि हुई। इसके बाद अवशेष दफन कराए गए। पुलिस ने मौका मुआयना कर जानकारी जुटाई। बाद में सीओ प्रवीण मलिक भी बरखेड़ा पहुंचे और पूरे मामले को गहनता से समझा। अब पुलिस पुराने तस्करों को लेकर छानबीन में जुटी है।
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शातिर राबिया को पकड़ने में पुलिस फेल..कैसे रुके गोहत्या
पीलीभीत। नेपाल और उत्तराखंड की सीमा से सटा होने के कारण जिले में गोवंशीय पशुओं की तस्करी और हत्या बड़े पैमाने पर होती रही है। 2017 में सत्ता परिवर्तन के बाद योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनाए जाने पर इस पर शिकंजा कसा गया।
साल 2016 में गोवंश की तस्करी और हत्या के कुल 213 मामले दर्ज किए गए थे। 2017 में सख्ती बढ़ी तो आंकड़ा 149 रह गया। इसके बाद ढील होने पर दुबारा ग्राफ बढ़ा। 2018 में संख्या 171 पर पहुंच गई। पूरे 12.86 प्रतिशत की वृद्धि हुई। साल 2019 में गोवंशीय पशुओं की तस्करी तो कम हुई, मगर गोहत्या नहीं रुकी। बरखेड़ा, जहानाबाद, पूरनपुर, बीसलपुर समेत कई थानों से घटनाएं सामने आईं। अब भी इनको पूरी तरह से रोका नहीं जा सका है। शाहजहांपुर का शातिर तस्कर राबिया तीन साल से पुलिस पकड़ नहीं पाई। उस पर यहां के अधिकांश थानों में एफआईआर है। शातिर तस्कर पुलिस रिकॉर्ड में फरार है, मगर पकड़ में नहीं आ रहा। उसके नेटवर्क के आगे पुलिस फेल साबित हो रही। बीसलपुर तहसील क्षेत्र के अलावा भी उसका गैंग सक्रिय रहता है। इसके अलावा बरेली के भी तस्कर घटनाएं करते हैं।

दियूरा गांव में गोवंशीय पशु के अवशेष मिले हैं। अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर छानबीन कराई जा रही है। गोहत्या बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसको लेकर समस्त सर्किल और थाना प्रभारियों को निर्देशित किया जा चुका है। - रोहित मिश्र, एएसपी
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