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Pilibhit News: गोवंश के भूखों मरने की नौबत, चार माह से नहीं मिला भरण-पोषण भत्ता
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पीलीभीत। सहभागिता योजना के तहत निराश्रित गोवंश को पालने के लिए पशुपालकों को दी जाने वाली सहायता धनराशि चार महीनों से नहीं मिली है। अंतिम भुगतान जून में भेजा गया था। इसके बाद से भुगतान अटका है। भुगतान पाने के लिए पशुपालक लगातार विभाग के चक्कर लगा रहे हैं। भुगतान न मिलने से गोवंश के भूखों मरने की नौबत आ गई है।
निराश्रित गोवंश को आश्रय देने के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है। बड़ी-बड़ी गोशालाएं संचालित हैं। इसके बाद भी पशु सड़कों पर घूमते रहते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने निराश्रित पशुओं को पालने के लिए सहायता राशि देने की सहभागिता योजना शुरू की। योजना के तहत प्रति पशु भरण-पोषण के लिए रोजाना 50 रुपये देने की व्यवस्था है। पहले 30 रुपये प्रति पशु दिए जाते थे।
योजना शुरू होने के बाद जनपद के करीब 1759 लोगों ने पशुओं को गोआश्रय स्थलों से गोद लेकर पालना शुरू कर दिया। नियम तो यह है कि प्रत्येक महीना पशुपालकों को भुगतान दिया जाए, लेकिन अभी तक समय पर भुगतान नहीं मिल पा रहा है। जिले के पशुपालकों को जून में भुगतान दिया गया था, इसके बाद से अब तक भुगतान नहीं मिला है।
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वर्जन
पशुपालकों को सितंबर तक का भुगतान करने की फाइल तैयार हो चुकी है। डीएम के अनुमोदन के बाद जल्द ही भुगतान बैंक खातों में भेज दिया जाएगा। सितंबर तक का भुगतान 30 रुपये प्रति पशु के हिसाब से दिया जाएगा, लेकिन अक्तूबर से भुगतान 50 रुपये की दर से किया जाएगा।
- डॉ. अरविंद गर्ग, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
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निराश्रित गोवंश को आश्रय देने के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है। बड़ी-बड़ी गोशालाएं संचालित हैं। इसके बाद भी पशु सड़कों पर घूमते रहते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने निराश्रित पशुओं को पालने के लिए सहायता राशि देने की सहभागिता योजना शुरू की। योजना के तहत प्रति पशु भरण-पोषण के लिए रोजाना 50 रुपये देने की व्यवस्था है। पहले 30 रुपये प्रति पशु दिए जाते थे।
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योजना शुरू होने के बाद जनपद के करीब 1759 लोगों ने पशुओं को गोआश्रय स्थलों से गोद लेकर पालना शुरू कर दिया। नियम तो यह है कि प्रत्येक महीना पशुपालकों को भुगतान दिया जाए, लेकिन अभी तक समय पर भुगतान नहीं मिल पा रहा है। जिले के पशुपालकों को जून में भुगतान दिया गया था, इसके बाद से अब तक भुगतान नहीं मिला है।
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पशुपालकों को सितंबर तक का भुगतान करने की फाइल तैयार हो चुकी है। डीएम के अनुमोदन के बाद जल्द ही भुगतान बैंक खातों में भेज दिया जाएगा। सितंबर तक का भुगतान 30 रुपये प्रति पशु के हिसाब से दिया जाएगा, लेकिन अक्तूबर से भुगतान 50 रुपये की दर से किया जाएगा।
- डॉ. अरविंद गर्ग, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी