{"_id":"63864f863686155fd67d103c","slug":"court-pilibhit-news-bly505399020","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pilibhit News: हत्यारे पति को सात साल का कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pilibhit News: हत्यारे पति को सात साल का कारावास
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीलीभीत। विवाहिता की हत्या करने के मामले में जनपद सत्र न्यायाधीश सुधीर कुमार ने पति को दोषी पाते हुए सात साल के कारावास और 13000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। आरोपी ससुर के विरुद्ध साक्ष्य नहीं मिले। इस पर दोष सिद्ध नहीं हुआ और दोष मुक्त किया गया।
बरेली के थाना नवाबगंज के गांव खतौआ निवासी विक्की गंगवार ने बरखेड़ा थाने में 30 अगस्त 2019 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें कहा कि उसने अपनी बहन संगीता की शादी पांच साल पहले बरखेड़ा के गांव पतरसिया निवासी हरीश कुमार के साथ की थी। शादी के दो वर्ष तक रिश्ता ठीक ठाक रहा। इसके बाद हरीश को जुआ और शराब की लत लग गई। जिसका संगीता विरोध करती थी। विरोध करने पर हरीश उसके साथ मारपीट करता था। एक लाख रुपये व बाइक की मांग करने लगा। मांग पूरी नहीं होने पर जान से मारने की धमकी देता था। संगीता मायके आई हुई थी। तभी हरीश कुमार ने शराब के नशे में आकर उसके साथ मारपीट की और अपने साथ ले गया। 29 अगस्त 2019 को संगीता का शव रस्सी के सहारे फंदे से लटका मिला। इस मामले में पति हरीश कुमार व ससुर राममूर्ति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से कई गवाह पेश किए गए। आरोपियों ने निर्दोष होना बताया। न्यायालय ने दोनों ओर से प्रस्तुत तर्कों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद आरोपी पति हरीश कुमार को दोषी पाते हुए दंडित किया। अभियोजन की ओर से पैरवी जिला शासकीय अधिवक्ता अपराध महेंद्र पाल गंगवार और बृजेंद्र मोहन दीक्षित ने की।
विज्ञापन
बरेली के थाना नवाबगंज के गांव खतौआ निवासी विक्की गंगवार ने बरखेड़ा थाने में 30 अगस्त 2019 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें कहा कि उसने अपनी बहन संगीता की शादी पांच साल पहले बरखेड़ा के गांव पतरसिया निवासी हरीश कुमार के साथ की थी। शादी के दो वर्ष तक रिश्ता ठीक ठाक रहा। इसके बाद हरीश को जुआ और शराब की लत लग गई। जिसका संगीता विरोध करती थी। विरोध करने पर हरीश उसके साथ मारपीट करता था। एक लाख रुपये व बाइक की मांग करने लगा। मांग पूरी नहीं होने पर जान से मारने की धमकी देता था। संगीता मायके आई हुई थी। तभी हरीश कुमार ने शराब के नशे में आकर उसके साथ मारपीट की और अपने साथ ले गया। 29 अगस्त 2019 को संगीता का शव रस्सी के सहारे फंदे से लटका मिला। इस मामले में पति हरीश कुमार व ससुर राममूर्ति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से कई गवाह पेश किए गए। आरोपियों ने निर्दोष होना बताया। न्यायालय ने दोनों ओर से प्रस्तुत तर्कों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद आरोपी पति हरीश कुमार को दोषी पाते हुए दंडित किया। अभियोजन की ओर से पैरवी जिला शासकीय अधिवक्ता अपराध महेंद्र पाल गंगवार और बृजेंद्र मोहन दीक्षित ने की।
विज्ञापन