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ईदगाह रोड की घटिया गुणवत्ता पर एक्सईएन- ठेकेदार के पेंच कसे
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पीलीभीत। साल भर पहले 1.78 करोड़ रुपये की लागत से बनी ईदगाह रोड के घटिया निर्माण के चलते गारंटी पीरियड में ही उखड़ने लगी। यह मामला संज्ञान में आने के बाद डीएम पुलकित खरे ने पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता और ठेकेदार के पेच कसे। खासतौर से पीडब्ल्यूडी के प्रांतीय खंड के एक्सईएन से सख्त नाराजगी जताई गई। इसके बाद ईदगाह रोड की मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया गया।
शहर से बरेली हाइवे पर निकलने के लिए देवहा पुल से ईदगाह रेलवे क्रॉसिंग होते हुए नौगवा चौराहा तक लिंक मार्ग है। हाइवे पर जाने के लिए यह रास्ता छोटा होने से अधिकांश छोटे वाहन चालक इसी रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। नौगवां रेलवे क्रासिंग पर ओवरब्रिज का निर्माण होने से यही रास्ता बरेली आने जाने के लिए मुख्य रास्ता बन गया है। शासन ने 1.68 किमी लंबी इस सड़क के निर्माण के लिए 1.78 करोड़ रुपये दिए थे। हालांकि पीडब्ल्यूडी ने पहले इसे 1.21 करोड़ रुपये ही बताया। मगर, बाद में रकम बढ़ाकर स्वीकृत कराने की पुष्टि हुई। बीते वर्ष ईदगाह मार्ग पर सीमेंट-कंक्रीट (सीसी) रोड का निर्माण किया गया था। ठेकेदार ने निर्धारित मानक से कम सीमेंट, बजरी, मौरंग और कोलतार का इस्तेमाल किया। नियमानुसार सड़क का निर्माण जेई-एई की देखरेख में होना था, जो जानबूझकर नहीं कराया गया। इसके चलते एक साल के अंदर ही सड़क की बजरी उखड़ने लगी और कुछ स्थानों पर गड्ढे भी हो गए। अमर उजाला ने इस धांधली का समाचार 25 अगस्त को प्रकाशित किया था। इसके बाद डीएम पुलकित खरे ने इस मामले को संज्ञान में लिया। डीएम ने एक्सईएन हरस्वरूप सिंह और ठेकेदार को तलब कर सड़क की घटिया गुणवत्ता होने पर सख्त नाराजगी जताई। इसके बाद पीडब्ल्यूडी की ओर से क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत का कार्य दोबारा शुरू करा दिया गया। एक्सईएन ने बताया कि ईदगाह मार्ग पर कुछ गड्ढे हो गए थे, जिन्हें दुरुस्त करा दिया गया है।
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शहर से बरेली हाइवे पर निकलने के लिए देवहा पुल से ईदगाह रेलवे क्रॉसिंग होते हुए नौगवा चौराहा तक लिंक मार्ग है। हाइवे पर जाने के लिए यह रास्ता छोटा होने से अधिकांश छोटे वाहन चालक इसी रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। नौगवां रेलवे क्रासिंग पर ओवरब्रिज का निर्माण होने से यही रास्ता बरेली आने जाने के लिए मुख्य रास्ता बन गया है। शासन ने 1.68 किमी लंबी इस सड़क के निर्माण के लिए 1.78 करोड़ रुपये दिए थे। हालांकि पीडब्ल्यूडी ने पहले इसे 1.21 करोड़ रुपये ही बताया। मगर, बाद में रकम बढ़ाकर स्वीकृत कराने की पुष्टि हुई। बीते वर्ष ईदगाह मार्ग पर सीमेंट-कंक्रीट (सीसी) रोड का निर्माण किया गया था। ठेकेदार ने निर्धारित मानक से कम सीमेंट, बजरी, मौरंग और कोलतार का इस्तेमाल किया। नियमानुसार सड़क का निर्माण जेई-एई की देखरेख में होना था, जो जानबूझकर नहीं कराया गया। इसके चलते एक साल के अंदर ही सड़क की बजरी उखड़ने लगी और कुछ स्थानों पर गड्ढे भी हो गए। अमर उजाला ने इस धांधली का समाचार 25 अगस्त को प्रकाशित किया था। इसके बाद डीएम पुलकित खरे ने इस मामले को संज्ञान में लिया। डीएम ने एक्सईएन हरस्वरूप सिंह और ठेकेदार को तलब कर सड़क की घटिया गुणवत्ता होने पर सख्त नाराजगी जताई। इसके बाद पीडब्ल्यूडी की ओर से क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत का कार्य दोबारा शुरू करा दिया गया। एक्सईएन ने बताया कि ईदगाह मार्ग पर कुछ गड्ढे हो गए थे, जिन्हें दुरुस्त करा दिया गया है।
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