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कोरोना वायरस: माधोटांडा सीएचसी में आइसोलेशन वार्ड तो बना दिया... यहां न मॉस्क, न किट और स्पेशल ड्रेस
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पीलीभीत। कोरोना वायरस की संदिग्ध पीड़िता मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग बुधवार को इंडो-नेपाल बॉर्डर के गांवों में दौड़भाग तो करता हुआ नजर आया, मगर वह इंतजामों के मामलों में खोखला है। माधोटांडा सीएचसी में बनाए गए मुख्य आइसोलेशन वार्ड में न मास्क हैं और न ही किट व स्पेशल ड्रेस की दुरुस्त व्यवस्था।
पड़ोसी देश चीन में कोरोना वायरस से हाहाकार मचा है। इसे लेकर प्रदेश में भी हाईअलर्ट किया गया है। शासन ने इस संबंध में गाइडलाइन जारी कर सख्ती से इसका अनुपालन करने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में स्वास्थ्य विभाग की टीमें इंडो-नेपाल बॉर्डर एरिया से सटे 26 गांवों में जाकर ग्रामीणों को खतरनाक वायरस से बचाव को लेकर जागरुक कर चुकी है। सभी चिकित्साधिकारियों को भी अलर्ट करते हुए सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में आईसोलेशन वार्ड स्थपित किए गए हैं। वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र माधोटांडा में मुख्य आईसोलेशन वार्ड स्थापित किया जा चुका है। हालांकि ये सभी तैयारी तो स्वास्थ्य विभाग द्वारा कर ली गईं, लेकिन इनकी जमीनी हकीकत बुधवार को कुछ और ही निकली। अमर उजाला टीम ने जब कोरोना वायरस से बचाव के लिए किए गए इंतजामों की पड़ताल की तो मुख्य आइसोलेशन वार्ड में किट की बात तो दूर मास्क तक नजर नहीं आए। कुछ ऐसी ही अव्यवस्था संदिग्ध मरीज का सैंपुल लेने के दौरान दिखाई दी थी। अफसरों नेे बिना किट और ड्रेस के ही सैंपुल लेने के निर्देश दे डाले, लेकिन बिना सुरक्षा इंतजामों के टीम सैंपल लेने ही नहीं गई। शाम पांच बजे किट और अन्य सामान उपलब्ध कराए गए तो संदिग्ध महिला का ब्लड सैंपुल लिया गया था।
डॉक्टरों को जांच रिपोर्ट का इंतजार
शाहगढ़ में चीन के रास्ते आई एक महिला में कोरोना के लक्षण मिलने की आशंका के चलते मंगलवार शाम उसका ब्लड सैंपुल लिया गया था। जिसे लखनऊ भेजा गया है। नोडल अधिकारी/एसीएमओ डॉ. वीबी राम के मुताबिक महिला का ब्लड सैंपुल केजीएमसी (लखनऊ) भेजा गया है। वहां से जांच रिपोर्ट आने पर ही स्थिति साफ हो सकेगी। उन्होंने दावा किया कि महिला की स्थिति पहले से बेहतर है और लगातार निगरानी की जा रही है।
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अब आई कार्ययोजना बनाने की याद
कोरोना वायरस का संदिग्ध मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने तेजी दिखानी शुरू कर दी है। सीएमओ डॉ. सीमा अग्रवाल ने सभी सीएचसी प्रभारियों को कोरोना वायरस से बचाव को प्रचार प्रसार की कार्ययोजना बनाने निर्देश दिए हैं। इसमें सचिव, ग्राम प्रधान, कोटेदार आदि का सहयोग लेने की बात कही गई है।
शंघाई में स्टे के दौरान कुछ भी खाया पिया नहीं
शाहगढ़ निवासी महिला 17 अगस्त को दिल्ली एयरपोर्ट से कनाडा के वैंकूवर में अपनी रिश्तेदारी में गई थी। 26 जनवरी को महिला चाइना एयरलाइंस से आई थी। वह फ्लाइट चीन के शंघाई एयरपोर्ट पर आठ घंटे रुकी थीं। महिला के परिजनों के मुताबिक इस दौरान महिला ने एयरपोर्ट पर कुछ भी खाया पिया नहीं था।
महिला को खांसी और नाक बहने पर सैंपल लेकर जांच को भेजा गया। जांच रिपोर्ट आने का इंतजार है। फिलहाल महिला और उसका परिवार पूरी तरह सुरक्षित है। उसकी हालत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। -डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ
माधोटांडा सीएचसी के मुख्य आइसोलेशन वार्ड का हाल-बेहाल
माधोटांडा। कोरोना वायरस को लेकर जितना शासन गंभीर दिख रहा है उतना जिले का स्वास्थ्य विभाग लचर स्थिति में नजर आ रहा है। मुख्य आइसोलेशन वार्ड की पड़ताल की तो यहां किट की बात तो दूर यहां मास्क तक की व्यवस्था नहीं मिली। शासन से गाइडलाइन जारी होते ही नेपाल सीमा करीब होने के चलते पीलीभीत जनपद संवेदनशील श्रेणी में है। इसी वजह से यहां नेपाल सीमा से सबसे नजदीक कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ही मुख्य आइसोलेशन वार्ड स्थापित किया गया। इस स्पेशल वार्ड के माध्यम से यदि किसी मरीज में वायरस से संबंधित लक्षण दिखाई देते हैं तो उसे वार्ड में भर्ती कर उसका परीक्षण किए जाने की तैयार के दावे किए गए। गाइडलाइन के मुताबिक वायरस के परीक्षण के लिए स्पेशल वार्ड में एन-95 मास्क और पीपीई किट उपलब्ध होना जरूरी है। साथ ही पूरे स्टाफ को भी मास्क पहनने के निर्देश दिए गए हैं। इधर इस स्पेशल वार्ड को बने पांच दिन बीतने के बाद भी संसाधन के नाम पर यहां एक भी चीज नहीं दिखी। यहां न तो पीपीई किट मिली और न ही मास्क आदि। फिलहाल स्टाफ का कहना था कि संबंधित सामान मंगाया गया है। संसाधनों के इसी अभाव के कारण संभवत: संदिग्ध रूप से पीड़ित महिला के परिवार वालों ने उन्हें इस वार्ड में भर्ती करने से मना कर दिया।
सीएचसी में आइसोलेशन वार्ड स्थापित किया गया है। वार्ड से संबंधित जरूरी संसाधन पूरे करने को कुछ कर्मचारियों को मुख्यालय पर भेजा गया है। उन्होंने बृहस्पतिवार रात तक सभी इंतजाम व्यवस्थित कर लिए गए। - डॉ. विनीत यादव, प्रभारी सीएचसी, माधोटांडा
कोरोना वायरस की संदिग्ध मरीज मिलने के बाद बॉर्डर पर बढ़ी सतर्कता
पूरनपुर। कोरोना वायरस की संदिग्ध महिला मरीज मिलने के बाद इंडो-नेपाल बार्डर पर सतर्कता बढ़ा दी गई। नेपाल से आने वाले उन लोगों की सूचना समय से देने के निर्देश कर्मचारियों को दिए गए है। सीएमओ, एसीएमओ ने बॉर्डर के गांवों में पहुंचकर लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। गांव और आसपास के लोगों को सुरक्षित रहने को जागरूक किया। नेपाल बॉर्डर पर नेपाल के रास्ते चीन से आने वाले लोगों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। बॉर्डर के गांवों में पंफलेट चस्पा कर जागरूक किया किया जा रहा है। लोगों को खांसने, छींकने का तरीका बताया जा रहा है। आशा, एएनएम को जिम्मेदारी दी गई है। बुधवार को सीएमओ डॉ. सीमा अग्रवाल ने टीम के साथ बार्डर के गांवों में बैठकें कर लोगों को जागरूक किया।
फोटो और वीडियो वायरल होने पर बेटी ने जताई नाराजगी
पूरनपुर। कोरोना वायरस से संदिग्ध रूप से पीड़ित महिला के मिलने पर महिला की जांच के दौरान के कुछ फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। यूट्यूब पर भी मामला चला। इसको लेकर महिला की कनाडा से आई हुई पुत्री ने प्रभारी चिकित्साधिकारी को फोन कर सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो पर नाराजगी व्यक्त की। युवती का कहना था कि वीडियो वायरल होने के बाद तमाम लोगों के फोन आना शुरू हो गए। गांव के लोग भी उनके परिवार से अलग-थलग होने लगे हैं।
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पड़ोसी देश चीन में कोरोना वायरस से हाहाकार मचा है। इसे लेकर प्रदेश में भी हाईअलर्ट किया गया है। शासन ने इस संबंध में गाइडलाइन जारी कर सख्ती से इसका अनुपालन करने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में स्वास्थ्य विभाग की टीमें इंडो-नेपाल बॉर्डर एरिया से सटे 26 गांवों में जाकर ग्रामीणों को खतरनाक वायरस से बचाव को लेकर जागरुक कर चुकी है। सभी चिकित्साधिकारियों को भी अलर्ट करते हुए सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में आईसोलेशन वार्ड स्थपित किए गए हैं। वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र माधोटांडा में मुख्य आईसोलेशन वार्ड स्थापित किया जा चुका है। हालांकि ये सभी तैयारी तो स्वास्थ्य विभाग द्वारा कर ली गईं, लेकिन इनकी जमीनी हकीकत बुधवार को कुछ और ही निकली। अमर उजाला टीम ने जब कोरोना वायरस से बचाव के लिए किए गए इंतजामों की पड़ताल की तो मुख्य आइसोलेशन वार्ड में किट की बात तो दूर मास्क तक नजर नहीं आए। कुछ ऐसी ही अव्यवस्था संदिग्ध मरीज का सैंपुल लेने के दौरान दिखाई दी थी। अफसरों नेे बिना किट और ड्रेस के ही सैंपुल लेने के निर्देश दे डाले, लेकिन बिना सुरक्षा इंतजामों के टीम सैंपल लेने ही नहीं गई। शाम पांच बजे किट और अन्य सामान उपलब्ध कराए गए तो संदिग्ध महिला का ब्लड सैंपुल लिया गया था।
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डॉक्टरों को जांच रिपोर्ट का इंतजार
शाहगढ़ में चीन के रास्ते आई एक महिला में कोरोना के लक्षण मिलने की आशंका के चलते मंगलवार शाम उसका ब्लड सैंपुल लिया गया था। जिसे लखनऊ भेजा गया है। नोडल अधिकारी/एसीएमओ डॉ. वीबी राम के मुताबिक महिला का ब्लड सैंपुल केजीएमसी (लखनऊ) भेजा गया है। वहां से जांच रिपोर्ट आने पर ही स्थिति साफ हो सकेगी। उन्होंने दावा किया कि महिला की स्थिति पहले से बेहतर है और लगातार निगरानी की जा रही है।
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अब आई कार्ययोजना बनाने की याद
कोरोना वायरस का संदिग्ध मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने तेजी दिखानी शुरू कर दी है। सीएमओ डॉ. सीमा अग्रवाल ने सभी सीएचसी प्रभारियों को कोरोना वायरस से बचाव को प्रचार प्रसार की कार्ययोजना बनाने निर्देश दिए हैं। इसमें सचिव, ग्राम प्रधान, कोटेदार आदि का सहयोग लेने की बात कही गई है।
शंघाई में स्टे के दौरान कुछ भी खाया पिया नहीं
शाहगढ़ निवासी महिला 17 अगस्त को दिल्ली एयरपोर्ट से कनाडा के वैंकूवर में अपनी रिश्तेदारी में गई थी। 26 जनवरी को महिला चाइना एयरलाइंस से आई थी। वह फ्लाइट चीन के शंघाई एयरपोर्ट पर आठ घंटे रुकी थीं। महिला के परिजनों के मुताबिक इस दौरान महिला ने एयरपोर्ट पर कुछ भी खाया पिया नहीं था।
महिला को खांसी और नाक बहने पर सैंपल लेकर जांच को भेजा गया। जांच रिपोर्ट आने का इंतजार है। फिलहाल महिला और उसका परिवार पूरी तरह सुरक्षित है। उसकी हालत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। -डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ
माधोटांडा सीएचसी के मुख्य आइसोलेशन वार्ड का हाल-बेहाल
माधोटांडा। कोरोना वायरस को लेकर जितना शासन गंभीर दिख रहा है उतना जिले का स्वास्थ्य विभाग लचर स्थिति में नजर आ रहा है। मुख्य आइसोलेशन वार्ड की पड़ताल की तो यहां किट की बात तो दूर यहां मास्क तक की व्यवस्था नहीं मिली। शासन से गाइडलाइन जारी होते ही नेपाल सीमा करीब होने के चलते पीलीभीत जनपद संवेदनशील श्रेणी में है। इसी वजह से यहां नेपाल सीमा से सबसे नजदीक कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ही मुख्य आइसोलेशन वार्ड स्थापित किया गया। इस स्पेशल वार्ड के माध्यम से यदि किसी मरीज में वायरस से संबंधित लक्षण दिखाई देते हैं तो उसे वार्ड में भर्ती कर उसका परीक्षण किए जाने की तैयार के दावे किए गए। गाइडलाइन के मुताबिक वायरस के परीक्षण के लिए स्पेशल वार्ड में एन-95 मास्क और पीपीई किट उपलब्ध होना जरूरी है। साथ ही पूरे स्टाफ को भी मास्क पहनने के निर्देश दिए गए हैं। इधर इस स्पेशल वार्ड को बने पांच दिन बीतने के बाद भी संसाधन के नाम पर यहां एक भी चीज नहीं दिखी। यहां न तो पीपीई किट मिली और न ही मास्क आदि। फिलहाल स्टाफ का कहना था कि संबंधित सामान मंगाया गया है। संसाधनों के इसी अभाव के कारण संभवत: संदिग्ध रूप से पीड़ित महिला के परिवार वालों ने उन्हें इस वार्ड में भर्ती करने से मना कर दिया।
सीएचसी में आइसोलेशन वार्ड स्थापित किया गया है। वार्ड से संबंधित जरूरी संसाधन पूरे करने को कुछ कर्मचारियों को मुख्यालय पर भेजा गया है। उन्होंने बृहस्पतिवार रात तक सभी इंतजाम व्यवस्थित कर लिए गए। - डॉ. विनीत यादव, प्रभारी सीएचसी, माधोटांडा
कोरोना वायरस की संदिग्ध मरीज मिलने के बाद बॉर्डर पर बढ़ी सतर्कता
पूरनपुर। कोरोना वायरस की संदिग्ध महिला मरीज मिलने के बाद इंडो-नेपाल बार्डर पर सतर्कता बढ़ा दी गई। नेपाल से आने वाले उन लोगों की सूचना समय से देने के निर्देश कर्मचारियों को दिए गए है। सीएमओ, एसीएमओ ने बॉर्डर के गांवों में पहुंचकर लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। गांव और आसपास के लोगों को सुरक्षित रहने को जागरूक किया। नेपाल बॉर्डर पर नेपाल के रास्ते चीन से आने वाले लोगों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। बॉर्डर के गांवों में पंफलेट चस्पा कर जागरूक किया किया जा रहा है। लोगों को खांसने, छींकने का तरीका बताया जा रहा है। आशा, एएनएम को जिम्मेदारी दी गई है। बुधवार को सीएमओ डॉ. सीमा अग्रवाल ने टीम के साथ बार्डर के गांवों में बैठकें कर लोगों को जागरूक किया।
फोटो और वीडियो वायरल होने पर बेटी ने जताई नाराजगी
पूरनपुर। कोरोना वायरस से संदिग्ध रूप से पीड़ित महिला के मिलने पर महिला की जांच के दौरान के कुछ फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। यूट्यूब पर भी मामला चला। इसको लेकर महिला की कनाडा से आई हुई पुत्री ने प्रभारी चिकित्साधिकारी को फोन कर सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो पर नाराजगी व्यक्त की। युवती का कहना था कि वीडियो वायरल होने के बाद तमाम लोगों के फोन आना शुरू हो गए। गांव के लोग भी उनके परिवार से अलग-थलग होने लगे हैं।