Pilibhit News: बरसात में पुलिया निर्माण बना मुसीबत, वैकल्पिक रास्ता डूबने से माधोटांडा मार्ग पर थमा आवागमन
पीडब्ल्यूडी ने पुरानी पुलिया को तोड़कर नए निर्माण के लिए खोदाई का कार्य शुरू कराया था। बरसात में शुरू हुआ कार्य अब ग्रामीणों के लिए मुसीबत बन गया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पीलीभीत-माधोटांडा मार्ग पर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की लापरवाही आम लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। बरसात के बीच शुरू हुआ पुलिया निर्माण कार्य अधूरा रहने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं। तीन दिन से हो रही बारिश के चलते वैकल्पिक रास्ता पूरी तरह डूब गया। जिससे इस मार्ग का आवागमन ठप हो गया। लोग लंबी दूरी तय कर दूसरे मार्ग से गुजरने पर मजबूर हैं।
जिले के प्रमुख मार्गों में शामिल माधोटांडा-पीलीभीत मार्ग का हाल पिछले एक साल से खराब है। गत वर्ष जुलाई में आई बाढ़ के दौरान इस मार्ग पर तीन स्थानों पर पुलिया कट गई थी। इसके अलावा मार्ग कई स्थानों पर धंसने लगा था। लोक निर्माण विभाग की ओर से पूरा साल बीतने के बाद भी कट पुलियों पर स्थानीय कार्य नहीं कराया गया। इससे लोग परेशानी के बीच मार्ग पर आवागमन करने को मजबूर हैं।
एक माह पहले शुरू हुआ था निर्माण
इस मार्ग पर शहर से तीन किलोमीटर दूर सड़ा गांव के पास सकरी पुलिया के नवनिर्माण को मंजूरी मिली। लोक निर्माण विभाग की ओर से एक माह पूर्व पुलिया का निर्माण शुरू कराया गया। इसके लिए पुलिया के पास से ही वैकल्पिक रास्ता बनाकर आवागमन शुरू कराया गया। पुरानी पुलिया को तोड़कर नए निर्माण के लिए खोदाई का कार्य शुरू कर दिया गया। बरसात में शुरू हुआ कार्य अब ग्रामीणों के लिए मुसीबत बन गया।
बारिश के बाद पुलिया का वैकल्पिक रास्ता पानी में डूब गया। निर्माणाधीन क्षेत्र के दो सौ मीटर दायरे में पानी का प्रवाह तेज होने से इस मार्ग पर आवागमन ठप हो गया। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि बरसात के समय निर्माण शुरू करने से सुविधा के बजाय परेशानी बढ़ गई है। दो दिन से मार्ग पर आवागमन ठप है। राहगीर पुलिया तक आकर लौट रहे हैं। बरसात में पुलिया की गुणवत्ता की अनदेखी के भी आरोप लगाए जा रहे हैं।
12 किमी अधिक दूरी तय करने की मजबूरी
सड़ा गांव के निकट पुलिया निर्माण के चलते बनाए गए वैकल्पिक रास्ते के डूबने से इस मार्ग पर आवागमन ठप हो गया है। इससे राहगीर कल्याणपुर के पास से असम हाईवे और नहर मार्ग से बनकटी होकर मुख्यालय तक आने के लिए मजबूर हैं। इसके लिए राहगीरों को समय और करीब 12 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर काटना पड़ रहा है। लोगों में विभाग के प्रति रोष देखा जा रहा है।
रोजाना गुजरते हैं 10 हजार लोग
माधोटांडा-पीलीभीत मार्ग पर करीब 30 गांवों के 10 हजार लोगों की आवाजाही बनी रहती है। मार्ग की अव्यवस्थाओं का अंबार होने से लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि पहले से ही परेशानी कम नहीं थी, अब सड़ा गांव के पास पुलिया निर्माण बाधा बनने से परेशानी मुसीबत में बदल गई है। जिम्मेदारों को इस ओर ध्यान देकर व्यवस्थाएं दुरुस्त कराना चाहिए।