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Pilibhit News: फर्जी लाभार्थी को आवास देने पर सचिव फंसे, वेतन से होगी वसूली
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पीलीभीत। मनमाने ढंग से लाभार्थी का नाम शामिल कर 1.20 लाख की सरकार को क्षति पहंचाने वाले सचिव मोहम्मद रिजवान को डीपीआरओ ने प्रतिकूल प्रविष्टि दी है। गलत तरीके से चयन किए गए लाभार्थी को तीन किस्तों में जारी की गई 1.20 लाख रुपये की धनराशि सचिव के वेतन से वसूल की जाएगी। हर माह दस हजार की कटौती से 12 माह में पूरी वसूली होगी।
पूरनपुर ब्लॉक में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी (सचिव) मोहम्मद रिजवान वित्तीय वर्ष 2016-17 में ललौरीखेडा ब्लॉक में तैनात थे। इसी दौरान सचिव ने ललौरीखेडा की ग्राम पंचायत नूरपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत मनमाने ढंग से लाभार्थियों का गलत चयन किया था। इस मामले में परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण की ओर से 14 नवंबर 2022 को पत्र डीपीआरओ कार्यालय भेजा गया था। मामले की जांच कराने पर पता चला कि मैनाज अहमद पत्नी मोहम्मद अहमद का चयन कर तीन किस्तों में 1.20 लाख की धनराशि का भुगतान करा दिया गया। जबकि इस लाभार्थी का चयन सूची में नाम नहीं है। सचिव ने शासकीय नियमों की अनदेखी कर जानबूझ कर चयन किया था। इस मामले में सचिव को आठ दिसंबर 2022 को कारण बताओ नोटिस जारी कर 15 दिन में स्पष्टीकरण मांगा गया। 27 दिसंबर को सचिव की ओर से स्पष्टीकरण दिया गया। स्पष्टीकरण भी संतोषजनक नहीं था। इस पर सचिव को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है।
सचिव के वेतन से 12 माह में 1.20 लाख की वसूली करने के निर्देश दिए गए हैं। जनवरी से दिसंबर 2023 तक सचिव के खाते से वसूली की जाएगी।
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जांच में दोषी पाते हुए सचिव को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। उनके वेतन से हर माह दस हजार की वसूली की जाएगी।
- वाचस्पति झा, डीपीआरओ
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पूरनपुर ब्लॉक में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी (सचिव) मोहम्मद रिजवान वित्तीय वर्ष 2016-17 में ललौरीखेडा ब्लॉक में तैनात थे। इसी दौरान सचिव ने ललौरीखेडा की ग्राम पंचायत नूरपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत मनमाने ढंग से लाभार्थियों का गलत चयन किया था। इस मामले में परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण की ओर से 14 नवंबर 2022 को पत्र डीपीआरओ कार्यालय भेजा गया था। मामले की जांच कराने पर पता चला कि मैनाज अहमद पत्नी मोहम्मद अहमद का चयन कर तीन किस्तों में 1.20 लाख की धनराशि का भुगतान करा दिया गया। जबकि इस लाभार्थी का चयन सूची में नाम नहीं है। सचिव ने शासकीय नियमों की अनदेखी कर जानबूझ कर चयन किया था। इस मामले में सचिव को आठ दिसंबर 2022 को कारण बताओ नोटिस जारी कर 15 दिन में स्पष्टीकरण मांगा गया। 27 दिसंबर को सचिव की ओर से स्पष्टीकरण दिया गया। स्पष्टीकरण भी संतोषजनक नहीं था। इस पर सचिव को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है।
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सचिव के वेतन से 12 माह में 1.20 लाख की वसूली करने के निर्देश दिए गए हैं। जनवरी से दिसंबर 2023 तक सचिव के खाते से वसूली की जाएगी।
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जांच में दोषी पाते हुए सचिव को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। उनके वेतन से हर माह दस हजार की वसूली की जाएगी।
- वाचस्पति झा, डीपीआरओ