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सत्यापन में खुली पोल, पेयजल योजना में हुआ लाखों का खेल
सार
अमृत योजना के तहत शहर में 36.30 करोड़ की लागत से कराए गए कार्यों में गोलमाल सामने आ गया।मंडलायुक्त के निर्देश पर डीएम ने एडीएम एफआर से जांच कराई।एडीएम की रिपोर्ट के साथ ही अमृत योजना से जुड़े अफसरों पर कार्रवाई का रास्ता भी खुल जाएगा।
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पीलीभीत शहर में यशवंतरी मंदिर रोड का हालबेहाल। फाइल फोटो
- फोटो : PILIBHIT
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विस्तार
पीलीभीत। अमृत योजना के तहत शहर में 36.30 करोड़ की लागत से कराए गए कार्यों में गोलमाल सामने आ गया। एडीएम एफआर ने तीन घंटों तक सड़कों पर रहकर जांच की। इस दौरान ठेकेदार की सारी करतूत खुलकर सामने आ गई। जहां पाइप लाइन डाली गई थी वहां सड़क को खोदकर डाल दिया गया, दोबारा बनाया ही नहीं। काम सही से किया ही नहीं गया। एडीएम अब अपनी जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपेंगे। इसके बाद इस मामले में कार्रवाई तय है।
एडीएम एफआर राम सिंह गौतम ने सोमवार को शहर में भ्रमण कर पेयजल योजना के तहत हुए कार्यों की जांच की। पाइप लाइन डालने के लिए तोड़ी गई सड़क कई जगह उसी हाल में मिली। यशवंतरी चौराहा से गैस चौराहा तक कई जगह गड्ढे मिले। वहां पानी भरा हुआ था। थाना सुनगढ़ी से रामा कॉलेज की ओर जाने वाले मार्ग पर भी गड्ढे मिले। इसके अलावा रामा कॉलेज से एकता सरोवर, रामा कॉलेज से थाना सुनगढ़ी, सुनगढ़ी से गैस चौराहा, लेखराज चौराहा से दूधिया मंदिर, शरीफ खां चौराहे से देशनगर, कमल्ले चौराहा से चौक बाजार आदि तक सड़कों का भी यही हाल मिला। सड़क का मिट्टी डालकर पाट दिया गया। करीब तीन घंटे तक किए गए निरीक्षण में हर जगह पर खामियां ही मिलीं। यहा बता दें कि अमर उजाला ने मामले को प्रमुखता से उठाया था। मामला शासन में पहुंचा तो मुख्यमंत्री के विशेष सचिव प्रथमेश कुमार ने मामले में जांच बैठाते हुए मंडलायुक्त को पत्र भेजकर तीन दिन में जांच रिपोर्ट मांगी थी। मंडलायुक्त के निर्देश पर डीएम ने एडीएम एफआर से जांच कराई। जांच में घोटाले की कलई खुल गई। एडीएम की रिपोर्ट के साथ ही अमृत योजना से जुड़े अफसरों पर कार्रवाई का रास्ता भी खुल जाएगा। आधा अधूरा काम होने के बावजूद हैंडओवर की प्रक्रिया पूरी करने पर तत्कालीन ईओ भी इस मामले में फंस गए हैं। उन पर भी कार्रवाई तय मानी जा रही है।
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जांच को बरेली से कमिश्नर भी भेज सकती हैं टीम
घोटाला शासन के संज्ञान में आने के बाद पीलीभीत से लेकर बरेली तक के अफसरों में खलबली है। चर्चा है कि कमिश्नर भी जांच के लिए बरेली से एक टीम निरीक्षण के लिए भेजने वालीं हैं। एक-दो दिन में यह टीम भी यहां आकर जांच करेगी। जल निगम के अधिकारियों पर भी सवाल खड़े हो रहे कि अधूरी परियोजना को हैंडओवर कैसे कर दिया गया है। बुधवार को डीएम इस मामले में कोई आदेश दे सकते हैं।
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जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। गड़बड़ी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। हरेक अफसर की जिम्मेदारी तय होगी।
-प्रवीण कुमार, डीएम
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एडीएम एफआर राम सिंह गौतम ने सोमवार को शहर में भ्रमण कर पेयजल योजना के तहत हुए कार्यों की जांच की। पाइप लाइन डालने के लिए तोड़ी गई सड़क कई जगह उसी हाल में मिली। यशवंतरी चौराहा से गैस चौराहा तक कई जगह गड्ढे मिले। वहां पानी भरा हुआ था। थाना सुनगढ़ी से रामा कॉलेज की ओर जाने वाले मार्ग पर भी गड्ढे मिले। इसके अलावा रामा कॉलेज से एकता सरोवर, रामा कॉलेज से थाना सुनगढ़ी, सुनगढ़ी से गैस चौराहा, लेखराज चौराहा से दूधिया मंदिर, शरीफ खां चौराहे से देशनगर, कमल्ले चौराहा से चौक बाजार आदि तक सड़कों का भी यही हाल मिला। सड़क का मिट्टी डालकर पाट दिया गया। करीब तीन घंटे तक किए गए निरीक्षण में हर जगह पर खामियां ही मिलीं। यहा बता दें कि अमर उजाला ने मामले को प्रमुखता से उठाया था। मामला शासन में पहुंचा तो मुख्यमंत्री के विशेष सचिव प्रथमेश कुमार ने मामले में जांच बैठाते हुए मंडलायुक्त को पत्र भेजकर तीन दिन में जांच रिपोर्ट मांगी थी। मंडलायुक्त के निर्देश पर डीएम ने एडीएम एफआर से जांच कराई। जांच में घोटाले की कलई खुल गई। एडीएम की रिपोर्ट के साथ ही अमृत योजना से जुड़े अफसरों पर कार्रवाई का रास्ता भी खुल जाएगा। आधा अधूरा काम होने के बावजूद हैंडओवर की प्रक्रिया पूरी करने पर तत्कालीन ईओ भी इस मामले में फंस गए हैं। उन पर भी कार्रवाई तय मानी जा रही है।
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जांच को बरेली से कमिश्नर भी भेज सकती हैं टीम
घोटाला शासन के संज्ञान में आने के बाद पीलीभीत से लेकर बरेली तक के अफसरों में खलबली है। चर्चा है कि कमिश्नर भी जांच के लिए बरेली से एक टीम निरीक्षण के लिए भेजने वालीं हैं। एक-दो दिन में यह टीम भी यहां आकर जांच करेगी। जल निगम के अधिकारियों पर भी सवाल खड़े हो रहे कि अधूरी परियोजना को हैंडओवर कैसे कर दिया गया है। बुधवार को डीएम इस मामले में कोई आदेश दे सकते हैं।
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जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। गड़बड़ी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। हरेक अफसर की जिम्मेदारी तय होगी।
-प्रवीण कुमार, डीएम