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प्रमुख अभियंता ने क्षतिग्रस्त सिंचाई परियोजना की परखी हकीकत
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पीलीभीत। शारदा नदी में आई भीषण बाढ़ से शारदा डैम के सामने कई स्थानों पर सिंचाई परियोजना बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। नुकसान की स्थिति को भांपने के लिए शनिवार को सिंचाई विभाग के प्रमुख अभियंता सूरज पाल सिंह ने जनपद के सिंचाई अफसरों के साथ नोमैंस लैंड तक शारदा नदी के किनारे के क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। इसके बाद अफसरों को शीघ्र ही सर्वे पूरा कर प्रोजेक्ट बनाकर भेजने के निर्देश दिए।
पहाड़ों पर बारिश से शारदा नदी में पिछले दिनों भीषण बाढ़ आई थी। जिसके चलते नेपाल सीमा से जनपद सीमा क्षेत्र में प्रवेश करने वाली जगबूड़ा का सनेडी तटबंध कई स्थानों से टूट गया था। इसके साथ नोमैंस लैंड के निकट शारदा नदी के दाएं पर बना तटबंध भी क्षतिग्रस्त हुआ था। इसके बाद नदी ने नगरिया खुर्द कला में महत्वपूर्ण पत्थर की ठोकर को समेटने के साथ इसी स्थान पर मार्जिनल बांध भी कट गया था। गनीमत यह रही कि यह सब बाढ़ के अंतिम समय में हुआ। अन्यथा बर्बादी की संभावना और बढ़ जाती। इसके अलावा रमनगरा बुझिया क्षेत्र में नदी ने दाएं किनारे की ओर अपना रुख बदलने का पूरा प्रयास किया था। जिससे कई गांवों में जलभराव की स्थिति बनने के साथ सनेडी तटबंध कई स्थानों से टूट गया था। हालात बिगड़ने से काफी लोग बेघर हो गए थे। वही सिंचाई मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह और कृषि मंत्री ने हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा भी लिया था।
प्रमुख अभियंता सूरजपाल सिंह ने सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता के साथ जनपद की दोनों डिवीजनों के अधिशासी अभियंताओं से पूरी जानकारी जुटाई। इसके बाद शारदा नदी के संवेदनशील क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। कटान वाले स्थानों को बारीकी से देखा। दोनों डिवीजनों के अधिशासी अभियंताओं से शीघ्र ही संवेदनशील स्थानों का सर्वे कराकर प्रोजेक्ट बनाकर भेजने के निर्देश दिए। इधर, कुछ प्रोजेक्ट पहले से ही शासन स्तर पर पड़े हुए हैं। उन पर भी कार्य होना जरूरी माना जा रहा है। निरीक्षण के दौरान शारदा सागर खंड के अलावा बाढ़ खंड अधिशासी अभियंता शैलेश कुमार, एसडीओ ध्रुव नारायण शुक्ल समेत कई अफसर मौजूद रहे।
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पहाड़ों पर बारिश से शारदा नदी में पिछले दिनों भीषण बाढ़ आई थी। जिसके चलते नेपाल सीमा से जनपद सीमा क्षेत्र में प्रवेश करने वाली जगबूड़ा का सनेडी तटबंध कई स्थानों से टूट गया था। इसके साथ नोमैंस लैंड के निकट शारदा नदी के दाएं पर बना तटबंध भी क्षतिग्रस्त हुआ था। इसके बाद नदी ने नगरिया खुर्द कला में महत्वपूर्ण पत्थर की ठोकर को समेटने के साथ इसी स्थान पर मार्जिनल बांध भी कट गया था। गनीमत यह रही कि यह सब बाढ़ के अंतिम समय में हुआ। अन्यथा बर्बादी की संभावना और बढ़ जाती। इसके अलावा रमनगरा बुझिया क्षेत्र में नदी ने दाएं किनारे की ओर अपना रुख बदलने का पूरा प्रयास किया था। जिससे कई गांवों में जलभराव की स्थिति बनने के साथ सनेडी तटबंध कई स्थानों से टूट गया था। हालात बिगड़ने से काफी लोग बेघर हो गए थे। वही सिंचाई मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह और कृषि मंत्री ने हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा भी लिया था।
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प्रमुख अभियंता सूरजपाल सिंह ने सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता के साथ जनपद की दोनों डिवीजनों के अधिशासी अभियंताओं से पूरी जानकारी जुटाई। इसके बाद शारदा नदी के संवेदनशील क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। कटान वाले स्थानों को बारीकी से देखा। दोनों डिवीजनों के अधिशासी अभियंताओं से शीघ्र ही संवेदनशील स्थानों का सर्वे कराकर प्रोजेक्ट बनाकर भेजने के निर्देश दिए। इधर, कुछ प्रोजेक्ट पहले से ही शासन स्तर पर पड़े हुए हैं। उन पर भी कार्य होना जरूरी माना जा रहा है। निरीक्षण के दौरान शारदा सागर खंड के अलावा बाढ़ खंड अधिशासी अभियंता शैलेश कुमार, एसडीओ ध्रुव नारायण शुक्ल समेत कई अफसर मौजूद रहे।
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