{"_id":"6169cd6beae86c30740ad8aa","slug":"civic-amenities-pilibhit-news-bly46300374","type":"story","status":"publish","title_hn":"वक्तापुर और भायपुर समेत कई गांवों में सामूहिक रूप से जलाई पराली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वक्तापुर और भायपुर समेत कई गांवों में सामूहिक रूप से जलाई पराली
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पूरनपुर। पराली न जलाने के लिए अफसर किसानों के साथ बैठकें कर रहे हैं। मगर घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। शुक्रवार को गांव वक्तापुर और भायपुर सहित करीब 12 गांव के किसानों ने सामूहिक रूप से पराली जलाई। गांव वक्तापुर पहुंचे तहसीलदार ने किसानों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान की जानकारी देकर मना किया तो किसानों से उनकी नोकझोंक हो गई। किसानों का कहना है कि उनकी मजबूरी है। पराली जलाई जाएगी।
बुधवार को गांव गोपालपुर, थरुआन, घाटमपुर सहित आधा दर्जन गांव के किसानों ने सामूहिक रूप से पराली जलाई थी। मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार और कोतवाल की किसानों से नोकझोंक हुई थी। किसानों ने मजबूरी बताते हुए आगे भी पराली जलाने की चेतावनी दी थी। बृहस्पतिवार को कलीनगर तहसील क्षेत्र के कई गांव में किसानों ने पराली जलाई। शुक्रवार को गांव वक्तापुर, भायपुर, नवदिया सुल्तानपुर, बेगपुर, तपा मकरंदपुर, उदयकरनपुर, माधौपुर, खरौसा, प्रसादपुर में किसानों ने सामूहिक रूप से पराली जलाई। गांव वक्तापुर पहुंचे तहसीलदार अशोक गुप्ता ने होने वाले नुकसान की जानकारी देकर पराली न जलाने को कहा। मगर किसान मानने को तैयार नहीं हुए। किसानों की तहसीलदार से नोकझोंक भी हुई। आक्रोशित किसानों का कहना था कि धान औने-पौने दामों में बिक्री करना पड़ रहा है। तब कोई अफसर उनकी समस्या सुनने नहीं आता। भारी लागत के बाद धान का उचित मूल्य भी नहीं मिल पा रहा। अब पराली खेतों से निकालने पर हजारों रुपये खर्च किए जाएं। यह संभव नहीं है। पराली जलानी उनकी मजबूरी है और पराली जलाई जाएगी।
किसानों को पराली जलाने से मना किया। मगर किसान नहीं माने, किसानों की भीड़ जमा होने लगी। पराली जलाने वाले किसानों पर कार्रवाई कराई जाएगी। लेखपालों से उनके हलका में जलाई गई पराली का ब्योरा मांगा गया है।
विज्ञापन
- अशोक गुप्ता, तहसीलदार
डीएम कार्यालय का भाकियू करेगी घेराव
भाकियू नेता मंजीत सिंह ने कहा कि मानक के अनुरूप धान न होने का तर्क देकर खरीद केंद्रों से किसानों को लौटाया जा रहा है। अफसर धान खरीद पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। मजबूरन किसानों को औने-पौने दामों पर धान की बिक्री करनी पड़ रही है। शीघ्र धान खरीद शुरू न होने पर भाकियू डीएम कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन करेगी और तब तक नहीं हटेगी जब तक सुनवाई नहीं होगी।
विज्ञापन
बुधवार को गांव गोपालपुर, थरुआन, घाटमपुर सहित आधा दर्जन गांव के किसानों ने सामूहिक रूप से पराली जलाई थी। मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार और कोतवाल की किसानों से नोकझोंक हुई थी। किसानों ने मजबूरी बताते हुए आगे भी पराली जलाने की चेतावनी दी थी। बृहस्पतिवार को कलीनगर तहसील क्षेत्र के कई गांव में किसानों ने पराली जलाई। शुक्रवार को गांव वक्तापुर, भायपुर, नवदिया सुल्तानपुर, बेगपुर, तपा मकरंदपुर, उदयकरनपुर, माधौपुर, खरौसा, प्रसादपुर में किसानों ने सामूहिक रूप से पराली जलाई। गांव वक्तापुर पहुंचे तहसीलदार अशोक गुप्ता ने होने वाले नुकसान की जानकारी देकर पराली न जलाने को कहा। मगर किसान मानने को तैयार नहीं हुए। किसानों की तहसीलदार से नोकझोंक भी हुई। आक्रोशित किसानों का कहना था कि धान औने-पौने दामों में बिक्री करना पड़ रहा है। तब कोई अफसर उनकी समस्या सुनने नहीं आता। भारी लागत के बाद धान का उचित मूल्य भी नहीं मिल पा रहा। अब पराली खेतों से निकालने पर हजारों रुपये खर्च किए जाएं। यह संभव नहीं है। पराली जलानी उनकी मजबूरी है और पराली जलाई जाएगी।
विज्ञापन
किसानों को पराली जलाने से मना किया। मगर किसान नहीं माने, किसानों की भीड़ जमा होने लगी। पराली जलाने वाले किसानों पर कार्रवाई कराई जाएगी। लेखपालों से उनके हलका में जलाई गई पराली का ब्योरा मांगा गया है।
विज्ञापन
- अशोक गुप्ता, तहसीलदार
डीएम कार्यालय का भाकियू करेगी घेराव
भाकियू नेता मंजीत सिंह ने कहा कि मानक के अनुरूप धान न होने का तर्क देकर खरीद केंद्रों से किसानों को लौटाया जा रहा है। अफसर धान खरीद पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। मजबूरन किसानों को औने-पौने दामों पर धान की बिक्री करनी पड़ रही है। शीघ्र धान खरीद शुरू न होने पर भाकियू डीएम कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन करेगी और तब तक नहीं हटेगी जब तक सुनवाई नहीं होगी।