{"_id":"6106ebfa8ebc3e84386a0cad","slug":"civic-amenities-pilibhit-news-bly4550539148","type":"story","status":"publish","title_hn":"गरीबों का राशन डकार रहे 15 हजार अपात्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गरीबों का राशन डकार रहे 15 हजार अपात्र
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बीसलपुर। केंद्र और राज्य सरकार आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए सस्ता राशन देने के लिए तरह-तरह की योजनाएं चला रही है। मगर राशन माफिया के आगे सभी व्यवस्था फेल हैं। हर सरकार में अपनी पैठ बनाकर गरीबों के हक पर डाका डालने वाले राशन माफिया की जड़ें इतनी मजबूत हैं कि वे अपने आगे किसी को टिकने नहीं देते। किसका कार्ड बनना है किसका निरस्त होना, यह सब कोटेदार तय करते हैं। वजह है कि महकमे के कुछ कर्मचारियों से मिलकर वह अपना काम सीधा करा लेते हैं। हालांकि फर्जी राशन कार्डों को पकड़ने के लिए सरकार ने नई योजना चलाई जिसके लिए राशन कार्डों का सत्यापन सरकारी कर्मचारियों के जरिए कराया गया मगर वहां भी यह माफिया कामयाब ही रहे। इस क्षेत्र में करीब 15 हजार लोगों के फर्जी राशन कार्ड बने मिले हैं। अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी मौन साधे हुए हैं।
आपूर्ति विभाग के अभिलेखों के अनुसार इस तहसील क्षेत्र में डेढ़ लाख से अधिक उपभोक्ताओं के पास राशनकार्ड हैं। आपूर्ति निरीक्षक वीके मिश्रा ने शक होने पर पिछले माह सभी कोटेदारों से उनके गांवों के अपात्र राशन धारकों का सर्वे कराया था, जिसके अनुसार कुल राशनकार्ड धारकों के 10 प्रतिशत यानी करीब 15 हजार राशनकार्ड धारक अपात्र मिले थे। नियमानुसार अपात्र लोगों के राशनकार्ड नहीं बन सकते हैं। करीब 15 हजार फर्जी राशनकार्ड होने की जानकारी होने के बाद भी अधिकारियों ने इनके खिलाफ जांच कराने की जहमत नहीं उठाई है। जिससे फर्जी राशनकार्ड धारक इस कल्याणकारी योजना का लगातार अनुचित लाभ उठा रहे हैं। अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी मौन साधे हुए हैं।
ऐसे अपात्रों ने बनवा रखे हैं राशनकार्ड
दो मंजिला, तीन मंजिला मकान मालिकों ने, शस्त्र धारकों ने, कार, ट्रैक्टर वालों ने, फार्म हाउस वालों ने, सरकारी कर्मचारियों ने, व्यापारियों ने, पेंशन धारकों ने राशनकार्ड बनवा रखे हैं।
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इन गांवों में है सबसे ज्यादा फर्जी राशनकार्ड
वैसे तो सभी गांवों में फर्जी राशनकार्ड है लेकिन पौटा कला, खमरिया पंडरी, रसायाखानपुर, ईंटगांव, टेहरी, ईंटा रोड़ा, टिकरी, दियोरिया, भंदेंगकंजा, मीरपुर विलासपुर, हरैया, नवदिया सितारगंज, ईंटगांव, करेली, बमरोली, पिपरिया मंडन, ज्योरह कल्याणपुर, मोहम्मदपुर भजा, चुर्रासकतपुर, रिछोला सबल, रढ़ैता, दौलतपुर हीरा, मुसेली, राजूपुर कुंडरी, चठिया सेवाराम आदि गांव के अलावा बीसलपुर, बिलसंडा और बरखेड़ा कस्बों में काफी ज्यादा फर्जी राशनकार्ड हैं।
बहुत जल्द अभियान चलाकर निरस्त कराए जाएंगे फर्जी राशनकार्ड
फर्जी राशनकार्डों को जांच के बाद निरस्त करने का शासनादेश वर्ष 2017 में ही आ गया था लेकिन अत्यधिक व्यस्तता की वजह से अभी तक अभियान चलाया नहीं जा सका। बहुत जल्द अभियान चलाकर सभी फर्जी राशनकार्ड निरस्त करा दिए जाएंगे। - राकेश गुप्ता एसडीएम बीसलपुर
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आपूर्ति विभाग के अभिलेखों के अनुसार इस तहसील क्षेत्र में डेढ़ लाख से अधिक उपभोक्ताओं के पास राशनकार्ड हैं। आपूर्ति निरीक्षक वीके मिश्रा ने शक होने पर पिछले माह सभी कोटेदारों से उनके गांवों के अपात्र राशन धारकों का सर्वे कराया था, जिसके अनुसार कुल राशनकार्ड धारकों के 10 प्रतिशत यानी करीब 15 हजार राशनकार्ड धारक अपात्र मिले थे। नियमानुसार अपात्र लोगों के राशनकार्ड नहीं बन सकते हैं। करीब 15 हजार फर्जी राशनकार्ड होने की जानकारी होने के बाद भी अधिकारियों ने इनके खिलाफ जांच कराने की जहमत नहीं उठाई है। जिससे फर्जी राशनकार्ड धारक इस कल्याणकारी योजना का लगातार अनुचित लाभ उठा रहे हैं। अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी मौन साधे हुए हैं।
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ऐसे अपात्रों ने बनवा रखे हैं राशनकार्ड
दो मंजिला, तीन मंजिला मकान मालिकों ने, शस्त्र धारकों ने, कार, ट्रैक्टर वालों ने, फार्म हाउस वालों ने, सरकारी कर्मचारियों ने, व्यापारियों ने, पेंशन धारकों ने राशनकार्ड बनवा रखे हैं।
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इन गांवों में है सबसे ज्यादा फर्जी राशनकार्ड
वैसे तो सभी गांवों में फर्जी राशनकार्ड है लेकिन पौटा कला, खमरिया पंडरी, रसायाखानपुर, ईंटगांव, टेहरी, ईंटा रोड़ा, टिकरी, दियोरिया, भंदेंगकंजा, मीरपुर विलासपुर, हरैया, नवदिया सितारगंज, ईंटगांव, करेली, बमरोली, पिपरिया मंडन, ज्योरह कल्याणपुर, मोहम्मदपुर भजा, चुर्रासकतपुर, रिछोला सबल, रढ़ैता, दौलतपुर हीरा, मुसेली, राजूपुर कुंडरी, चठिया सेवाराम आदि गांव के अलावा बीसलपुर, बिलसंडा और बरखेड़ा कस्बों में काफी ज्यादा फर्जी राशनकार्ड हैं।
बहुत जल्द अभियान चलाकर निरस्त कराए जाएंगे फर्जी राशनकार्ड
फर्जी राशनकार्डों को जांच के बाद निरस्त करने का शासनादेश वर्ष 2017 में ही आ गया था लेकिन अत्यधिक व्यस्तता की वजह से अभी तक अभियान चलाया नहीं जा सका। बहुत जल्द अभियान चलाकर सभी फर्जी राशनकार्ड निरस्त करा दिए जाएंगे। - राकेश गुप्ता एसडीएम बीसलपुर