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नेपाली हाथियों ने राहुलनगर में सात एकड़ फसल उजाड़ी
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पूरनपुर (पीलीभीत)। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के हरीपुर के जंगल में होकर राहुलनगर गांव के खेतों में पहुंचे नेपाली हाथियों ने करीब सात एकड़ गन्ने और हल्दी की फसल रौंद डाली। ग्रामीणों ने इकट्ठे होकर शोर मचाकर भगाने की कोशिश की तो उल्टे हाथियों ने लोगों को दौड़ा दिया। भगदड़ में चंदिया हजारा का एक किसान गिरकर घायल हो गया। हाथियों का झुंड देर शाम तक हरीपुर जंगल में देखा गया। हाथी आबादी में न आ जाएं इसको लेकर जंगल से सटे गांवों के लोग दहशत में है।
नेपाल की शुक्ला फांटा सेंचुरी से जंगली हाथियों का झुंड बृहस्पतिवार सुबह पीलीभीत टाइगर रिजर्व के लग्गा-भग्गा क्षेत्र सेे संपूर्णानगर रेंज में होकर हरीपुर जंगल में पहुंचा गया। नेपाली हाथियों का झुंड हरीपुर जंगल से सटे राहुलनगर गांव के खेतों में पहुंच गए थे, लेकिन ग्रामीणों ने इकट्ठे होकर पीपे बजाने के साथ शोर मचाकर हाथियों को जंगल सीमा में दौड़ा दिया था। बृहस्पतिवार शाम को नेपाली हाथियों के जंगल की सीमा पर दोबारा आने का पता लगने पर ग्रामीण इकट्ठे होकर हाथियों को खदेड़ने पहुंचे। ग्रामीणों के मुताबिक लोगों ने शोर मचाना शुरू किया तो गुस्साए हाथी भीड़ पर दौड़ पड़े। हाथियों को अपनी ओर आते देख लोगों में भगदड़ मच गई। भगदड़ में ग्राम चंदिया हजारा निवासी धीमान हलधर जमीन पर गिरकर घायल हो गए। हाथियों के उर की वजह से ग्रामीण अपने घरों को चले गए।
उधर, अंधेरा होने पर हाथियों का झुंड जंगल किनारे स्थित खेतों में जा घुसा। हाथियों ने धीमान हलधर का करीब डेढ़ एकड़ गन्ने की फसल, कृष्णा हलधर की तीन एकड़ जमीन में खड़ा गन्ना और हल्दी की फसल, भगवती मंडल का दो एकड़ गन्ना खाने के साथ पैरों से कुचल दिया। शुक्रवार सुबह खेतों पर पहुंचे किसानों ने फसल रौंदी हुई देखी तो सन्न रह गए। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी, लेकिन हाथियों को भगाने की कोशिश कोशिश वन विभाग की ओर से नहीं की गई, जिससे लोगों आक्रोश है।
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पीटीआर और दुधवा में अलर्ट जारी
नेपाली हाथियों की निगरानी के लिए हरीपुर रेंज के 10-12 वनकर्मियों को लगाया गया है। नेपाली हाथियों के आने को लेकर पीटीआर और दुधवा टाइगर रिजर्व में अलर्ट जारी किया गया है। वन अफसरों का कहना है कि यदि नेपाली हाथी हरीपुर रेंज से वापस नहीं जाते हैं तो पीलीभीत टाइगर रिजर्व, दुधवा टाइगर रिजर्व और किशनपुर सेंचुरी की टीमे हाथियों को खदेड़ेंगी। इधर, हरीपुर रेंज के रेंजर साजिद हसन का कहना है कि हाथियों का झुंड जंगल में ही है। रात को हाथियों के खेतों में पहुंचने से कुछ फसल को नुकसान हुआ है। वनकर्मी लगातार निगरानी कर रहे हैं। उम्मीद है कि हाथी दो-तीन दिन में अपने आप चले जाएंगे।
चंदिया हजारा के प्रधान ने डीएम को भेजा पत्र
चंदिया हजारा के प्रधान वासुदेव कुंडू ने डीएम को पत्र भेजकर हाथियों से क्षेत्रवासियों को निजात दिलाने की मांग की है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि पहले बाढ़ से फसल को नुकसान हुआ। बची हुई फसल को हाथी नष्ट कर रहे हैं। वन कर्मी किसानों को खेतों की रखवाली नहीं करने दे रहे है। प्रधान ने डीएम से हाथियों को भगाने और किसानों को उनकी फसलों के नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा दिलवाने की मांग की है।
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नेपाल की शुक्ला फांटा सेंचुरी से जंगली हाथियों का झुंड बृहस्पतिवार सुबह पीलीभीत टाइगर रिजर्व के लग्गा-भग्गा क्षेत्र सेे संपूर्णानगर रेंज में होकर हरीपुर जंगल में पहुंचा गया। नेपाली हाथियों का झुंड हरीपुर जंगल से सटे राहुलनगर गांव के खेतों में पहुंच गए थे, लेकिन ग्रामीणों ने इकट्ठे होकर पीपे बजाने के साथ शोर मचाकर हाथियों को जंगल सीमा में दौड़ा दिया था। बृहस्पतिवार शाम को नेपाली हाथियों के जंगल की सीमा पर दोबारा आने का पता लगने पर ग्रामीण इकट्ठे होकर हाथियों को खदेड़ने पहुंचे। ग्रामीणों के मुताबिक लोगों ने शोर मचाना शुरू किया तो गुस्साए हाथी भीड़ पर दौड़ पड़े। हाथियों को अपनी ओर आते देख लोगों में भगदड़ मच गई। भगदड़ में ग्राम चंदिया हजारा निवासी धीमान हलधर जमीन पर गिरकर घायल हो गए। हाथियों के उर की वजह से ग्रामीण अपने घरों को चले गए।
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उधर, अंधेरा होने पर हाथियों का झुंड जंगल किनारे स्थित खेतों में जा घुसा। हाथियों ने धीमान हलधर का करीब डेढ़ एकड़ गन्ने की फसल, कृष्णा हलधर की तीन एकड़ जमीन में खड़ा गन्ना और हल्दी की फसल, भगवती मंडल का दो एकड़ गन्ना खाने के साथ पैरों से कुचल दिया। शुक्रवार सुबह खेतों पर पहुंचे किसानों ने फसल रौंदी हुई देखी तो सन्न रह गए। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी, लेकिन हाथियों को भगाने की कोशिश कोशिश वन विभाग की ओर से नहीं की गई, जिससे लोगों आक्रोश है।
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पीटीआर और दुधवा में अलर्ट जारी
नेपाली हाथियों की निगरानी के लिए हरीपुर रेंज के 10-12 वनकर्मियों को लगाया गया है। नेपाली हाथियों के आने को लेकर पीटीआर और दुधवा टाइगर रिजर्व में अलर्ट जारी किया गया है। वन अफसरों का कहना है कि यदि नेपाली हाथी हरीपुर रेंज से वापस नहीं जाते हैं तो पीलीभीत टाइगर रिजर्व, दुधवा टाइगर रिजर्व और किशनपुर सेंचुरी की टीमे हाथियों को खदेड़ेंगी। इधर, हरीपुर रेंज के रेंजर साजिद हसन का कहना है कि हाथियों का झुंड जंगल में ही है। रात को हाथियों के खेतों में पहुंचने से कुछ फसल को नुकसान हुआ है। वनकर्मी लगातार निगरानी कर रहे हैं। उम्मीद है कि हाथी दो-तीन दिन में अपने आप चले जाएंगे।
चंदिया हजारा के प्रधान ने डीएम को भेजा पत्र
चंदिया हजारा के प्रधान वासुदेव कुंडू ने डीएम को पत्र भेजकर हाथियों से क्षेत्रवासियों को निजात दिलाने की मांग की है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि पहले बाढ़ से फसल को नुकसान हुआ। बची हुई फसल को हाथी नष्ट कर रहे हैं। वन कर्मी किसानों को खेतों की रखवाली नहीं करने दे रहे है। प्रधान ने डीएम से हाथियों को भगाने और किसानों को उनकी फसलों के नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा दिलवाने की मांग की है।