{"_id":"60c79e618ebc3ee48c04e008","slug":"civic-amenities-pilibhit-news-bly449805650","type":"story","status":"publish","title_hn":"पर्यटकों के लिए 181 दिन ही खुल सका पीटीआर, आज से हो जाएगा बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पर्यटकों के लिए 181 दिन ही खुल सका पीटीआर, आज से हो जाएगा बंद
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पीलीभीत। पीलीभीत टाइगर रिजर्व का सातवां पर्यटन सत्र भी कोरोना काल की भेंट चढ़ गया। देशी-विदेशी पर्यटक 227 दिन के बजाए मात्र 181 दिन तक ही चूका की हरी वादियों का लुत्फ उठा सके। कोरोना काल के चलते 30 अप्रैल को पर्यटन सत्र बंद होने से वन विभाग को मात्र 26, 07205 रुपये की आमदनी हो सकी। 15 जून यानी मंगलवार को अधिकारिक तौर पर टाइगर रिजर्व के दरवाजे पर्यटकों के लिए बंद हो जाएंगे। अगला पर्यटन सत्र नवंबर से शुरू होगा। डेढ़ माह पहले ही पर्यटन सत्र पर रोक लगने से टाइगर रिजर्व और वन निगम को 20 लाख रुपए से अधिक का नुकसान होने का अनुमान है।
टाइगर रिजर्व की महोफ रेंज में बना इको टूरिज्म स्पॉट, चूका बीच देश ही नहीं बल्कि विदेशी सैलानियों के भी आकर्षण का केंद्र है। टाइगर रिजर्व का सातवां पर्यटन सत्र गत वर्ष पहली नवंबर से शुरू हो गया था। विभागीय अफसरों को उम्मीद थी कि सातवें पर्यटन सत्र में देशी और विदेशी पर्यटकों की संख्या में खासा इजाफा होगा। शुरूआत भी अच्छी हुई थी। पहले दिन टाइगर रिजर्व की ओर से स्कूली बच्चों समेत करीब 800 से अधिक पर्यटकों को नि:शुल्क चूका बीच की सैर कराई गई। इधर जब कोरोना वायरस की दूसरी लहर ने देश में दस्तक दी तो 15 जून तक चलने वाले सातवां पर्यटन सत्र पर 30 अप्रैल को ही रोक लगा दी गई।
गाइडलाइन के मुताबिक पर्यटन सत्र पहली नवंबर से 15 जून तक संचालित किया जाता है, मगर कोरोना की दूसरी लहर के चलते पर्यटन सत्र को भी महज 181 दिन बाद ही बंद करना पड़ा। निर्धारित अवधि से डेढ़ माह पहले पर्यटन सत्र पर रोक के चलते टाइगर रिजर्व और वन निगम को 20 लाख रुपये से अधिक का नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। इधर अब वर्षाकाल के चलते 15 जून से 30 अक्तूबर तक पर्यटकों के लिए टाइगर रिजर्व बंद कर दिया जाता है।
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छह माह मेें कमाए 26.07 लाख
टाइगर रिजर्व के आंकड़ों के मुताबिक एक नवंबर से 30 अप्रैल तक 12984 देशी और दो विदेशी सैलानी आए। इस दौरान 26,07205 रुपये की आमदनी हुई। जबकि पिछले पर्यटन सत्र में 7135 देशी और 13 विदेशी सैलानी जंगल भ्रमण को आए थे और 17,29976 रुपये की आय हुई थी।
कोविड-19 की दूसरी लहर के कारण पीटीआर पर्यटकों के लिए 30 से बंद करना पड़ा था। इस बार कम दिन के लिए टाइगर रिजर्व पर्यटकों के लिए खोला गया। 15 जून को सातवां पर्यटन सत्र समाप्त हो जाएगा।
- नवीन खंडेलवाल, डिप्टी टाइगर रिजर्व
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टाइगर रिजर्व की महोफ रेंज में बना इको टूरिज्म स्पॉट, चूका बीच देश ही नहीं बल्कि विदेशी सैलानियों के भी आकर्षण का केंद्र है। टाइगर रिजर्व का सातवां पर्यटन सत्र गत वर्ष पहली नवंबर से शुरू हो गया था। विभागीय अफसरों को उम्मीद थी कि सातवें पर्यटन सत्र में देशी और विदेशी पर्यटकों की संख्या में खासा इजाफा होगा। शुरूआत भी अच्छी हुई थी। पहले दिन टाइगर रिजर्व की ओर से स्कूली बच्चों समेत करीब 800 से अधिक पर्यटकों को नि:शुल्क चूका बीच की सैर कराई गई। इधर जब कोरोना वायरस की दूसरी लहर ने देश में दस्तक दी तो 15 जून तक चलने वाले सातवां पर्यटन सत्र पर 30 अप्रैल को ही रोक लगा दी गई।
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गाइडलाइन के मुताबिक पर्यटन सत्र पहली नवंबर से 15 जून तक संचालित किया जाता है, मगर कोरोना की दूसरी लहर के चलते पर्यटन सत्र को भी महज 181 दिन बाद ही बंद करना पड़ा। निर्धारित अवधि से डेढ़ माह पहले पर्यटन सत्र पर रोक के चलते टाइगर रिजर्व और वन निगम को 20 लाख रुपये से अधिक का नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। इधर अब वर्षाकाल के चलते 15 जून से 30 अक्तूबर तक पर्यटकों के लिए टाइगर रिजर्व बंद कर दिया जाता है।
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छह माह मेें कमाए 26.07 लाख
टाइगर रिजर्व के आंकड़ों के मुताबिक एक नवंबर से 30 अप्रैल तक 12984 देशी और दो विदेशी सैलानी आए। इस दौरान 26,07205 रुपये की आमदनी हुई। जबकि पिछले पर्यटन सत्र में 7135 देशी और 13 विदेशी सैलानी जंगल भ्रमण को आए थे और 17,29976 रुपये की आय हुई थी।
कोविड-19 की दूसरी लहर के कारण पीटीआर पर्यटकों के लिए 30 से बंद करना पड़ा था। इस बार कम दिन के लिए टाइगर रिजर्व पर्यटकों के लिए खोला गया। 15 जून को सातवां पर्यटन सत्र समाप्त हो जाएगा।
- नवीन खंडेलवाल, डिप्टी टाइगर रिजर्व