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अफसर बन गए संरक्षक, ढाई साल में पूरी नहीं हो सकी जांच
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पीलीभीत। प्रधानमंत्री आवास योजना में पात्रों को दरकिनार कर अपात्रों को लाभान्वित कराने के आरोप में घिरे दो सचिव को बचाने के लिए कुछ जिम्मेदार ही संरक्षक बन गए। नतीजतन लंबा समय बीतने के बाद भी जांच पूरी नहीं हो सकी है। अब कार्रवाई पर सवाल उठे तो जांच अधिकारी ने बीपीएल कार्ड धारकों की सूची तलब की है।
ललौरीखेड़ा ब्लॉक क्षेत्र की एक ग्राम पंचायत से जुड़ी एक शिकायत ढाई साल पहले हुई थी। आरोप था कि तत्कालीन सचिव ने गरीबों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना में बड़े स्तर पर गड़बड़ी की थी। 14 पात्रों के बजाय उनके नाम के ही दूसरे अपात्रों को योजना में लाभान्वित करा दिया था। इस प्रकरण की जांच जिला कार्यक्रम अधिकारी अरविंद कुमार को दी गई थी। इसे लेकर शुरूआत में तो तेजी दिखाई गई, लेकिन बाद में इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था। नतीजतन अभी तक जांच पूरी नहीं हो सकी है। विकास भवन के दो बड़े अफसरों के नाम आरोपी को संरक्षण देने को लेकर चर्चा में हैं। एक अफसर तो आरोपी सचिव के रिश्तेदार भी बताए जाते हैं। ढाई साल से दबी इस जांच को पूरा नहीं किया जा सका है। हालांकि अब जांच अधिकारी बीपीएल कार्ड धारकों की सूची मिलने पर निर्णय का दावा कर रहे हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी अरविंद कुमार ने बताया कि जांच को दबाया नहीं गया है। बीपीएल कार्ड धारकों की सूची तलब की गई है। सूची मिलने पर उसी से मिलान किया जाएगा। सूची मिलने पर जांच को गति मिलेगी।
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ललौरीखेड़ा ब्लॉक क्षेत्र की एक ग्राम पंचायत से जुड़ी एक शिकायत ढाई साल पहले हुई थी। आरोप था कि तत्कालीन सचिव ने गरीबों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना में बड़े स्तर पर गड़बड़ी की थी। 14 पात्रों के बजाय उनके नाम के ही दूसरे अपात्रों को योजना में लाभान्वित करा दिया था। इस प्रकरण की जांच जिला कार्यक्रम अधिकारी अरविंद कुमार को दी गई थी। इसे लेकर शुरूआत में तो तेजी दिखाई गई, लेकिन बाद में इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था। नतीजतन अभी तक जांच पूरी नहीं हो सकी है। विकास भवन के दो बड़े अफसरों के नाम आरोपी को संरक्षण देने को लेकर चर्चा में हैं। एक अफसर तो आरोपी सचिव के रिश्तेदार भी बताए जाते हैं। ढाई साल से दबी इस जांच को पूरा नहीं किया जा सका है। हालांकि अब जांच अधिकारी बीपीएल कार्ड धारकों की सूची मिलने पर निर्णय का दावा कर रहे हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी अरविंद कुमार ने बताया कि जांच को दबाया नहीं गया है। बीपीएल कार्ड धारकों की सूची तलब की गई है। सूची मिलने पर उसी से मिलान किया जाएगा। सूची मिलने पर जांच को गति मिलेगी।
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