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राइस मिलर ने मजदूरों के खाते खुलवाए, निकलवाई सिम और कर दिया धान खरीद में खेल

Sun, 24 Jan 2021 12:53 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 24 Jan 2021 12:53 AM IST
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पीलीभीत। डीएम के निर्देश पर किए जा रहे सत्यापन में धान खरीद में घपलेबाजी करने वालों पर एफआईआर दर्ज होने के बाद एक नया खेल उजागर हुआ है। माधोटांडा थाने में दर्ज रिपोर्ट में नामजद किए गए आरोपियों ने एक राइस मिल मालिक पर संगीन आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि वह तो सिर्फ मिल पर मजदूरी करने गए थे। इस दौरान झांसा देकर उनका बैंक खाता खुलवाया गया। आईडी पर सिम कार्ड निकलवाए गए और फिर उनका इस्तेमाल राइस मिल मालिक ने ही धान खरीद में कर लिया। यह भी बताया कि अभी भी बैंक खाता के पासबुक, चेक बुक और सिम राइस मिल मालिक के ही पास हैं। एसपी से शिकायत कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर कार्रवाई की गुहार लगाई। अभी भले ही उनके आरोपों की सत्यता पता नहीं लग सकी हो, मगर मामला सही मानें तो एक बड़ा खेल उजागर हो गया है।
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कलीनगर तहसील क्षेत्र के कुंवरपुर गांव निवासी ओमप्रकाश पुत्र लालजीत और ज्ञानदीप वर्मा पुत्र राम बहादुर पर बीते दिनों धान खरीद में धोखाधड़ी के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। अब इन दोनों आरोपियों ने खुद को बेकसूर बताते हुए एसपी से शिकायत की है। एसपी को दिए गए शिकायती पत्र में बताया कि उनके नाम पर कोई जमीन नहीं है। 23 सितंबर 2020 को वह कलीनगर क्षेत्र की एक राइस मिल पर मजदूरी करने गए थे। उन्होंने ठेके पर करीब 25 मजदूर लगवाए थे। इसकी सादे कागज पर राइस मिल मालिक से लिखापढ़ी भी हुई थी। इसके बाद राइस मिल मालिक ने पूरनपुर की एक बैंक में ले जाकर उनके समेत 10 मजदूरों के खाते खुलवा दिए थे। चेक बुक पर हस्ताक्षर कराकर अपने पास रख ली थी। कहा था कि उनकी मजदूरी की रकम सीधे खातों में आएगी। फिर उनकी आईडी पर मोबाइल सिम भी निकलवाए, लेकिन सिम उन्हें इस्तेमाल करने को दिए नहीं गए थे। वह मजदूरी करते रहे। इसी बीच उनके नाम से धान खरीद दर्शा दी गई। अब उन पर जब रिपोर्ट दर्ज हुई तो इस धांधली का पता लगा। यह भी कहा कि अभी भी बैंक पासबुक, चेकबुक और उनके नाम से खरीदे गए मोबाइल सिम राइस मिल मालिक के पास ही है। वही इसका इस्तेमाल करते चले आ रहे हैं। मामले की निष्पक्ष जांच कराकर कार्रवाई की मांग की। उधर, माधोटांडा इंस्पेक्टर रामसेवक का कहना है कि दर्ज एफआईआर की विवेचना चल रही है। विवेचना में अगर यह बात निकलकर आती है तो उस पर भी तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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