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महिला अस्पताल के निर्माण में घटिया सामग्री इस्तेमाल करने पर फर्म ब्लैक लिस्टेड

Sun, 25 Oct 2020 02:16 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 25 Oct 2020 02:16 AM IST
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Civic Amenities
पीलीभीत। महिला अस्पताल के निर्माण में मानकों की अनदेखी कर दोयम दर्जे की ईंट लगाने में मैसर्स सिद्धेश्वर इंजीनियर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड इटावा की फर्म ब्लैक लिस्टेड हो गई। पूरनपुर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराने के बाद अब डीएम ने इस फर्म को ब्लैक लिस्टेड घोषित कर दिया। फर्म के हैसियत और चरित्र प्रमाण पत्र निरस्त करने की भी संस्तुति की गई है।
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पूरनपुर में 50 लाख से अधिक की लागत से निर्माणाधीन महिला अस्पताल का मंगलवार को तहसील दिवस में जन सुनवाई करने के बाद औचक निरीक्षण किया था। पहले अस्पताल के निर्माण कार्य में स्थानीय विधायक बाबूराम पास वान भी गड़बड़ी पकड़ चुके थे। डीएम ने अपने निरीक्षण में दोयम दर्जे की ईंट का इस्तेमाल करने समेत मानकों की अनदेखी की कई कमियां पकड़ी थी। उस दिन अस्पताल निर्माण में प्रयुक्त सामग्री की गुणवत्ता में में खेल करने पर नाराजगी जताते हुए डीएम ने कार्रवाई शुरू कर दी थी। एक दिन पहले फर्म पर एफआईआर दर्ज कराई गई थी। डीएम पुलकित खरे ने बताया कि महिला अस्पताल में निर्धारित मानक के अनुरूप निर्माण सामग्री न लगाने पर मैसर्स सिद्धेश्वर इंजीनियर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड इटावा की फर्म ब्लैक लिस्टेड कर दी गई है। फर्म के ठेकेदार धीरज तिवारी ने महिला अस्पताल निर्माण में आर्थिक लाभ प्राप्त करने के लिए शासन की मंशा के विपरीत गुणवत्ता विहीन सामग्री का इस्तेमाल किया। संबंधित फर्म के हैसियत और चरित्र प्रमाण पत्र निरस्त करने की भी संस्तुति की गई है। किसी भी सरकारी भवन के निर्माण कार्य में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
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बस स्टेशन निर्माण में खामियों पर तीन दिन में मांगा जवाब
पीलीभीत मंगलवार को ही डीएम ने पूरनपुर के निर्माणाधीन बस स्टेशन का भी निरीक्षण किया था। यहां भी निर्माणाधीन बिल्डिंग में ईंट और अन्य निर्माण सामग्री की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं मिली थी। इस मामले में डीएम ने उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड के प्रोजेक्ट मैनेजर को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। उसका तीन दिन के भीतर जवाब मांगा गया है। नोटिस में प्रोजेक्ट मैनेजर से पूछा गया है कि आखिर भवन निर्माण में किस वजह से अधोमानक सामग्री इस्तेेमाल की जा रही थी।
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