{"_id":"5d8e4c1e8ebc3e014d681365","slug":"civic-amenities-pilibhit-news-bly377949517","type":"story","status":"publish","title_hn":"सड़क निर्माण में खेल, चेयरमैन ने भुगतान पर लगाई रोक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सड़क निर्माण में खेल, चेयरमैन ने भुगतान पर लगाई रोक
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीलीभीत। नगर पालिका परिषद के ठेकेदार ने शहर की तेल मिल कॉलोनी में सड़क निर्माण में भारी घपला कर दिया। उसने घटिया क्वालिटी की सीमेंट और मानक से बेहद कम सामग्री लगाकर आनन फानन में सड़क बना डाली। शिकायत मिलने पर पालिकाध्यक्ष ने ठेकेदार के भुगतान पर छह माह के लिए रोक लगा दी है। पालिकाध्यक्ष ने ठेकेदार को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है।
नगर पालिका परिषद प्रशासन ने 14वें वित्त आयोग की मद से शहर की तेल मिल कॉलोनी में 114 मीटर लंबे सीसी रोड निर्माण को मंजूरी दी थी। सड़क का निर्माण करीब 9.41 लाख रुपये की लागत से किया जाना था। छह मार्च को सड़क निर्माण का ठेका दिया गया था, लेकिन अमृत योजना के तहत पाइप लाइन बिछाने की वजह से सड़क निर्माण कार्य तय समय पर शुरू नहीं हो सका। बाद में ठेकेदार ने आनन फानन में सड़क का निर्माण पूरा कराया। आरोप है कि ठेकेदार ने सड़क निर्माण में घटिया क्वालिटी की सीमेंट का प्रयोग किया। बाकी सामग्री भी मानक से कम लगाई। इसकी जानकारी होने पर पालिका अध्यक्ष विमला जायसवाल ने जेई इंद्रजीत सिंह को जांच करने के निर्देश दिए हैं। सीमेंट की संदिग्ध गुणवत्ता को देखते हुए पालिकाध्यक्ष ने ठेकेदार के भुगतान पर छह माह तक के लिए रोक लगा दी है।
ठेकेदार द्वारा सड़क निर्माण में घटिया क्वालिटी का सीमेंट और मानक से कम सामग्री लगाने की जानकारी मिली है। ठेकेदार के भुगतान पर छह माह के लिए रोक लगा दी गई है। सड़क छह माह के भीतर क्षतिग्रस्त होती है तो ठेकेदार से दोबारा निर्माण कराया जाएगा। - विमला जायसवाल, अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद
विज्ञापन
विज्ञापन
नगर पालिका परिषद प्रशासन ने 14वें वित्त आयोग की मद से शहर की तेल मिल कॉलोनी में 114 मीटर लंबे सीसी रोड निर्माण को मंजूरी दी थी। सड़क का निर्माण करीब 9.41 लाख रुपये की लागत से किया जाना था। छह मार्च को सड़क निर्माण का ठेका दिया गया था, लेकिन अमृत योजना के तहत पाइप लाइन बिछाने की वजह से सड़क निर्माण कार्य तय समय पर शुरू नहीं हो सका। बाद में ठेकेदार ने आनन फानन में सड़क का निर्माण पूरा कराया। आरोप है कि ठेकेदार ने सड़क निर्माण में घटिया क्वालिटी की सीमेंट का प्रयोग किया। बाकी सामग्री भी मानक से कम लगाई। इसकी जानकारी होने पर पालिका अध्यक्ष विमला जायसवाल ने जेई इंद्रजीत सिंह को जांच करने के निर्देश दिए हैं। सीमेंट की संदिग्ध गुणवत्ता को देखते हुए पालिकाध्यक्ष ने ठेकेदार के भुगतान पर छह माह तक के लिए रोक लगा दी है।
विज्ञापन
ठेकेदार द्वारा सड़क निर्माण में घटिया क्वालिटी का सीमेंट और मानक से कम सामग्री लगाने की जानकारी मिली है। ठेकेदार के भुगतान पर छह माह के लिए रोक लगा दी गई है। सड़क छह माह के भीतर क्षतिग्रस्त होती है तो ठेकेदार से दोबारा निर्माण कराया जाएगा। - विमला जायसवाल, अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद
विज्ञापन