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कांबिंग कर डीएफओं ने खंगाले शिकार से जुड़े साक्ष्य

Sat, 28 Sep 2019 02:21 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 28 Sep 2019 02:21 AM IST
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पीलीभीत। शिकारियों के बिछाए जाल में फंसे तेंदुए के मामले में अफसर अब गंभीर हुए हैं। घटना की हकीकत परखने के लिए शुक्रवार तड़के टाइगर रिजर्व के डीएफओ नवीन खंडेलवाल ने रेंज स्टाफ के साथ सप्तसरोवर से लेकर सेल्हा मजार तक पैदल कांबिंग कर शिकार जुड़े साक्ष्य तलाश किए। इसके अलावा जंगल सीमा से सटे ग्रामीणों से भी संपर्क साधकर जानकारी जुटाई।
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बराही रेंज के अंतर्गत सेल्हा बीट के जंगल से सटे इलाके में मंगलवार को शिकारियों के बिछाए जाल में एक तर तेंदुआ फंस गया था। रास्ते से गुजर रहे ग्रामीणों की तेंदुए पर नजर पड़ी तो इसकी सूचना वन विभाग को दी गई। स्थानीय वनकर्मियों ने मौका मुआयना करने के बाद उच्च अफसरों को अवगत कराया। मौके पर पहुंचे अफसरों की मौजूदगी में योजना बनाकर रेस्क्यू शुरू किया गया। इसके बाद तेंदुए को सुरक्षित पिंजरे में कैद कर लिया गया। बराही रेंज के गेस्टहाउस में पिंजरे में बंद तेंदुए को तीन दिन बाद शुक्रवार सुबह कानपुर चिड़िया घर के लिए रवाना कर दिया गया। इधर घटना की हकीकत परखने के लिए अफसर गंभीर हुए हैं। डीएफओ नवीन खंडेलवाल शुक्रवार सुबह तड़के रेंज स्टाफ के साथ सेल्हा बीट के जंगल में पहुंचे। शिकार से जुड़े साक्ष्य तलाशने के लिए सप्त सरोवर से लेकर सेल्हा बाबा की मजार तक करीब तीन किमी दायरे में पैदल कांबिंग की गई। डीएफओ नवीन खंडेलवाल ने बताया कि घटना की हकीकत परखने के लिए सप्त सरोबर से सात झाल तक कांबिंग कर शिकार से जुड़े साक्ष्य तलाशे गए, लेकिन ऐसा कुछ हाथ नहीं लगा है। ग्रामीणों से भी संपर्क कर जानकारी जुटाई गई है।
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