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वाहन के धक्के से ऊदबिलाव की मौत
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पीलीभीत। जंगल मार्गों पर वाहनों की चपेट में आकर वन्यजीवों की मौत की घटनाएं नहीं रुक रही हैं। शुक्रवार को माला रेंज के अंतर्गत माधोटांडा-पीलीभीत जंगल मार्ग पर तेज रफ्तार से गुजर रहे वाहन की चपेट में आकर ऊदबिलाव वन्यजीव की मौत हो गई। विभागीय कर्मचारियों के न पहुंचने पर वन्यजीव का शव सड़क पर ही पड़ा रहा।
टाइगर रिजर्व के जंगल के अंतर्गत गुजरने वाले अधिकांश मार्ग हाईवे हैं। जिसके चलते वाहनों की गति अनियंत्रित ही रहती है। हालांकि पूर्व में वाहनों की चपेट में आकर वन्यजीवों मौत की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए तत्कालीन डिप्टी डायरेक्टर आदर्श कुमार ने काफी प्रयास किए थे। इसके लिए वन्यजीवों का हवाला देते हुए कई प्रकार के नियम बोर्ड व वन्यजीव की आकृति के बोर्ड भी लगवाए थे। इसके अलावा जंगल सीमा पर स्थित चेकपोस्ट पर तैनात वनकर्मियों को वाहनों की इंट्री करने के आदेश भी दिए थे, लेकिन शुरुआत में तो इसपर अमल हुआ, बाद में सब ठंडे बस्ते में चला गया। नतीजतन तमाम प्रयासों के बाद भी जंगल मार्गों पर वन्यजीव की सुरक्षा खतरे में दिखाई दे रही है।
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टाइगर रिजर्व के जंगल के अंतर्गत गुजरने वाले अधिकांश मार्ग हाईवे हैं। जिसके चलते वाहनों की गति अनियंत्रित ही रहती है। हालांकि पूर्व में वाहनों की चपेट में आकर वन्यजीवों मौत की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए तत्कालीन डिप्टी डायरेक्टर आदर्श कुमार ने काफी प्रयास किए थे। इसके लिए वन्यजीवों का हवाला देते हुए कई प्रकार के नियम बोर्ड व वन्यजीव की आकृति के बोर्ड भी लगवाए थे। इसके अलावा जंगल सीमा पर स्थित चेकपोस्ट पर तैनात वनकर्मियों को वाहनों की इंट्री करने के आदेश भी दिए थे, लेकिन शुरुआत में तो इसपर अमल हुआ, बाद में सब ठंडे बस्ते में चला गया। नतीजतन तमाम प्रयासों के बाद भी जंगल मार्गों पर वन्यजीव की सुरक्षा खतरे में दिखाई दे रही है।
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